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भारत परमाणु संपन्न राष्ट्र कैसे बना : Yogesh Mishra

आजादी के पश्चात भारत ने 18 मई 1969 को 8 बजकर 5 मिनट सुबह भारतीय वैज्ञानिकों के सहयोग से राजस्थान के पोखरण नामक स्थान पर सौ मीटर से भी अधिक गहराई में पहला भूमिगत परमाणु-विस्फोट किया था ! इस भूमिगत…

भारत का भाग्य उदय कैसे होगा : Yogesh Mishra

कोई भी राष्ट्र न तो संविधान से चलता है और न ही प्रशासन से चलता है ! राष्ट्र हमेशा नागरिकों की निष्ठा और समर्पण से चलता है ! किसी भी राष्ट्र में जब तक राष्ट्र के आम नागरिकों का समर्पण…

ब्रह्मास्मि क्रिया योग साधना पद्धति में प्रवेश प्रारम्भ : Yogesh Mishra

ईश्वर ने तो हमें संपूर्ण ही भेजा था, किन्तु इस समाज ने अपनी मर्यादाओं की ओट में हमारी सहाजता हमसे छीन कर हमें अपूर्ण बना दिया ! अब न हम समाज के लायक रह पाये और न ही प्रकृति से…

ब्रह्मास्मि क्रिया योग क्या है : Yogesh Mishra

सामान्य मनुष्य को ब्रह्म बनाने की प्रक्रिया ही ब्रह्मास्मि क्रिया योग है ! इसमें आपको अपनी जीवनी ऊर्जा को जागृत करके क्रमबद्ध अपना आतंरिक विकास करना होता है और अपने एक एक चक्र को सही दिशा निर्देश में सक्रीय करना…

बौद्ध धर्म का दुर्भाग्य पूर्ण विभाजन : Yogesh Mishra

बुद्ध के निर्वाण के 100 वर्ष बाद ही आपसी कलह में बौद्ध धर्म दो सम्प्रदायों में विभक्त हो गया – महायान बनाम हीनयान ! यह दोनों बौद्ध धर्म की ही शाखाएं थीं !  हीनयान निम्न वर्ग के लिये और महायान…

बुद्धिजीवियों की दुर्गति क्यों होती है : Yogesh Mishra

 भगवान श्री कृष्ण के श्री मुख से निकली हुई श्रीमद भगवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है कि यदि ज्ञानमार्गी साधकों का ज्ञान मार्ग में समर्पण नहीं है और वह मात्र वेदों का अनुकरण कर रहे हैं…

फेसबुक कलह केंद्र कैसे बना  : Yogesh Mishra

 मैने अपने निजी संज्ञान में वर्ष 2011 जनवरी से फेसबुक प्रयोग कर रहा हूं ! उस समय भारत में गिने-चुने बुद्धजीवी लोग ही फेसबुक का प्रयोग किया करते थे और जो लोग प्रयोग किया करते थे ! वह सामान्यतया समाज…

प्रश्न विहीन समाज के निर्माण की शुरुआत वैष्णव लेखकों ने की थी : Yogesh Mishra

जैसा कि मैं पहले के लेखों में लिख चुका हूं कि प्रश्न ही समाज की धड़कन है ! जिस समाज में प्रश्न खड़े नहीं होते हैं, वह समाज उस मरे हुए व्यक्ति की तरह है ! जिसकी धड़कन बंद हो…

पृथ्वी का संचालन हिमालय की दिव्य संतों की ऊर्जाओं से ही होता है !

धरती पर ऊर्जा के दो केंद्र हैं ! देव ऊर्जाओं के लिये हिमालय और आसुरी ऊर्जाओं के लिये साऊथ इस्ट एशिया ! दोनों के इस पृथ्वी पर समान अधिकार है ! हिमालय की ऊर्जाओं के आचार्य वृहस्पति हैं और साऊथ…

क्या पूरा विश्व विश्व सत्ता के षडयंत्रों की चपेट में है : Yogesh Mishra

विश्व का अति विकसित देश जर्मन यह मानता है कि उनका चांसलर एंजेला डोरोथी मर्केल गुप्त रूप से देश के जर्मन लोगों की जगह मध्य पूर्व और एशियाई लोगों के साथ मिला हुआ है और योजना के लिये कार्य कर…