Tag Archives: rajiv dixit

भारत में क्रांति कब और कैसे होगी : Yogesh Mishra

क्रांति के विषय में कोई भी बात करने के पहले दो बिंदुओं को समझ लेना परम आवश्यक है ! पहला क्रांति कभी भी भौतिक रूप में नहीं होती है ! भौतिक रूप से तो बस क्रांति के नाम पर उत्पात होता है ! क्रांति एक मानसिक प्रक्रिया है ! जब …

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क्या हमारा धर्म ही हमें नष्ट कर रहा है : Yogesh Mishra

महाभारत के सिद्धांतों पर आधारित मनुस्मृति की वह उक्ति जो कि आठवें अध्याय के पन्द्रहवें श्लोक में वर्णित है ! ‘धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः ! तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत् !’ इस वाक्यांश का अर्थ है कि जो लोग ’धर्म’ की रक्षा करते हैं, उनकी …

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क्या प्रायोजित अकाल राजनीतिज्ञों का ब्रह्मास्त्र है : Yogesh Mishra

समस्त विश्व प्राचीन काल और मध्यकाल में अकाल मानसून के अनियमित होने के पड़ते थे ! परन्तु उच्च तकनीकी के आगमन के पश्चात अब अकाल प्रायोजित तरीके से डाले जाते हैं ! इस परम्परा की शुरुआत पूरे विश्व में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासनकाल से हुई थी ! 1769 से 2000 तक …

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कार्पोरेट खेती का माया जाल : Yogesh Mishra

भारत में किसी भी व्यक्ति या कंपनी को एक सीमा से अधिक खेती खरीदने के लिये सीलिंग कानून प्रतिबंध करता है ! विद्यमान कानून के चलते कार्पोरेट घरानों को खेती पर सीधा कब्जा करना संभव नही है ! इसलिये अब राजनीतिज्ञों के सठा-गांठ से सीलिंग कानून बदलने के लिये प्रयास …

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गालियों का सत्ता से सम्बन्ध : Yogesh Mishra

किसी को गालियां देने पर मिलने वाले सुख नाम अंग्रेजी भाषा में “LALOCHEZIA” होता है ! इस सुख की प्राप्ति से व्यक्ति की भड़ास निकल जाती है और बड़ी-बड़ी सामाजिक हिंसायें रुक जाती हैं ! यह लोकतंत्र में शांति बनाये रखने के लिये अभिव्यक्ति की एक आवश्यक क्रिया है ! …

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अब सत्य नहीं, शासक की इच्छा पर बोलिये : Yogesh Mishra

सूचना है कि सोशल मीडिया के लिये केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन लागू करने के लिये गूगल और फेसबुक जैसी कंपनी तैयार हैं, लेकिन व्हाट्सएप अभी भी पूरी तरह से न मानने के लिये अड़ी हुई है ! दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में व्हाट्सएप ने कहा कि केंद्र सरकार …

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राजनीति से ब्राह्मणों का पलायन राष्ट्रहित में नहीं है : Yogesh Mishra

शायद यह बहुत कम लोग जानते हैं कि ब्राह्मण अनादि काल से लड़ाकू नस्ल रही है इसका शस्त्र और शास्त्र दोनों पर समान अधिकार रहा है ब्राह्मणों ने ही सदैव से क्षत्रियों को शस्त्र विद्या देकर युद्ध के लिये तैयार किया है और समाज के हर वर्ग को शास्त्र की …

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न खाऊँगा न खाने दूंगा का मनोविज्ञान : Yogesh Mishra

एक लोकप्रिय प्रभावशाली नेता के एक राजनीतिक बयान पर मेरी कई मनोचिकित्सकों से वार्ता हुई ! मुझे अलग-अलग व्यक्ति ने इस वक्तव्य के मनोविज्ञान को अलग-अलग तरह से समझाने की चेष्टा की ! किंतु मैं यह समझ पाया कि जो व्यक्ति शुरुआती जीवन में अभावग्रस्त रहता है और जब उस …

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दरिद्रता भी एक हथियार है, राजनीति में सफल होने के लिये : Yogesh Mishra

दरिद्रता मानव द्वारा निर्मित एक योजनाबध्य षडयंत्र है ! दरिद्रता को मिटाना हमारे हाथों में है, लेकिन सभी धूर्त लोग इसे अपने-अपने स्वार्थ के लिये हथियार के तौर पर इस्तमाल कर रहे हैं ! खास तौर पर पूंजीपति, राजनीतिज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और न्यायलय ! अब तो वैश्विकरण के नाम पर …

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जैविक युद्ध से भारत को खत्म करने की तैयारी 1990 में ही हो गई थी : Yogesh Mishra

1971 में भारत की जनसंख्या 55 करोड़ थी ! जो हर दशक में 22% की गति से बढ़ रही थी ! जिसे लेकर विश्व के सारे ईसाई देश परेशान थे ! उनका यह मानना था कि यदि भारत की जनसंख्या इसी तेजी से बढ़ती रही तो एक दिन जनसंख्या के …

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