राष्ट्र के रक्षार्थ : Yogesh Mishra

सनातन धर्मी हिंदू कभी भी इतना कमजोर नहीं था कि उसने शस्त्र का परित्याग कर दिया हो ! प्रमाण के तौर पर आप मंदिरों में किसी भी देवी और देवता को देखिए ! हर एक अपने हाथ में शस्त्र जरूर…

सनातन धर्मी हिंदू कभी भी इतना कमजोर नहीं था कि उसने शस्त्र का परित्याग कर दिया हो ! प्रमाण के तौर पर आप मंदिरों में किसी भी देवी और देवता को देखिए ! हर एक अपने हाथ में शस्त्र जरूर…

प्रथम विश्वयुद्ध में ब्रिटेन ने अपने उपनिवेशों की संख्या बढ़ाने के लिए बहुत बड़े स्तर पर यूरोप, एशिया तथा अफ्रीका में कत्लेआम किया और यूरोप, एशिया तथा अफ्रीका के कई देशों को अपने आधीन करने के लिए हारे हुए देशों…

चुनाव ख़त्म ही हुये हैं कि गुजरात के सूरत में शुक्रवार को तक्षशिला कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग जाने से अफरातफरी मच गई ! इस दौरान आग और धुएं से बचने के…

आज इंटरनेट की दुनिया में दूसरों का “लेख चोरी” करना भी एक व्यवसाय के रूप में पनप रहा है ! जो लोग “मानसिक रूप से विकलांग” हैं, लेकिन “धन की हवस” उनका पीछा नहीं छोड़ती ! ऐसे मानसिक रूप से…

मुझे अभी लेख लिखते एक महीना भी नहीं बीते हैं कि बीजेपी के अंधभक्तों ने मुझे “वामपंथी विचारक” घोषित कर दिया ! मैं इस आरोप को स्वीकार करता हूं ! मेरे ऊपर आरोप लगाने वालों को शायद यह नहीं पता…

लोकतंत्र की समझ न रखने वाले कुछ लोग आज भा.जा.पा. की अप्रत्याशित जीत से अत्यंत प्रसन्न दिखाई दे रहे हैं ! किन्तु लोकतंत्र को यदि जीवित ही रखना है तो लोकसभा में विरोधी दल का मजबूत होना अति आवश्यक है…

“दान” विशुद्ध “धर्म” का विषय है ! इसका “पाप” के नष्ट होने से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है अर्थात “समाज को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए जिन्हें नियमों को समाज में धारण कर लिया वही धर्म…

जप या अनुष्ठान करने वाला जब कोई व्यक्ति किसी मारे गये पशु का भोजन करता है ! तो वध के पूर्व जो मृत्यु का भय उस पशु के अन्दर पैदा होता है ! उससे मृत्यु के पूर्व उस पशु के…

किसी भी राष्ट्र का आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास उस देश की शिक्षा पर निर्भर करता है ! अगर राष्ट्र की शिक्षा नीति अच्छी है तो उस देश को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता अगर राष्ट्र की शिक्षा नीति…

ब्राह्मण जाति का इतिहास प्राचीन भारत से भी पुराना माना जाता है, ब्राह्मण जाति की जड़े वैदिक काल से जुड़ी हुई हैं ! प्राचीन काल से ही ब्राह्मण जाति के लोगों को समाज में उच्च स्थान प्राप्त था, उस समय…