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समपन्नता के लिये मात्र सोच बदलीये बस ! : Yogesh Mishra

 “गरीबी बहुत-सी आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है इसलिए अपनी गरीबी की समस्या को हल करने के लिए स्वयं की सोच पर सर्वाधिक कार्य करने की जरूरत है ! भारत में गरीबी सदैव से एक बड़ी चुनौती बनी रही है !…

सभी धर्म ग्रन्थ परमात्मा की प्रार्थना से ही क्यों शुरू होते हैं : Yogesh Mishra

जीवन में सत्य को खोजने के दो ही मार्ग हैं ! एक विज्ञान का मार्ग है ! आक्रमण, हिंसा, शोध, छीना-झपटी अर्थात संवेदना और भावना विहीन मार्ग और दूसरा स्वीकार्य और समर्पण का मार्ग ! सनातन धर्म के अनुसार यदि…

सभी धर्मग्रन्थ व्यर्थ हैं  : Yogesh Mishra

 धर्मशास्त्र शब्द पर आधारित सूचना के संग्रह से अधिक और कुछ नहीं हैं ! क्योंकि शब्दों में विराट ईश्वर नहीं समा सकता वह विशुद्ध अनुभूति का विषय है और शास्त्रों के शब्द मात्र हमारे मार्गदर्शक हैं, लेकिन साधना और अनुभूति…

शिव सहस्त्रार ज्ञान के अतिरिक्त सृष्टि के सभी धर्म ग्रन्थ अधूरे हैं : Yogesh Mishra

 शैव जीवन शैली में भगवान शिव ने रावण की योग्यता, क्षमता, प्रतिभा और पात्रता को देखते हुये, जो संपूर्ण सृष्टि का ज्ञान रावण को शिव सहस्त्रार ज्ञान के रूप में दिया था ! वह जीव कल्याण के लिये एकमात्र अपने…

संबंधों के बंधन का यथार्थ : Yogesh Mishra

 सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते करते मनुष्य कब संबंधों के बंधन में बंध जाता है ! उसे पता ही नहीं चलता है !  प्रायः देखा जाता है कि आपके जन्म लेते ही आपके दर्जनों संबंध समाज में स्वत: विकसित हो…

संपन्नता का महाविज्ञान

विशेष सत्र संपन्न होना एक कला है ! जो लोग संपन्न होने की युक्ति को नहीं जानते हैं, वह निश्चित रूप से योग्य और शिक्षित होने के बाद भी परिश्रम करके गरीबी ही रह जाते हैं !  अर्थात मेरे कहने…

शैव और वैष्णव योगी में अंतर : Yogesh Mishra

भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद भगवत गीता के छंठे अध्याय के अठारहवे श्लोक में कहा है कि – यदा विनियतं चित्तमात्मन्येवावतिष्ठते !! निःस्पृहः सर्वकामेभ्यो युक्त इत्युच्यते तदा॥ 6/18 अर्थात्- जब (यदा), विशेष रूप से संयत किया हुआ (विनियतं), चित्त (चित्तम्),…

शिव सहस्त्रार वेबनार में आपका स्वागत है : Yogesh Mishra

भगवान शिव द्वारा रावण को परा-अपरा विद्या के सत्य के रहस्य को बतलाने के लिये जो सूत्र स्वयं दिये गये थे ! जिनसे वैष्णव लेखकों ने 100 से अधिक ग्रंथों का निर्माण किया है ! उन्हीं सूत्रों की व्याख्या पर…

शिव सहस्त्रार ज्ञान पर विशेष सत्र : Yogesh Mishra

 शैव जीवन शैली में मुक्ति की प्राप्ति के लिये भगवान शिव द्वारा रावण को जो तत्वज्ञान दिया गया था, जिससे रावण प्रकांड ब्राह्मण ही नहीं बना बल्कि उसने परम मुक्ति की अवस्था में अमृत्व को भी प्राप्त कर लिया था…

शिव सहस्त्रार ज्ञान साधना ही सर्वश्रेष्ठ है : Yogesh Mishra

शिव सहस्त्रार ज्ञान साधना स्वयं में संपूर्ण साधना है ! इस साधना को करने वाले मानव साधक को अपने कल्याण के लिये किसी भी अन्य सहयोगी साधना पद्धति की आवश्यकता नहीं है !  यह ज्ञान परंपरा मनुष्य का कल्याण इस…