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चीन के राष्ट्रवादी की कम्युनिस्ट यात्रा : Yogesh Mishra

1911 में चीन में एक राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक क्रांति हुई और किंग राजवंश को उखाड़ फेंका गया और उसके स्थान पर चीन एक गणतंत्र के रूप में जाना गया ! शिन्हाई विकास, जैसा कि इसे कहा जाता था ! चीन में…

गाँधी का स्त्रियोचित आन्दोलन : Yogesh Mishra

गांधी स्वयं को कष्ट देकर दूसरे पर दबाव बने की स्त्रियोचित आन्दोलन व्यवस्था की कला के आविष्कारक नहीं थे बल्कि यह उनके गुजराती परिवार महिलाओं द्वारा सदियों से इस्तेमाल की जाने वाले संस्कार की अभिव्यक्ति मात्र थी ! गुजरात कभी…

गाँधी का धर्मांतरण : Yogesh Mishra

महात्मा गांधी का बड़ा बेटा हरिलाल गाँधी 27 जून 1936 को नागपुर में इस्लाम कबूल करके मुसलमान बन गया था और 29 जून 1936 को उसने मुंबई में इसकी सार्वजनिक घोषणा की थी कि वह अब हरिलाल गांधी नहीं बल्कि…

क्या गरीबी उन्मूलन की सभी योजनाएँ हमें और भी गरीब बनती हैं : Yogesh Mishra

वैश्विक तानाशाहों से निडर होकर श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा था कि भारत गरीबों का देश हो सकता है किंतु भारत स्वयं में गरीब नहीं है, क्योंकि श्रीमती इंदिरा गांधी का यह मत था कि भारत के अंदर व्याप्त सभी…

क्या विश्व में जैविक युद्ध शुरू हो गया है : Yogesh Mishra

जैविक हथियारों में वायरस, बैक्टीरिया, फंगी जैसे सूक्ष्म जीवों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है ! यह सभी मानवता और प्रकृति के लिये बेहद खतरनाक साबित होते हैं क्योंकि आमतौर पर शुरुआत में तो इसका पता नहीं चलता…

क्या भारत में 15 जून से लग सकता है पुन: लाकडाउन : Yogesh Mishra

चीन पर विश्व सत्ता द्वारा फिर क रोना का जैविक हमला हुआ है ! जिसमें चीन में पिछले 24 घंटे में लगभग पांच हजार नये मामले सामने आए हैं ! चीन में संक्रमित हुए अधिकतर लोग ओमिक्रोन के सब-वेरिएंट स्टेल्थ…

कॉम्युनिस्ट अफ़ीम का घातक जहर : Yogesh Mishra

“दो क्लास के बीच पहले अंतर दिखाना, फ़िर इस अंतर की वजह से झगड़ा करवाना और फ़िर दोनों ही क्लास को ख़त्म कर देना ! जिससे किसी भी देश का आर्थिक विकास रुक जाता है ! यह साम्राज्यवादी शक्तियों का…

भगवान श्री कृष्ण का ब्रह्म तत्व स्वरूप : Yogesh Mishra

कहने को तो भगवान श्री कृष्ण के विराट व्यक्तित्व का बखान करने के लिये दो ही प्रमाणिक ग्रंथ हैं, जो कि उनके समकालीन लेखक श्री वेदव्यास जी द्वारा लिखे गये थे । पहला महाभारत और दूसरा श्रीमद् भागवत पुराण ।…

कुम्भ की प्राचीनता : Yogesh Mishra

यूं तो कुम्भ पर्व शताब्दियों से भारत के चार नगरों में, जो कि चार दिशायों में विभिन्न नदियों के किनारे बसे हैं, धार्मिक स्नान पर्व के रुप में मनाया जा रहा है ! पर इसका ऐतिहासिक और प्रामाणिक दस्तावेज बहुत…

ओशो भविष्य का धर्म गुरु : Yogesh Mishra

हर महापुरुष वक्त से पहले पैदा हुआ इंसान होता है ! यह किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं बनाया जा सकता है ! जिन व्यक्तियों में ईश्वर द्वारा भविष्य देखने का सामर्थ होता है और उस भविष्य को सरल शब्दों में…