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अवतारवाद की अवधारणा धूर्त वैष्णव लेखकों की देन है : Yogesh Mishra

जब पूरी पृथ्वी पर मात्र एक शैव धर्म ही था और वैष्णव लोगों ने पूरी दुनिया पर आक्रमण करके युद्ध के द्वारा अपनी नगरीय वैष्णव संस्कृति को बढ़ावा देना शुरू किया था ! तब उस समय बहुत बड़े पैमाने पर…

अब भुखमरी की तैयारी कीजिये : Yogesh Mishra

विश्व सत्ता ने आज कॉर्पोरेट जगत के रूप में पूरी दुनिया में खाद्यान्न के वितरण के लिये अपने डिपार्टमेंटल स्टोर की शुरुआत कर दी है और पूरी तरह से खाद्यान्न व्यवसाय पर अपना कब्जा लिया है ! कृषि के क्षेत्र…

अपने बच्चों को महापुरुष कैसे बनायें : Yogesh Mishra

इस विषय पर विशेष वैज्ञानिक सत्र आज रात्रि 8: 00 बजे ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है ! इस सृष्टि में ईश्वर के सबसे जटिलतम रहस्य का नाम यदि मुझसे पूछा जाये तो मैं मानव मस्तिष्क के कार्य पद्धति का…

अकबर के “दीन ए इलाही” धर्म के विरोध में शुरू हुई थी “रामलीला” : Yogesh Mishra

इस समय भारत की कुल आबादी लगभग 15 करोड़ थी ! लोग छोटे-छोटे गांवों में रहकर खेती किसानी करके अपना जिनको जीवकोपार्जन करते थे ! अकबर का शासन काल था और अकबर ने “दीन ए इलाही” धर्म की ओट में…

अंतरिक्ष वैज्ञानिक कुंभकर्ण : Yogesh Mishra

रावण तीन सगे भाई तथा एक बहन थे और रावण का एक भाई दूसरी मां से था ! दूसरी मां से उत्पन्न भाई का नाम कुबेर था ! कुबेर की मां हविर्भूवा महर्षि भारद्वाज की पुत्री थी ! इस तरह…

नॉलेज और विजडम में अंतर : Yogesh Mishra

नॉलेज का सामान्य अर्थ सूचना की जानकारी होना है और विजडम का तात्पर्य सूचना के संदर्भ में विवेक पूर्ण अनुभूति होना है ! नॉलेज सामान्य सूचना प्राप्ति और मस्तिष्क का विषय है ! जबकि विजडम आंख, नाक, कान, मस्तिष्क, के…

स्वयं से संवाद की कला : Yogesh Mishra

स्वयं से संवाद सनातन जीवन शैली का मूल आधार है ! जो व्यक्ति स्वयं से संवाद करना नहीं जानता वह कभी भी न तो संसार में सफल हो सकता है और न ही मृत्यु के उपरांत मुक्ति को प्राप्त कर…

स्त्रियाँ जल का प्रतीक क्यों हैं : Yogesh Mishra

भगवान शिव की बहन मां सरस्वती जो कि ब्रह्म संस्कृति की जननी और पालनकर्ता थी ! जिनके प्रतीक रूप में अफगानिस्तान में प्राचीन काल में सरस्वती नदी बहा करती थी अर्थात सरस्वती जल के समान निर्मल थी ! जो विद्या,…

क्या फिलॉसफी और दर्शन अलग अलग हैं : Yogesh Mishra

क्या फिलोसोफी दर्शन का अनुवाद है ! ऐसा नहीं है, दोनों अलग अलग हैं ! दुनिया में कोई भी दो शब्द पूरी तरह से एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हो सकते हैं ! दर्शन शब्द भारतीय परंपरा ने गढ़ा है…

मात्र विद्या से विनय नहीं बल्कि अहंकार आता है : Yogesh Mishra

एक सूक्ति है “विद्या ददाति विनयम” अर्थात “विद्या से विनय की प्राप्ति होती है ! लेकिन यह सूक्ति गलत है ! विद्या से विनय की प्राप्ति नहीं होती है विद्या से अहंकार की प्राप्ति होती है ! जब व्यक्ति विद्या…