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राजीव दीक्षित का उतरता बुखार : Yogesh Mishra

30 नवम्बर 2010 को राजीव दीक्षित की मृत्यु के तुरंत उपरांत वर्ष 2011-12 में हर व्यक्ति राजीव दीक्षित की फोटो लगाकर देश के अंदर स्वदेशी का नेता बन जाना चाहता था !  लेकिन इन लोगों को यह नहीं मालूम था…

याचक नहीं दाता बनो  : Yogesh Mishra

 वैष्णव जीवन शैली में भक्त जीवन भर गुरु से,  भगवान से,  प्रकृति से याचना करते हुए ही जीवन व्यतीत करता है ! उसे सदैव प्रतिक्षण कुछ न कुछ चाहिए ही होता है ! किसी को पुत्र की कामना होती है,…

यहां बच्चे का जन्म गीत से होता है : Yogesh Mishra

नामिबिया की रहने वाली हिंबा जनजाति में बच्चे के जन्म को लेकर एकदम अलग  परंपरा है ! इस जनजाति में बच्चे के जन्म की तिथि तब नहीं मानी जाती है, जब उसका इस दुनिया में जन्म होता है ! बल्कि…

मूर्ति, प्रतिमा और विग्रह में अंतर : Yogesh Mishra

प्राय: लोग मूर्ति, प्रतिमा और विग्रह को एक ही समझते हैं ! लेकिन ऐसा नहीं है, इन तीनों में बहुत अंतर है ! “प्रतिमा” यह एक संस्कृत शब्द है, जिसका मतलब है, किसी देवता या महापुरुष की छवि के अनुरूप…

मुक्ति और मोक्ष में अंतर

वैसे तो महाभारत के वन पर्व में लोमश ऋषि युधिष्ठिर को अष्टावक्र और राजा जनक के संवाद की कथा सुनाते हैं ! इसी संवाद को कालांतर में अष्टावक्र गीता के नाम से जाना गया ! जो अद्वैत वेदान्त अर्थात शैव…

मित्रता का मनोविज्ञान : Yogesh Mishra

मित्रता का तात्पर्य किसी से मात्र भावनात्मक या पारस्परिक लगाव नहीं है ! बल्कि मित्र उसे कहा जा सकता है जो आपके बौद्धिक और चेतना के स्तर को विकसित करने में सहायक हो ! आर्थिक मदद के लिये की गई…

मानवीय संस्कृति का आधार कैलाश पर्वत है   : Yogesh Mishra

मानवता के इतिहास की शुरुआत बन्दर से नहीं बल्कि कैलाश पर्वत से होती है ! जो कि शैवों का पवित्र स्थल है ! कैलाश पर्वत का ग्लेशियर ही एशिया में अनादि काल से सभी महत्वपूर्ण नदियों का स्रोत रहा है…

मात्र संस्कृत भाषा हिंदुत्व का आधार नहीं है : Yogesh Mishra

यह एक चिंतन का विषय है कि भारत अनादि काल से विभिन्न भाषा और संस्कृतियों का देश रहा है ! फिर भी सभी धर्म ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही क्यों मिलते हैं ? जबकि भारत के संदर्भ में तो यह…

मर्डर ऑफ गॉड : Yogesh Mishra

 भारतीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया जो कि एक प्रबल दार्शनिक ही नहीं, अच्छे चिंतक और विचारक भी हैं ! इन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि हिंदू समाज के विनाश का कारण हिंदुओं के अवतारवाद की अवधारणा है !  ऐसा ही…

मनुष्य मृत्युंजयी कैसे बनता है : Yogesh Mishra

सनातन शैव संस्कृति अनादि है, अनंत है और काल से परे है ! क्योंकि इस संस्कृति के संस्थापक भगवान शिव ने स्वयं की है ! जो स्वयं काल से परे हैं ! भगवान शिव का कभी जन्म नहीं हुआ है…