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रावण के विश्वासघाती रिश्तेदार : Yogesh Mishra

रक्ष संस्कृति का स्वामी रावण महापंडित था ! उसकी अपनी विशाल सेना थी ! जिसमें दूसरे लोक के सैनिक भी थे ! उसने कई युद्ध लड़े थे ! भगवान राम ने इन्द्र के उकसाने पर 300 से अधिक वैष्णव राजाओं…

रावण के नाभी में अमृत होने का रहस्य

रावण ने ब्रह्मा जी से अमृत ज्ञान का वरदान मांगा था और उस ज्ञान से निर्मित उस सिद्ध अमृत को उसने अपनी नाभि में रख लिया था ताकि उसकी मृत्यु न हो सके ! इसी सिद्ध अमृत साधना से उसके…

रावण की तप स्थली रही है कैलाश पर्वत का राक्षस ताल : Yogesh Mishra

राक्षसताल तिब्बत में एक झील है जो मानसरोवर और कैलाश पर्वत के पास, उनसे पश्चिम में स्थित है ! कैलाश मानसरोवर का पानी मीठा है पर राक्षसताल का खारा है ! मानसरोवर में मछलियों और जलीय पौधों की भरमार है…

रावण का सिद्धांतवादी चरित्र : Yogesh Mishra

आर्यों से बहिस्कृत करोड़ों व्यक्तियों को जब पूरी दुनियां में किसी ने आश्रय नहीं दिया, तब उन्हें आश्रय और संरक्षण ही नहीं, सम्मान के साथ भर पेट भोजन और आधुनिकतम सुविधा देकर “रक्ष संस्कृति” का निर्माण करने वाला रावण खलनायक…

रावण का महल : Yogesh Mishra

श्रीलंका का त्रिकुट पर्वत जिसे अब सिगिरिया पर्वत कहा जाता है ! वहां पर रावण का महल था ! जिसे वामपंथी इतिहासकारों ने मिथ्या साबित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी  ! आप बाल्मीकि रामायण के सुन्दर काण्ड में जैसे…

रावण का दयालु चरित्र : Yogesh Mishra

स्वयं महर्षि वाल्मीकि ने रावण की प्रशंसा करते हुये कहा है कि उनमें दस गुण थे ! जो उसके दस सिर का प्रतीक थे ! उनके अनुसार रावण महापंडित, महायोद्धा होने के साथ साथ सुन्दर, दयालु, तपस्वी, उदार हृदय के…

रामायण में उत्तर कांड अलग से लिखा गया क्यों मालूम पड़ता है : Yogesh Mishra

प्रथम अध्याय के आरम्भ में ही 1/4/1 पर यह स्पष्ट लिखा है कि “भगवान् राम के राज्याभिषेक के बाद वाल्मीकि ने इन विवरणों को एक साथ 24,000 श्लोकों तथा 500 सर्गों में विभाजित कर छः कांडों में लिखा !” दूसरी…

रामदेव के विवाद का रहस्य : Yogesh Mishra

आजकल रामदेव का एक एन.जी.ओ. से हुआ विवाद सुर्ख़ियों में छाया हुआ है ! सारे अखबार, पत्र-पत्रिका, टी.वी. चैनल अब करो ना से हुई मौतों को गिनाने की जगह रामदेव के इस विवाद को तूल दे रहे हैं ! आज…

राम रावण युद्ध का अज्ञात इतिहास : Yogesh Mishra

सभी वैष्णव इतिहासकारों ने राम को मर्यादा पुरुषोत्तम और रावण को खलनायक बतलाया ! जबकि यह मात्र उस युद्ध का परिणाम था, जो इंद्र के अहंकार के कारण हुआ था ! उस समय पृथ्वी पर अनेक संस्कृतियों अपने-अपने तरीके से…

राम राज्य से भी बेहतर था भरत का शासन : Yogesh Mishra

सामान्यतया जब कभी क्षेष्ठ शासन व्यवस्था की बात चलती है तो कहा जाता है कि समाज को राम राज्य चाहिए क्योंकि भगवान श्री राम के शासन नीतियों को इतना आदर्श माना गया है कि आज तक उन नीतियों की असहजता…