राष्ट्र में जल संकट की वजह जल पर करारोपण है ! : Yogesh Mishra

जल पर कर लगा कर सरकार ने जनता को यह बतला दिया है कि जल स्रोतों की सुरक्षा और समृद्धि का दायित्व जल का उपयोग और उपभोग करने वालों का न होकर शासन-प्रशासन का है ? जबकि हकीकत यह है…

जल पर कर लगा कर सरकार ने जनता को यह बतला दिया है कि जल स्रोतों की सुरक्षा और समृद्धि का दायित्व जल का उपयोग और उपभोग करने वालों का न होकर शासन-प्रशासन का है ? जबकि हकीकत यह है…

आमतौर पर यह माना जाता है कि ज्यादा मात्रा में रासायनिक खाद एवं कीटनाशक इस्तेमाल करने से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और उत्पादन बढ़ने से किसान का मुनाफा बढ़ सकता है ! सरकार भी किसानों को वैज्ञानिक ढंग से…

आपसे बेहतर इस तथ्य को कौन समझ सकता है कि खेती के मामले में जहर पर हमारी निर्भरता कितनी बढ़ चुकि है ! फसल उगाने से पहले खेत में जहर डालना शुरू करते हैं तो भण्डारण तक डालते रहते हैं…

लौकी, खीरा, कद्दू, तरबूज स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है यदि कडवी हो तो इसका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है वनस्पति शास्त्र में यह कुकुरबिटेसी खानदान में आती है कुकुरबिटेसी खानदान के फल काम्प्लेक्स यौगिक बनाते है इस घटना से…

दुनिया के अन्य महाद्वीपों के लोग जब वर्षा, बादलों की गड़गड़ाहट के होने पर भयभीत होकर गुफाओं में छुप जाते थे ! जब उन्हें एग्रीकल्चर का ककहरा भी मालूम नहीं था ! उससे भी हजारों वर्ष पूर्व महर्षि पाराशर मौसम…

तंत्र भारतीय उपमहाद्वीप की एक वैविधतापूर्ण एवं सम्पन्न आध्यात्मिक परिपाटी तक ही सीमित नहीं है ! तंत्र के अन्तर्गत सम्पूर्ण विश्व के विविध प्रकार के विचार एवं क्रियाकलाप आ जाते हैं ! “तन्यते विस्तारयते ज्ञानं अनेन् इति तन्त्रम्” अर्थात ईश्वरीय…

“गोस्वामी तुलसीदास” ने चित्रकूट, अयोध्या और बनारस में रह कर एक से एक 23 रचनाएँ कीं :- 1- रामचरितमानस , 2- रामललानहछू 3- वैराग्य-संदीपनी 4- बरवै रामायण , 5-पार्वती-मंगल , 6-जानकी-मंगल , 7- रामाज्ञाप्रश्न , 8-दोहावली, 9-कवितावली , 10- गीतावली…

इस पूरी दुनिया में हम हर चीज को अपने कंट्रोल में रखना चाहते हैं ! सड़क पर हमें ट्रैफिक नहीं चाहिए, चेहरे पर पिम्पल नहीं चाहिए और कुछ लोग यह भी चाहते हैं कि हम जो भी कहें हमारा पार्टनर…

षड्यंत्र एक पौराणिक शब्द है ! यह तंत्र का विषय है, किन्तु षड्यंत्र का सामान्य अर्थ साज़िश, धोखा देने की योजना, दुरभिसन्धि, गुप्तरूप से की जाने वाली कार्रवाई आदि के रूप में लिया जाता है ! किंतु विश्लेषणात्मक रूप से…

सभी सनातन धर्म को मानाने वाले जानते हैं कि साधना 20 डिग्री से काम तापमान पर जितनी अच्छी तरह हो सकती है अन्य उच्च तापमान पर सम्भव नहीं है ! क्योंकि कि 20 डिग्री से कम तापमान पर पसीना नहीं…