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तथाकथित लोकतंत्र ही विश्व सत्ता का हथियार है : Yogesh Mishra

आधुनिक विकृत लोकतंत्र की आज तक कोई ऐसी सुनिश्चित सर्वमान्य परिभाषा नहीं है कि जो इस शब्द के पीछे छिपे हुए संपूर्ण इतिहास तथा अर्थ को अपने में समाहित करती हो ! हां कहा यह जरूर जाता है कि विश्व…

तंत्रोक्त गणेश बुद्धिज्म की शुरुआत कैसे हुई : Yogesh Mishra

जापान के टोक्यो में लकड़ी के बहुत सारे बौद्ध मंदिरों के बीच कई मंदिर कई हजार-हजार साल भी हैं ! इन्हीं में से एक मंदिर में उसमें जिस देवता की मूर्ति रखी हुई है, वह हमारे गणेश देवता से काफी…

तंत्र डरने का नहीं बल्कि जानने का विषय है : Yogesh Mishra

तंत्र-मंत्र का नाम आते ही लोगों के दिमाग में एक कंकाल, खोपड़ी, ढेर सारी जलती हुई अगरबत्तियां, आदि दिमाग में आती हैं ! लोग इसे जादू-टोना, टोटका भी कहते हैं ! और यही वजह है कि लोग इससे दूर भागते…

तंत्र की पंचमकार विकृत साधना ही बौद्धों के पतन का कारण है

प्राय: मूर्ख तांत्रिकों द्वारा पंचमकार को बिना समझे बुझे हुये उसकी बड़ी जोर शोर से पैरवी की जाती है ! जबकि पंचमकार का अर्थ है, पञ्च तत्वों को नियंत्रित करने का विज्ञान ! जिसमे पांच “म” शब्द से शुरू होने…

आखिर ज्योतिष की शुरुआत कैसे हुई : Yogesh Mishra

प्राचीन काल में जब आधुनिक सुविधाएं नहीं थी ! मनुष्य गुफाओं में रहता था और वस्त्र के स्थान पर जानवरों की खाल या पेड़ों के पत्रों का प्रयोग किया करता था ! तभी से मनुष्य के मन में प्राकृतिक घटनाओं…

जैविक युद्ध से भारत को खत्म करने की तैयारी 1990 में ही हो गई थी  : Yogesh Mishra

1971 में भारत की जनसंख्या 55 करोड़ थी ! जो हर दशक में 22% की गति से बढ़ रही थी ! जिसे लेकर विश्व के सारे ईसाई देश परेशान थे ! उनका यह मानना था कि यदि भारत की जनसंख्या…

जानिये इजराइल के 1/10 के सिद्धान्त को : Yogesh Mishra

भारत की आजादी के बाद विश्व के धरातल पर स्थापित हुआ छोटा सा देश इजरायल आज विश्व की महाशक्तियों में गिना जाने लगा है ! इसके पीछे इजराइल के नागरिकों का राष्ट्र के प्रति समर्पण और इसराइल के योजनाकारों के…

जूही चावला के 5G प्रकरण से षड्यंत्र की बू : Yogesh Mishra

प्रौढ़ावस्था प्राप्त अभिनेत्री जूही चावला जो कि मुंबई की स्थाई निवासी हैं ! उन्होंने अपने राज्य महाराष्ट्र के न्यायिक अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर मुंबई उच्च न्यायालय के स्थान पर दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष 5G टावर को स्थापित न…

चार्वाक दर्शन देवताओं द्वारा शैवों को छलने के लिये लिखा गया था : Yogesh Mishra

प्रायः लोग यह मानते हैं कि चार्वाक नाम का कोई व्यक्ति था, जिसने भौतिकवादी जीवन शैली को लेकर कोई दर्शन प्रकट किया था ! जबकि यह नितांत गलत है ! जब पूरी दुनिया पर शुक्राचार्य के मार्गदर्शन में मात्र तपोनिष्ठ…

चातुर्मास में वैष्णव के पलायनवाद का कारण : Yogesh Mishra

आषाढ़ मास शुक्ल एकादशी से कार्तिक मास शुक्ल एकादशी तक का समय लौकिक चातुर्मास का होता है ! इसका वर्णन तरह तरह से वैष्णव धर्म ग्रंथों में खूब किया जाता है और बतलाया जाता है कि इस समय भगवान विष्णु…