अब भुखमरी की तैयारी कीजिये : Yogesh Mishra

विश्व सत्ता ने आज कॉर्पोरेट जगत के रूप में पूरी दुनिया में खाद्यान्न के वितरण के लिये अपने डिपार्टमेंटल स्टोर की शुरुआत कर दी है और पूरी तरह से खाद्यान्न व्यवसाय पर अपना कब्जा लिया है ! कृषि के क्षेत्र…
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विश्व सत्ता ने आज कॉर्पोरेट जगत के रूप में पूरी दुनिया में खाद्यान्न के वितरण के लिये अपने डिपार्टमेंटल स्टोर की शुरुआत कर दी है और पूरी तरह से खाद्यान्न व्यवसाय पर अपना कब्जा लिया है ! कृषि के क्षेत्र…

इस विषय पर विशेष वैज्ञानिक सत्र आज रात्रि 8: 00 बजे ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है ! इस सृष्टि में ईश्वर के सबसे जटिलतम रहस्य का नाम यदि मुझसे पूछा जाये तो मैं मानव मस्तिष्क के कार्य पद्धति का…

इस समय भारत की कुल आबादी लगभग 15 करोड़ थी ! लोग छोटे-छोटे गांवों में रहकर खेती किसानी करके अपना जिनको जीवकोपार्जन करते थे ! अकबर का शासन काल था और अकबर ने “दीन ए इलाही” धर्म की ओट में…

रावण तीन सगे भाई तथा एक बहन थे और रावण का एक भाई दूसरी मां से था ! दूसरी मां से उत्पन्न भाई का नाम कुबेर था ! कुबेर की मां हविर्भूवा महर्षि भारद्वाज की पुत्री थी ! इस तरह…

नॉलेज का सामान्य अर्थ सूचना की जानकारी होना है और विजडम का तात्पर्य सूचना के संदर्भ में विवेक पूर्ण अनुभूति होना है ! नॉलेज सामान्य सूचना प्राप्ति और मस्तिष्क का विषय है ! जबकि विजडम आंख, नाक, कान, मस्तिष्क, के…

स्वयं से संवाद सनातन जीवन शैली का मूल आधार है ! जो व्यक्ति स्वयं से संवाद करना नहीं जानता वह कभी भी न तो संसार में सफल हो सकता है और न ही मृत्यु के उपरांत मुक्ति को प्राप्त कर…

भगवान शिव की बहन मां सरस्वती जो कि ब्रह्म संस्कृति की जननी और पालनकर्ता थी ! जिनके प्रतीक रूप में अफगानिस्तान में प्राचीन काल में सरस्वती नदी बहा करती थी अर्थात सरस्वती जल के समान निर्मल थी ! जो विद्या,…

क्या फिलोसोफी दर्शन का अनुवाद है ! ऐसा नहीं है, दोनों अलग अलग हैं ! दुनिया में कोई भी दो शब्द पूरी तरह से एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हो सकते हैं ! दर्शन शब्द भारतीय परंपरा ने गढ़ा है…

एक सूक्ति है “विद्या ददाति विनयम” अर्थात “विद्या से विनय की प्राप्ति होती है ! लेकिन यह सूक्ति गलत है ! विद्या से विनय की प्राप्ति नहीं होती है विद्या से अहंकार की प्राप्ति होती है ! जब व्यक्ति विद्या…

जब हम अपने जीवन की छोटी छोटी खुशियों में बड़े उत्साह के साथ भाग लेते हैं, तो प्रकृति अपने बड़े बड़े खजाने हमारे लिये स्वत: खोल देती है ! तब हमें जीवन में अपार धन, सम्पदा, यश आदि स्वत: प्राप्त…