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नवार्ण मंत्र की दिव्य शक्ति का रहस्य : Yogesh Mishra

गुप्त नौरात्रि पर विशेष लेख ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाऐ विच्चे यह शाब्दिक नौ अक्षरा मंत्र है ! इसका अर्थ नवार्ण नव और अर्ण के युग्म सेबना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है नौ अक्षर से बना हुआ  ! इसीलिये ऊं…

नंदी का तात्पर्य बैल नहीं है : Yogesh Mishra

सुमेरियन, बेबीलोनिया, असीरिया और सिंधु घाटी की खुदाई में भी बैल की मूर्ति पाई जाती है जिसे शिव भक्त प्राय: नंदी कह देते हैं ! जबकि नंदी बैलों में एक ब्राण्ड मात्र है ! जिसके नश्ल सुधार का काम बनारस…

ध्यान प्रक्रिया में बदलाव की जरुरत क्यों है : Yogesh Mishra

ध्यान प्रक्रिया हर देश काल परिस्थिती में अलग अलग समय पर अलग अलग रहीं हैं ! आधुनिक मनुष्य का मन मस्तिष्क प्राचीन काल से अलग है ! आज का बदला हुआ चित्त एक बहुत ही नयी घटना है ! कोई…

धर्म और रिलीजन अंतर : Yogesh Mishra

प्राय: देखा गया है कि भारतीय भाषा के शब्द धर्म को मजहब, पंथ, मत या संप्रदाय, रिलीजन के समकक्ष माना जाता है ! जबकि धर्म का अर्थ समाज का वह नियम समूह जिसे समाज ने सामान्य स्वीकृति से धारण अर्थात…

धन का लक्ष्मी से कोई संबंध नहीं है : Yogesh Mishra

 आज दुनिया के किसी भी संपन्न देश में कोई भी संपन्न व्यक्ति हिंदुओं को छोड़कर लक्ष्मी की पूजा नहीं करता है ! फिर भी पूरी दुनिया की संपन्नता का 80% पैसा ऐसे लोगों के पास है, जिन्होंने कभी भी लक्ष्मी…

दुनिया आखिर विद्वानों से इतना डरती क्यों है : Yogesh Mishra

 विषय बहुत सामान्य सा है, लेकिन गंभीर है ! मनुष्य जानवर के मुकाबले उत्तरोत्तर क्रमबद्ध विकास करता है ! इसीलिए आज मनुष्य ने आज हर तरह के जीव-जंतु, पशु-पक्षियों पर अपना नियंत्रण बना लिया है !  इसी नियंत्रण की इच्छा…

दरिद्रता में आदर्श का षड्यंत्र : Yogesh Mishra

 क्या आपने कभी विचार किया कि भारत में निर्मित सभी फिल्म और टीवी सीरियल में भारत को दिशा देने वाले गुरुकुलों के आचार्यों को सदैव घास फूस की कुटिया में जमीन पर चटाई बिछा कर बैठे हुए क्यों दिख लाया…

द कश्मीर फाइल्स के गुप्त रहस्य : Yogesh Mishra

कोई ब्राह्मण को लाख गाली दे लेकिन राष्ट्र हित में ब्राह्मणों से अधिक रिस्क लेने वाला कोई नहीं हो सकता है ! इसका सबसे बड़ा उदहारण फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” है ! जिसके लिये पीड़ित कश्मीरी पंडितों ने कई बार…

तांत्रिक हमले में नाड़ी की गति तेज क्यों हो जाती है : Yogesh Mishra

प्रत्येक व्यक्ति के शरीर के संचालन का अपना एक निश्चित क्रम होता है ! हमारे शरीर में बहुत से ऊर्जायें प्रत्यक्ष्य और अप्रत्यक्ष्य रूप में निवास करती हैं जो शरीर संचालन के लिये विभिन्न तरह के रसायनों का निर्माण करते…

तंत्र ही सृष्टि का आनादि और प्राचीनतम ज्ञान है : Yogesh Mishra

तंत्र को मूलत: भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को बतलायी गयी वह गुप्त विद्ध्य है जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी आत्मा और बुद्धि को बंधन मुक्त कर के शरीर और मन को शुद्ध कर लेता है ! शैव तंत्र की उपयोगिता…