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भारत के आर्थिक आधार को नष्ट करने का षडयंत्र : Yogesh Mishra

वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में केंद्र सरकार में कुल 33 लाख सरकारी कर्मचारी हैं ! जिसमें लगभग 6,500 आई.ए.एस. अधिकारी हैं !  इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बाद भी भारत सरकार के लगभग सभी उपक्रम घाटे में…

भगवान शिव के सिर की गंगा का अपहरण : Yogesh Mishra

पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्मा जी के कमंडल से निकली जल देवी गंगा को भगवान शिव ने अपनी जटाओं में रोक लिया और फिर और वैष्णव के सूर्यवंशी महाराजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष देने हेतु उन्हीं के…

भगवान मूर्ख नहीं है : Yogesh Mishra

 जैसा कि हम सभी जानते हैं की घटना और शब्दों की ऊर्जा सदैव ब्रह्मांड में तैरती रहती है ! यदि किसी व्यक्ति ने किसी व्यक्ति के विषय में कोई ऐसी बात कही है, जो घटना की ऊर्जा से तालमेल नहीं…

भगवान को विद्वानों से नफरत क्यों है ? : Yogesh Mishra

 गंभीरता से विचार करने पर यह निष्कर्ष निकलता है कि हर युग में भगवान अपने विचारधारा के विपरीत विचार रखने वाले विद्वानों से नफरत करते रहे हैं ! जिसके कुछ उदहारण निम्न हैं !  सतयुग में महर्षि भृगु को ही…

भगवान के काले और सफेद होने का रहस्य : Yogesh Mishra

भगवान शिव के संदर्भ में कहा जाता है ! कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। अर्थात भगवान शिव जो कपूर के समान सफ़ेद हैं ! वही भगवान विष्णु के लिये कहा जाता है ! शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम् | विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं…

भगवान कहीं नहीं है : Yogesh Mishra

दुनिया के सारे धर्म ग्रंथ मानव द्वारा निर्मित हैं ! सभी मंत्र, चालीसा, स्त्रोत, पुराण, उपनिषद, दर्शन, वेदान्त आदि सभी कुछ मनुष्य ने अपनी अनुभूति और समझ के आधार पर निर्मित किये हैं ! इन सभी धर्म ग्रंथों के निर्माण…

ईश्वर की प्राप्ति के लिये किसी भक्ति की आवश्यकता नहीं है : Yogesh Mishra

वैष्णव ढोंगीयों ने ईश्वर की प्राप्ति का माध्यम भगवान की भक्ति को बतलाया है ! इसीलिए वैष्णव लोग ईश्वर की प्राप्ति के लिए भगवान भजन पर बहुत दबाव बनाते हैं ! जबकि सच्चाई यह है कि ईश्वर की प्राप्ति के…

ब्राह्मण ब्राह्मण ही है : Yogesh Mishra

 ब्राह्मण अनादि काल से अपने धर्म और राष्ट्र का रक्षक रहा है ! जब भी कभी देश पर कोई बड़ी विपत्ति आयी है तब ब्राह्मण ही था ! जिसने आकर देश को संभाला है ! फिर वह चाहे पुष्यमित्र शुंग…

बिना गृहस्थ भोग के ब्रह्मचारी होना संभव नहीं है : Yogesh Mishra

इस पृथ्वी पर प्रत्येक जीव की तरह मनुष्य भी, एक पशु ही है ! जो निरंतर आनंद के भ्रम में सुख की खोज करता रहता है ! जीवनी ऊर्जा के नाभि चक्र से अधोगामी होने पर मनुष्य को जो सुख…

वेदों में पृथ्वी को मां क्यों कहा गया है : Yogesh Mishra

वैज्ञानिक विश्लेषण आज जो पृथ्वी पर जीवन है ! वह पृथ्वी के सहयोग से है ! अगर जीवों के साथ पृथ्वी का सहयोग न होता तो शायद अन्य ग्रहों की तरह यह पृथ्वी भी वीरान ग्रह के रूप में होती…