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आपका संस्कार ही आपका भगवान है : Yogesh Mishra

 वैष्णव जीवन शैली में एक अवधारणा यह भी है कि “होई है वही जो राम रचि राखा” अर्थात इस दुनिया में आपके साथ जो कुछ भी होना है, उसे ईश्वर ने पहले से ही लिख रखा है या दूसरे शब्दों…

हिन्दू धर्म के आधारहीन व्याख्याकार : Yogesh Mishra

आज हिंदू समाज में सबसे बड़ी दिक्कत यह हो रही है कि हिंदू धर्म के नये व्याख्याकार परंपरागत हिंदू धर्म के प्रवक्ताओं के लिये आधुनिक विज्ञान का सहारा लेकर चुनौती बनते जा रहे हैं !  और हिंदू धर्म के परंपरागत…

स्वतंत्र विचारकों को आतंकवादी घोषित करने की तैयारी : Yogesh Mishra

 2019 के बाद जिस तरह वैक्सीन का विरोध कुछ डॉक्टर और चिंतकों द्वारा किया गया ! उसको लेकर 7 फरवरी 2022 में अमेरिका की संसद के अंदर एक बिल लाया गया ! जिसमें उपलब्ध तथ्यों का गहराई से अध्ययन करने…

अष्टावक्र गीता का सार : Yogesh Mishra

 “अष्टावक्र गीता” का आरंभ राजा जनक द्वारा पूछे गये तीन प्रश्नों से होता है ! 1. ज्ञान कैसे होता है ? 2.  मुक्ति कैसे होती है ? 3. वैराग्य कैसे होता है ? सभी आध्यात्मिक व्यक्तियों के अनादि काल से…

अवतारवाद का विज्ञान : Yogesh Mishra

 अवतार के विषय में कोई भी चर्चा करने के पहले यह जान लेना बहुत आवश्यक है कि अवतार का वर्णन न तो वेदों में मिलता है और न ही वेदांत में !  इसी तरह अवतार का वर्णन न तो सनातन…

अपने बचत का पैसा कहां सुरक्षित रखें : Yogesh Mishra

 हर व्यक्ति बहुत ही परिश्रम से पैसे कमाता है और बैंक में अकाउंट खोल कर या एफ.डी.आर. आदि के माध्यम से उस कमाये हुए पैसे का एक अंश बचाता है ! लेकिन ज्ञान के अभाव में आज व्यक्ति यह नहीं…

अति धार्मिकता ही हमारे सर्वनाश का कारण है

 यह एक कठोर सत्य है कि जब भी समाज में धर्म और भौतिकता का असंतुलन हुआ है, तब समाज अपने विनाश की ओर बढ़ गया है !  इसे दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि कोई भी…

अज्ञात भय आप के विकास में बाधक है : Yogesh Mishra

 प्रायः देखा जाता है कि कुछ व्यक्तियों में जन्मजात अज्ञात भय की शिकायत मिलती है ! जिसका कोई कारण नहीं होता है लेकिन व्यक्ति फिर भी लोगों से, समाज से, रिश्तेदारों से, मित्रों से, अपने टीचर या माता-पिता से अनावश्यक…

हिमालय का रहस्य भोटिया कुत्ता : Yogesh Mishra

 भगवान शिव का नाम लेते ही शिव के विश्वसनीय गण भैरव जी महाराज का नाम स्वत: ही जवान पर आ जाता है ! भैरव का पर्याय एक विशेष नस्ल का हिमालय का भोटिया कुत्ता माना जाता है ! जो कैलाश…

हिन्दुओं को धार्मिक साहित्य लिखने की जरुरत क्यों पड़ी : Yogesh Mishra

हिंदू धर्म के पवित्र ग्रन्थों को दो भागों में बाँटा गया है- श्रुति और स्मृति ! श्रुति (शाब्दिक अर्थ “सुना हुआ” है) संस्कृत ग्रंथों का एक वर्ग है जिसे रहस्योद्घाटन के रूप में माना जाता है ! वहीं स्मृति (शाब्दिक…