ध्यान का जीवन में महत्व : Yogesh Mishra

एक सच्चा ध्यान करने वाला व्यक्ति, तभी ध्यान में स्थित कहा जा सकता है, जब उसका मन कामनाओं और वासनाओं के द्वारा विक्षुब्ध होकर, इधर- उधर न भटक रहा हो ! जब तक किसी व्यक्ति की विषयभोग की इच्छाएँ हैं,…

एक सच्चा ध्यान करने वाला व्यक्ति, तभी ध्यान में स्थित कहा जा सकता है, जब उसका मन कामनाओं और वासनाओं के द्वारा विक्षुब्ध होकर, इधर- उधर न भटक रहा हो ! जब तक किसी व्यक्ति की विषयभोग की इच्छाएँ हैं,…

साम्राज्यवाद की दौड़ में भारत को जीत लेने के बाद भारत के मूल चरित्र पर जब इंग्लैंड के समाजवादियों ने चिंतन किया तो यह पाया कि भारत का सामाजिक ढांचा इतना विकृत है कि यहां पर आने के बाद इंग्लैंड…

विज्ञान के प्रगति के साथ-साथ व्यक्ति के सोचने, समझने, विचार करने के तरीके में भी बहुत तेजी से परिवर्तन आया है ! आज व्यक्ति तथाकथित धर्म के मूल सिद्धांतों का विश्लेषण आज के विज्ञान के चश्मे से करना चाहता है…

ईश्वर ने कार्य कारण की व्यवस्था के तहत सृष्टि का निर्माण किया है ! जिसे जीव और प्रकृति मिलकर कार्य कारण की व्यवस्था के तहत चलाते हैं ! इस कार्य कारण की व्यवस्था को न तो देवता बदल सकता है…

शैव जीवन शैली में संन्यास का सीधा सा तात्पर्य जो भगवान के बनाये हुये संसार को में एक न्यासी के रूप में अपना जीवन यापन करता हो ! अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि ईश्वर की सृष्टि ईश्वर ही…

दीपावली के शुभ अवसर पर प्रतिवर्ष की तरह संस्थान में शास्त्रीय विधि के अनुसार श्री यंत्र को जागृत किया जा रहा है ! साथ में मंत्र जप के लिए एक असली स्फटिक की माला भी भेंट की जायेगी ! जो…

प्रायः दिखाया जाता है कि भगवान राम, कृष्ण आदि जैसे महान योद्धा सामान्य तीर-कमान, चक्र, गदा, तलवार, आदि से बड़े-बड़े युद्ध किया करते थे ! जबकि दूसरी तरफ यह भी बतलाया जाता है कि जिन तीर कमानों से वह युद्ध…

तंत्र के प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है कि ध्यान ही तीसरी आँख का भोजन है ! यह तीसरा नेत्र ध्यान के आभाव में जन्मों-जन्मों से भूखा है ! यही हमारे जीवनी ऊर्जा के पतन का कारण है ! यदि…

यह शास्त्रीय अवधारणा है कि तर्पण में पूर्वजों को अर्पित किया जाने वाले जल में दूध, जौ, चावल, तिल, चंदन, फूल आदि से हमारे पूर्वज तृप्त होकर हमें आशीर्वाद देते हैं ! इसके लिये कुशा के सहारे से जल की…

पूरे विश्व में जब उपनिवेशवाद की शुरुआत हुई और लोग हथियार लेकर दुनियां को जीतने निकल पड़े ! तब दुनियां ने जल्द जीत की इच्छा से हथियारों के विज्ञान का विकास हुआ ! विज्ञान के इस विकास के साथ ही…