सत्ता की जिद्द से पैदा होता है “नक्सलवाद” Yogesh Mishra

राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए साठ लाख लोगों का बलिदान देने के बाद देश का दुर्भाग्य यह रहा कि देश को आधी-अधूरी आजादी जो मिली वह भी उन लोगों के हाथ में चली गई जो न तो राष्ट्र के प्रति…

राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए साठ लाख लोगों का बलिदान देने के बाद देश का दुर्भाग्य यह रहा कि देश को आधी-अधूरी आजादी जो मिली वह भी उन लोगों के हाथ में चली गई जो न तो राष्ट्र के प्रति…

सभी जानते के 6 करोड़ से अधिक “बांग्लादेशी घुसपैठिये” भारत के विभिन्न शहरों में रोज सुबह घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करते हैं और उन्हें नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों पर ले जा कर फेंक देते हैं ! इन 6 करोड़…

जिस तरह एक सोये हुये व्यक्ति के उठने पर उसकी ताजगी के लिये उसे एक कप चाय या जल की आवश्यकता होती है ! ठीक उसी तरह एक निर्धारित अंतराल के बाद राष्ट्र को एक नई ताजगी और संचार के…

भावनायें एक ऐसी ऊर्जा है, जो मूर्त रूप में कहीं दिखाई नहीं देती है ! लेकिन इसकी किसी परिवार के संचालन के लिये बहुत आवश्यकता है ! जिस तरह मात्र भावनाओं के कारण व्यक्तियों का एक समूह परिवार में बदल…

एक महान सभ्यता के रूप में हमारा देश कितना प्राचीन है और उसका उद्गम स्थान कहां है? इस प्रश्न का उत्तर हाल की एक पुरातात्विक खोज में मिल जाता है ! दिल्ली से लगभग 60 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के…

आजकल प्रायः बच्चे “शक्ति” को ही “बल” मान लेते हैं ! जबकि यह दोनों अलग-अलग हैं ! व्यक्ति “जिम” जाकर या व्यायाम करके शक्तिशाली तो बन सकता है किन्तु बलबान नहीं ! क्योंकि शक्ति का सीधा सम्बन्ध शाररिक क्षमता से…

मोक्ष हर जीव का प्राकृतिक अधिकार है ! समाधि की समयातीत अवस्था ही मोक्ष है ! इस मोक्ष को ही जैन धर्म में कैवल्य ज्ञान और बौद्ध धर्म में निर्वाण कहा गया है ! योग में इसे समाधि कहा गया…

आज के समय में शेयर मार्किट एक ऐसा विषय है जिसकी और हर एक व्यक्ति आकर्षित होता है और इसे धन लाभ अर्जित करने के लिए एक सुनहरे मार्ग के रूप में देखा जाने लगा है और अधिकांश व्यक्ति अपने…

हमारा न्याय और उनका न्याय दो विपरीत अवधारणा है ! जो किसी भी रूप में राष्ट्र के अनुकूल नहीं है !! न्याय बड़ा खूबसूरत शब्द है ! साथ में सम्मानित भी ! परंपरा में वह शब्दों का ‘अभिजन’ है !…

धर्म और समाज का संबंध बहुत गहरा है ! साथ में पुराना भी ! गहरा इतना कि कुछ लोग धर्म और समाज को परस्पर पूरक और पर्याय मान लेते हैं ! इतना पुराना भी कि आस्था–प्रवण लोगों के लिए धर्म…