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मात्र ब्राहमण ही राष्ट्र का रक्षक और मार्गदर्शक हो सकता है | Yogesh Mishra

वैदिककाल से आज तक ब्राह्मणों ने हर दौर में अपनी योग्यता सिद्ध की है। वैदिककाल में “जमदग्नि”, “भरद्वाज”, “गौतम” आदि ऋषि तो मंत्रों के माध्यम से ज्ञान-विज्ञान की चरमसीमा तक पहुँच गए थे। उस समय कला, शिल्प, चिकित्सा, शिक्षा आदि…

गलत पूजा, रत्न या अनुष्ठान भी आपकी समस्या का मूल कारण हो सकता है | : Yogesh Mishra

प्रायः हम सभी लोग जब किसी सांसारिक समस्या में उलझ जाते हैं | तो उस समस्या के समाधान के लिए किसी न किसी विद्वान ज्योतिषी से अपनी कुंडली पर परामर्श लेकर अपनी समस्या को हल करने के लिए सुझाव पूछते…

महाभारत ग्रंथ का एक अनकहा पन्ना.श्री कृष्ण की आत्मग्लानि ! जरूर पढ़े !

  मित्रों ऋषि वेदव्यास द्वारा लिखित महाभारत ग्रंथ के कुछ अध्याय ऐसे भी हैं ,जिन पर कभी भी अधिक चर्चा नहीं हो पाई,इनके अनुसार जब  महाभारत युद्ध का समापन हो गया था | युद्ध अतिविनाशकारी सिद्ध हुआ था, विजेता भी…

1857 की क्रांति के बाद भारत के गद्दारों को इकट्ठा करके बनाई गई थी कांग्रेस पार्टी ,पढ़े पूरा लेख !

भारत के कुछ गद्दार राजघरानों के अंग्रेजों से मिल जाने के कारण 1857 की क्रांति विफल हो चुकी थी | देश को स्वतंत्र कराने वाले योद्धाओं को अंग्रेजों ने ढूंढ ढूंढ कर नगरों में सार्वजनिक रूप से जिंदा जला दिया…

अंग्रेजी शासन व्यवस्था को भारत में लागू करवाने के लिए मनुस्मृति को बदनाम किया अंबेडकर ने ! Yogesh Mishra

डॉ भीमराव अंबेडकर ने अपनी जातिगत राजनीति को चमकाने के लिए ऐसा बताया कि मनुस्मृति ब्राह्मण  संरक्षित  तथा  ब्राह्मण पोषित है  जबकि यह सूचना गलत है मनु स्मृति का अध्ययन करने वाला कोई भी व्यक्ति स्पष्ट रुप से यह देख…

जानिये:कुरान की कौन-कौन सी 24 आयातों को दिल्ली कोर्ट ने बताया समाज के लिए हानिकारक !

कुरान की चौबीस आयतें और उन पर दिल्ली कोर्ट का फैसला श्री इन्द्रसेन (तत्कालीन उपप्रधान हिन्दू महासभा दिल्ली) और राजकुमार ने कुरान मजीद (अनु. मौहम्मद फारुख खां, प्रकाशक मक्तबा अल हस्नात,रामपुर उ.प्र. 1966) की कुछ निम्नलिखित आयतों का एक पोस्टर…

भारत देश में ईसाई मत का आगमन और कारनामो का पर्दाफाश .Yogesh Mishra

भारत देश में ईसाई मत का आगमन कब हुआ। यह कुछ निश्चित नहीं हैं। एक मान्यता के अनुसार 52 AD में संत थॉमस का आगमन दक्षिण भारत में हुआ। उनके प्रभाव से ईसाई बने भारतीय अपने आपको सीरियन ईसाई कहते…

जानिये: भारतीय संविधान बदलने की जरूरत क्यों है ? और क्यों भारत की आज़ादी एक धोखा है ?? योगेश मिश्र !

भारत की आज़ादी एक धोखा है वर्ष 1992 में तीन वर्ष के अथक शोध के बाद मेरे द्वारा लिखी गई 320 पन्नों की एक पुस्तक “भारत की आज़ादी एक धोखा है” जिसे मैने पढ़ने के लिये “राजीव दीक्षित” को दिया…

ब्राह्मण होने का अधिकार सभी को है,जानिये: कोई व्यक्ति कैसे ब्राह्मणत्व को उपलब्ध हो सकता है !

ब्राह्मण होने का अधिकार सभी को है चाहे वह किसी भी जाति, प्रांत या संप्रदाय से हो। अगर साहस है तो ब्राह्मण बन कर दिखाओ | अपने राजनीतिक लाभ के लिए ब्राह्मणों को गाली देना तो बहुत आसान है लेकिन…

पिछले डेढ़ दशक में 2000 के करीब हो चुकी है भारतीय वैज्ञानिको की रहस्यमयी मौतें ! पढ़े ख़बर पढ़े !

आखिर कौन मार देता है भारत के होनहार वैज्ञानिकों को ? भारत विज्ञान के पथ पर आगे बढ़ रहा है, परंतु प्रगति का यह मार्ग लगता है खून से रंगा जा रहा है । पंद्रह वर्षो में देश के उच्च…