जानिए ! कलेंडर की गणना क्यों गलत है । Yogesh Mishra

कलेंडर की गणना गलत है 200 सालों तक तो इसी बात पर यूरोप में युद्ध चलता रहा कि नया वर्ष 25 दिसंबर को मानें या 1 जनवरी को, अर्थात काल के नियमों से ऊपर थी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा| इस पद्धति में…

कलेंडर की गणना गलत है 200 सालों तक तो इसी बात पर यूरोप में युद्ध चलता रहा कि नया वर्ष 25 दिसंबर को मानें या 1 जनवरी को, अर्थात काल के नियमों से ऊपर थी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा| इस पद्धति में…

॥ कर्ण पिशाचिनी साधना ॥ यह अत्यंत उग्र साधना है और शीघ्र फलप्रद है,इस साधना से सिद्धि न मिले यह तो सम्भव ही नहीं है इसलिये यह साधना संपन्न करने योग्य है.यह साधना जिस व्यक्ति को सिद्ध है उसके पास…

सनातन जीवन पद्धति में भिक्षा का महत्व भिक्षा सनातन शिक्षा पद्धति का आवश्यक अंग था क्योंकि भिक्षाटन से समाज का वास्तविक ज्ञान होता है, दुर्गुण दूर होकर अहंकार पूरी तरह नष्ट हो जाता है, मन शांति होता है और भविष्य…

समय की माप समान नहीं है ऐसा माना जाता है कि काल (समय) की गति सभी स्थनों पर समान है किन्तु हमारे शास्त्र बतलाते हैं कि काल की गति गुरुत्व और गति के सापेक्ष चलती है अर्थात एक साथ जन्मे…

मूर्तिपूजा का इतिहास मूर्तिपूजकों तथा मूर्तिभंजकों के संघर्षों से इतिहास भरा पड़ा है। प्रारंभ में मूर्तिपूजकों के धर्म ही थे। मूर्तिपूजकों के धर्म के अंतर्गत ही मूर्तिभंजकों की एक धारा भी प्राचीनकाल से चली आ रही थी। मूर्तियां तीन तरह…

ज्योतिष से धन की गति को जानें आमतौर पर हम समझते हैं कि जिस व्यक्ति के पास अधिक पैसा होता है, वह अमीर होता है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। जिस व्यक्ति के पास आज पैसा है कल नहीं…

इस्लामी तंत्र घातक है तंत्र शब्द तन और त्र: से मिलकर बना है। तन का अर्थ है विस्तार और त्र से त्राण अर्थात रक्षा का बोध होता है। धर्म ग्रंथों में तंत्र के देवता भगवान शिव को माना गया है।…

किसी भी व्यक्ति की कुण्डली के बारह भावों में बारह राशियों सहित नौ ग्रह विद्यमान होते हैं। सात मुख्य ग्रहों के साथ ही दो छाया ग्रहों, राहु व केतु की व्यक्ति के जीवन में महती भूमिका होती है। अलग-अलग राशि…

इष्ट देव की पूजा की आवश्यकता क्यों ? व्यक्ति शारीरिक रूप से कितना भी सामर्थ्यवान हो यदि वह यात्रा पैदल करे तो यात्रा का समय अधिक लगेगा .. यही यात्रा यदि कार अथवा हवाई जहाज से की जाये तो यात्रा…

ज्योतिष से जानिये कि मृत्यु कब और कैसे होगी संसार का प्रत्येक मनुष्य चाहे वह किसी भी जाति धर्म या मान्यताओं को मानने वाला क्यों न हो,उसके ह्रदय में प्रतिपल यह जानने की प्रबल इच्छा बनी रहती है कि उसकी…