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समझिये । भविष्य जानने के लिए कुंडली मे कारक ग्रहों की क्या भूमिका है । Yogesh Mishra

भविष्य कथन में कारक ग्रहों की भूमिका फलादेश करते समय कौन ग्रह कहाँ बैठा है इसकी मदद से भविष्यवाणियों तो की ही जाती है किन्तु सटीक भविष्य कथन करने के लिये भावों के कारक स्वामियों की स्थिती पर भी विचार…

जानिए ! गुरु मंत्र क्या है और कैसे काम करता है। Yogesh Mishra

प्रत्येक व्यक्ति के जन्म के समय अलग-अलग ग्रहीय ऊर्जायें पृथ्वी पर रहती हैं, जिनके प्रभाव से व्यक्ति जीवन भर प्रभावित होता है | इन ग्रहीय ऊर्जाओं का असंतुलन व्यक्ति के ओरा को क्षति पहुँचाते रहते हैं , जिससे व्यक्ति को…

वैदिक ‘पंचांग’ को विस्तार से समझें , क्यों केवल वैदिक ‘पंचांग’ ही सही है ? Yogesh Mishra

वैदिक ‘पंचांग’ ही सही है हिंदू पंचांग की उत्पत्ति वैदिक काल में ही हो चुकी थी। सूर्य को जगत की आत्मा मानकर उक्त काल में सूर्य व नक्षत्र सिद्धांत पर आधारित पंचांग होता था। वैदिक काल के पश्चात् आर्यभट, वराहमिहिर,…

जानिए ! मंत्रो की शक्ति का वैज्ञानिक आधार पर विशलेषण कितना सटीक है । Yogesh Mishra

मंत्र शक्ति का वैज्ञानिक विशलेषण मंत्र ध्वनि-विज्ञान का सूक्ष्मतम विज्ञान है मंत्र-शरीर के अन्दर से सूक्ष्म ध्वनि को विशिष्ट तरंगों में बदल कर ब्रह्मांड में प्रवाहित करने की क्रिया है जिससे बड़े-बड़े कार्य किये जा सकते हैं… प्रत्येक अक्षर का…

जानिए ! स्वास्तिक को शुभ का प्रतीक क्यों माना जाता है क्या है स्वस्तिक का अर्थ ?। Yogesh Mishra

स्वास्तिक शुभ का प्रतीक स्वास्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभकार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्व अंकित करके उसका पूजन किया जाताहै। स्वस्तिक शब्द सु+अस+क से बना है।…

जानिए ! सृष्टि की उत्पत्ति का रचना क्रम ज्ञानवर्धक लेख ।Yogesh Mishra

आदि में जब एकमात्र परमात्मा ही थे, तब तो केवल प्रभाव ही प्रभाव था। उसके बाद परमात्मा ने अपने में से ही ‘आत्म’ शब्द को ज्योति रूपा शक्ति तथा उसको प्रभाव से युक्त करते हुये प्रकट करते हुए पृथक कर…

जानिए ! कलेंडर की गणना क्यों गलत है । Yogesh Mishra

कलेंडर की गणना गलत है 200 सालों तक तो इसी बात पर यूरोप में युद्ध चलता रहा कि नया वर्ष 25 दिसंबर को मानें या 1 जनवरी को, अर्थात काल के नियमों से ऊपर थी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा| इस पद्धति में…

जानिए ! कर्ण पिशाचिनी तांत्रिक साधना की विधि । Yogesh Mishra

॥ कर्ण पिशाचिनी साधना ॥ यह अत्यंत उग्र साधना है और शीघ्र फलप्रद है,इस साधना से सिद्धि न मिले यह तो सम्भव ही नहीं है इसलिये यह साधना संपन्न करने योग्य है.यह साधना जिस व्यक्ति को सिद्ध है उसके पास…

जानिए ! सनातन जीवन पद्धति में भिक्षा का महत्व साधना। Yogesh Mishra

सनातन जीवन पद्धति में भिक्षा का महत्व भिक्षा सनातन शिक्षा पद्धति का आवश्यक अंग था क्योंकि भिक्षाटन से समाज का वास्तविक ज्ञान होता है, दुर्गुण दूर होकर अहंकार पूरी तरह नष्ट हो जाता है, मन शांति होता है और भविष्य…

बहुत महत्वपूर्ण जानकारी । ब्रह्मांड के सभी ग्रहों मे काल की गति एक समान नहीं है जरूर पढ़ें। Yogesh Mishra

समय की माप समान नहीं है ऐसा माना जाता है कि काल (समय) की गति सभी स्थनों पर समान है किन्तु हमारे शास्त्र बतलाते हैं कि काल की गति गुरुत्व और गति के सापेक्ष चलती है अर्थात एक साथ जन्मे…