दो दुर्गा के साक्षात् दर्शन : Yogesh Mishra

आज मैं अपने परिवार के साथ लखनऊ के सबसे विकसित देवी दुर्गा पूजन के पंडाल पर माता के दर्शन करने गया था ! वहां संयोग से दो दुर्गा के दर्शन हुये ! एक तो देवी मां के रूप में विराजमान…
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आज मैं अपने परिवार के साथ लखनऊ के सबसे विकसित देवी दुर्गा पूजन के पंडाल पर माता के दर्शन करने गया था ! वहां संयोग से दो दुर्गा के दर्शन हुये ! एक तो देवी मां के रूप में विराजमान…

यह प्रश्न हमेशा से मुझे कचोटता था कि आखिर देश के बंटवारे के समय कश्मीर से खींची गई रेखा ने जब कश्मीर, पंजाब, राजस्थान को दो हिस्से में बांट दिया तो गुजरात के ऊपर थारपारकर जिला, सिंध, पाकिस्तान से यह…

मनुष्य ने अपने सामाजिक गिरोह बनाने के लिये हजारों तरह की ध्यान पद्धतियां विकसित की हैं और मनुष्य का यह अप्राकृतिक कार्य मानव सभ्यता के विकसित होने के साथ-साथ ही आरंभ हो गया था ! इसीलिए मनुष्य में हजारों तरह…

न्याय दर्शन कहते हैं कि वेदों की रचना ईश्वर ने की है ! क्योंकि यह मानवीय नहीं हो सकते हैं ! सांख्य दर्शन कहा कि वेदों की रचना ईश्वर ने भी नहीं की है ! वेद प्राकृतिक हैं ! प्रकृति…

प्राय: लोग दरिद्रता का संबंध शिक्षा से जोड़कर देखते हैं ! जबकि अनुभव में यह आया है कि यदि दरिद्र प्रजाति का व्यक्ति शिक्षित हो भी जाये तब भी वह दरिद्र ही बना रहता है ! इस अनुभव से यह…

वैष्णव जीवन शैली में धर्म के नाम पर लूट की अलग-अलग दुकान चलाने के लिए दर्जनों देवी देवताओं का निर्माण वैष्णव धर्माचार्यों ने किया है ! और अलग-अलग देवी-देवताओं को अलग-अलग मानवीय इच्छाओं की पूर्ति करने का पर्याय बना दिया…

एक तरफ एलन मस्क ट्विटर जैसा प्रतिष्ठित सामाजिक संवाद का डिजिटल प्लेटफार्म खरीदते हैं और उसी समय दूसरी तरफ भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का यह बयान आता है कि भारत को फर्जी सूचनाओं से सावधान रहना चाहिए…

जीवन की सफलता का कोई निश्चित मानक नहीं है ! आपका व्यवहार, आपकी शिक्षा, आपका रंग, रूप, स्वभाव आदि यह सब आपके सहायक हैं ! इनमें से कोई भी चीज हर व्यक्ति को सफल बना सकती हैं ! यह निश्चित…

इस संसार में शिव उपासकों के अतिरिक्त जितने भी महापुरुष हुये हैं, उनमें अधिकांशत: शक्ति उपासक ही रहे हैं ! फिर चाहे वह राम, कृष्ण, अर्जुन, युधिष्ठिर, भीष्म पितामह, वशिष्ठ, विश्वामित्र, शिवाजी आदि कोई भी क्यों न हों ! वैदिक…

बड़े-बड़े मनीषी, चिंतक, विचारक, आध्यात्मिक गुरु और समाज के आम लोग जीवन भर यही चिंतन करते रहते हैं कि आखिर जीवन क्या है ? यह एक बहुत गहरा प्रश्न है और व्यक्ति इस प्रश्न का उत्तर इंद्रियों के माध्यम से…