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बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र जी महाराज की भविष्यवाणी : Yogesh Mishra

यह भारत का इतिहास रहा है कि जब भी कोई सनातन धर्म की रक्षा के लिए कोई भी प्रभावशाली कदम उठाता है उसे वैश्विक षड्यंत्रकारी किसी न किसी महान संकट में जरूर डाल देते हैं ! फिर वह चाहे आसाराम…

प्रजनन से मनुष्य को मुक्ति : Yogesh Mishra

एक्टोलाइफ प्रजनन कम्पनी कृतिम पध्यति से प्रति वर्ष 30,000 मन चाहे बच्चे पैदा कर सकती है ! इस समय कंपनी के पास 75 लैब हैं जिन्हें जल्द ही 200 से अधिक बना लिया जायेगा ! इस पूरे कॉन्सेप्ट की शुरुआत…

प्रकृति सभी समस्याओं का समाधान है : Yogesh Mishra

 यदि प्रकृति को परिभाषित करना हो तो एक लाइन में कहा जा सकता है कि पंचतत्व का प्रगट स्वरूप ही प्रकृति है !  अर्थात दूसरे शब्दों में कहा जाये कि प्रकृति में जो भी प्रगट स्वरूप इंद्रियों से अनुभूत हो…

पौराणिक शब्दों के मोह ने हिंदुत्व के विकास को रोक रखा है : Yogesh Mishra

 हिंदू धर्म में बहुत से ऐसे शब्द हैं, जिनके विषय में हिंदू यह मानकर चलता है कि यह अंतिम निष्कर्ष का शब्द है ! अब इसमें किसी भी पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है ! जैसे सत्य, तप, त्याग, प्रारब्ध, सुर,…

पाखंडी ध्यान गुरुओं से सावधान : Yogesh Mishra

ध्यान के दो अर्थ होते हैं ! सामान्य प्रचलित भाषा में किसी विषय, वस्तु, व्यक्ति, उद्देश्य पर मन और भाव को केन्द्रित करना ध्यान है ! जिसे हम त्राटक के नाम से भी जानते हैं ! वैष्णव जीवन शैली में…

परजीवी कथावाचक : Yogesh Mishra

सामान्यतया यह कहा जाता है कि अधिवक्ता और राजनीतिज्ञ सबसे अधिक झूठ बोलते हैं ! किंतु मैंने व्यवहार में देखा है कि अपना धंधा चलाने के लिए सबसे अधिक झूठ बोलने का कार्य भगवान के नाम पर कथावाचक करते हैं…

नॉलेज और विजडम में अंतर : Yogesh Mishra

नॉलेज का सामान्य अर्थ सूचना की जानकारी होना है और विजडम का तात्पर्य सूचना के संदर्भ में विवेक पूर्ण अनुभूति होना है ! नॉलेज सामान्य सूचना प्राप्ति और मस्तिष्क का विषय है ! जबकि विजडम आंख, नाक, कान, मस्तिष्क, के…

नाथ परंपरा का तिब्बत से सम्बन्ध : Yogesh Mishra

तिब्बत का प्राचीन नाम त्रिविष्टप है ! तिब्बत प्राचीन काल से ही योगियों और सिद्धों का घर माना जाता रहा है ! पहले यह भारत का हिस्सा था ! 1912 में तिब्बत के 13वें धर्मगुरु दलाई लामा ने तिब्बत को…

नव चिंतकों पर प्रतिबंध लगाता समाज : Yogesh Mishra

 जिस तरह प्रत्येक मनुष्य के बुद्धि का अपना एक स्तर होता है ! ठीक उसी तरह समाज की सामूहिक बुद्धि का भी अपना एक स्तर होता है ! इन दोनों ही तरह के बुद्धियों को विकसित करने का एक क्रम…

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अध्ययन से हमें शान्ति और मोक्ष क्यों नहीं मिलता है : Yogesh Mishra

अब आज के समय का विज्ञान भी मानता है कि आधुनिक मानव यानि होमो सेपियंस यानि हम लोग इस धरती पर सबसे पहले अफ्रीका क्षेत्र में 3,00,000 साल पहले दिखाई दिये थे ! जिन्हें हम प्रकृति प्रिय शैव संस्कृति का…