शिव सहस्त्रार ग्रन्थ का महत्व : Yogesh Mishra

शिव सहस्त्रार एक तमिल भाषा में श्रुति और स्मृति के आधार पर संग्रहित किया गया ऐसा ग्रंथ है, जो राम रावण युद्ध के बाद विलुप्त हो गया ! लेकिन इसका बहुत बड़ा अंश तमिल लोकगीतों में बहुत समय तक चर्चा…

शिव सहस्त्रार एक तमिल भाषा में श्रुति और स्मृति के आधार पर संग्रहित किया गया ऐसा ग्रंथ है, जो राम रावण युद्ध के बाद विलुप्त हो गया ! लेकिन इसका बहुत बड़ा अंश तमिल लोकगीतों में बहुत समय तक चर्चा…

अंग्रेजों द्वारा स्थापित किये गये स्कूलों का एक मात्र उद्देश्य था कि अंग्रेज सरकार के लिए बौद्धिक मजदूर पैदा करना ! जिनसे अंग्रेज कानून, तकनीक, प्रशासन सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में अपने लाभ के लिये कार्य ले सकें !…

मनोवैज्ञानिकों की अवधारणा है कि कोई भी व्यक्ति यदि निरंतर एक ही समय पर 40 दिन तक कोई भी क्रिया करता है, तो उस मनुष्य के अंदर उस क्रिया को निरंतर करते रहने का अभ्यास हो जाता है ! जिसे…

आपरिपक्व वैष्णव लेखकों का मत है कि कलयुग में व्यक्ति की बुद्धि और सामर्थ्य कम हो जाने के कारण व्यक्ति मात्र भक्ति के द्वारा ही ईश्वर को प्राप्त कर सकता है ! यह दर्शन या विचारधारा पूरी तरह से अपूर्ण…

क्या आप जानते हैं कि हम गरीब नहीं हैं बल्कि हमें योजनाबद्ध तरीके से गरीब बनाये रखा गया है और हमें गरीब बनाये रखने में हमारे ही द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधि जानबूझकर इस तरह की योजनाएं बनाते हैं कि हमारा…

इस पृथ्वी का सबसे पहला नक्शा ईसा से 9,323 पूर्व सूर्य सिद्धान्त के आधार पर रावण के ससुर अर्थात मंदोदरी के पिता असुर राज राजा मय द्वारा बनाया गया था ! इसी तरह इसी के समकालीन रावण के भाई कुंभकरण…

वैसे तो बहुत ही कम लोग जानते हैं कि धर्म और अध्यात्म दोनों अलग-अलग विषय है ! धर्म समाज को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए बनाये गये नियमों का समूह है और अध्यात्म विशुद्ध आत्म उत्थान का विषय है…

आपने बहुत बार यह महसूस किया होगा कि जब आप शहर से दूर कहीं किसी बड़े पार्क में या जंगल की तरफ यात्रा करते हैं, तो आपके अंदर स्वत: ही स्फूर्ति का विकास होने लगता है अर्थात कहने का तात्पर्य…

प्रकृति ने समाज के हर व्यक्ति के लिए हर वस्तु सहज ही उपलब्ध करवाई है ! जिसे दूसरे शब्दों में कहा जाये कि प्रकृति के द्वारा उपलब्ध हर वस्तु पर हर व्यक्ति का समान अधिकार है ! किंतु समाज को…

विशेष : इस लेख को बस सिर्फ शैव विचारक ही पढ़ें ! रावण ने कभी भी धन की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी की आराधना नहीं की ! जबकि लक्ष्मी रावण के परम मित्र दक्षिण भारत के तटीय राजा सागर की…