हत्या, वध और आतंकवाद तीनो का अर्थ समझे ! Yogesh Mishra

हत्या वध और आतंकवाद यह तीन अलग-अलग शब्द हैं और इन तीनो शब्दों के अर्थ भी अलग अलग हैं ! हत्या का तात्पर्य है कि जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करने की मंशा से या…

हत्या वध और आतंकवाद यह तीन अलग-अलग शब्द हैं और इन तीनो शब्दों के अर्थ भी अलग अलग हैं ! हत्या का तात्पर्य है कि जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करने की मंशा से या…

प्रायः माना जाता है कि स्वर्ग पृथ्वी से अलग किसी अन्य लोक में स्थित है ! जबकि यह गलत अवधारण है ! हम आपको बताना चाहते है कि त्रिविष्टप तथा स्वर्ग के सम्पूर्ण लक्षण तिब्बत मे ही मिलते हैं अर्थात…

नमक एक ऐसी आवश्यकता है जिसके बिना व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता है ! अंग्रेजों ने मनुष्य की इस कमजोरी को अपने आर्थिक लाभ के लिये प्रयोग किया और मात्र भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में जहाँ जहाँ उनका…

यह गलत अवधारण है कि पूरा विश्व सदैव से मात्र वैष्णव उपासक ही रहा है ! जबकि सत्य यह है कि वैष्णव उपासना के पूर्व पूरे विश्व में मात्र शैव उपासना ही होती थी ! वैष्णव उपासक क्षत्रियों ने जब…

ज्योतिष, योग और आयुर्वेद के उद्भव का समय एक ही है अर्थात वैदिक काल जहाँ योग और आयुर्वेद हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रखने में सहायक हैं ! वहीँ ज्योतिष के माध्यम से हम आने वाली समस्याओं से…

सीनियर बीजेपी लीडर और राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने संसद में राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या पर चर्चा कराने की पैरवी की है ! जिस के लिये गाँधी प्रेमी नेता तैयार नहीं हैं फिर भी सुब्रमण्यम स्वामी कहना न…

भारत में संविधान का शासन है ! अभिव्यक्ति की आजादी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत भारत के प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है ! जब तक यह संविधान है तब तक भारत के किसी भी नागरिक को अपनी…

स्वस्थ्य रहना है तो खाइये “सेंधा नमक” पांच हजार साल पुरानी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी भोजन में सेंधा नमक के ही इस्तेमाल की सलाह दी गई है ! भोजन में नमक व मसाले का प्रयोग भारत, नेपाल, चीन, बंगलादेश…

षडयंत्र : “यदि सनातन संस्कृति को नष्ट करना है तो सनातन नारी के समर्पण को नष्ट कर दो !” अध्यापक, अभियंता, चिकित्सक, अभिनेता, नर्तक, प्रबंधक सब के लिये योग्य प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है ! उन्हें विद्यालय से लेकर विश्व…

इतिहास को मिटा कर नया लिखना ही आदर्श शासक के लक्षण हैं ! यह इतिहास रहा है कि जिसकी सत्ता होती है वह समाज को अपने तरीके से चलता है और समाज को हर क्षण यह बतलाता है कि उससे…