भारत में लोकतंत्र की अन्तेष्ठी : Yogesh Mishra

भारत की राजनैतिक व्यवस्था में कही कुछ गंभीर कमी है, यदि इसे समय रहते सुधारा नही गया तो पूरी से भी ज्यादा संभावना है कि भारत फिर से कुछ ही वर्षो में या तो गुलाम बन जाएगा या भिखारी !…

भारत की राजनैतिक व्यवस्था में कही कुछ गंभीर कमी है, यदि इसे समय रहते सुधारा नही गया तो पूरी से भी ज्यादा संभावना है कि भारत फिर से कुछ ही वर्षो में या तो गुलाम बन जाएगा या भिखारी !…

चुनाव ख़त्म ही हुये हैं कि गुजरात के सूरत में शुक्रवार को तक्षशिला कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग जाने से अफरातफरी मच गई ! इस दौरान आग और धुएं से बचने के…

लोकतंत्र की समझ न रखने वाले कुछ लोग आज भा.जा.पा. की अप्रत्याशित जीत से अत्यंत प्रसन्न दिखाई दे रहे हैं ! किन्तु लोकतंत्र को यदि जीवित ही रखना है तो लोकसभा में विरोधी दल का मजबूत होना अति आवश्यक है…

नमक एक ऐसी आवश्यकता है जिसके बिना व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता है ! अंग्रेजों ने मनुष्य की इस कमजोरी को अपने आर्थिक लाभ के लिये प्रयोग किया और मात्र भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में जहाँ जहाँ उनका…

राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए साठ लाख लोगों का बलिदान देने के बाद देश का दुर्भाग्य यह रहा कि देश को आधी-अधूरी आजादी जो मिली वह भी उन लोगों के हाथ में चली गई जो न तो राष्ट्र के प्रति…

सभी जानते के 6 करोड़ से अधिक “बांग्लादेशी घुसपैठिये” भारत के विभिन्न शहरों में रोज सुबह घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करते हैं और उन्हें नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों पर ले जा कर फेंक देते हैं ! इन 6 करोड़…

टाइम पत्रिका के एशिया एडिशन ने भारत में हो रहे लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज पर लीड स्टोरी प्रकाशित की है ! इस खबर सामने आते ही इस आर्टिकल को…

आंदोलन दो मुख्य कारणों से खड़े किए जाते हैं ! पहला “भ्रम पैदा करके सत्ता को प्राप्त करने के लिए” जैसा कि प्रायः अधिकांश राजनैतिक दल करते हैं ! दूसरा “राष्ट्र की समस्याओं को समाप्त करने के लिये” जैसा कि…

पूर्व में एक आर.एस.एस. के पूर्णकालिक स्वयंसेवक जिन्होंने देश की सेवा के लिए विवाह भी नहीं किया था, वह देश की सेवा करते-करते देश के प्रधानमंत्री हो गये ! उन्होंने हिंदुस्तान के मुसलमानों पर तरस खाकर उन्हें खाड़ी मुल्कों में…

सभी जानते हैं “दलाई लामा” ही तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरू हैं। लेकिन वर्ष 1949 में चीन द्वारा अपने साम्राज्य विस्तार के लिय शांतिप्रय आध्यात्मिक बौद्ध राष्ट्र तिब्बत पर चीन ने हमला कर दिया और तिब्बत की पूर्ण राजनीतिक…