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तंत्र की पंचमकार विकृत साधना ही बौद्धों के पतन का कारण है

प्राय: मूर्ख तांत्रिकों द्वारा पंचमकार को बिना समझे बुझे हुये उसकी बड़ी जोर शोर से पैरवी की जाती है ! जबकि पंचमकार का अर्थ है, पञ्च तत्वों को नियंत्रित करने का विज्ञान ! जिसमे पांच “म” शब्द से शुरू होने…

आखिर ज्योतिष की शुरुआत कैसे हुई : Yogesh Mishra

प्राचीन काल में जब आधुनिक सुविधाएं नहीं थी ! मनुष्य गुफाओं में रहता था और वस्त्र के स्थान पर जानवरों की खाल या पेड़ों के पत्रों का प्रयोग किया करता था ! तभी से मनुष्य के मन में प्राकृतिक घटनाओं…

जैविक युद्ध से भारत को खत्म करने की तैयारी 1990 में ही हो गई थी  : Yogesh Mishra

1971 में भारत की जनसंख्या 55 करोड़ थी ! जो हर दशक में 22% की गति से बढ़ रही थी ! जिसे लेकर विश्व के सारे ईसाई देश परेशान थे ! उनका यह मानना था कि यदि भारत की जनसंख्या…

जानिये इजराइल के 1/10 के सिद्धान्त को : Yogesh Mishra

भारत की आजादी के बाद विश्व के धरातल पर स्थापित हुआ छोटा सा देश इजरायल आज विश्व की महाशक्तियों में गिना जाने लगा है ! इसके पीछे इजराइल के नागरिकों का राष्ट्र के प्रति समर्पण और इसराइल के योजनाकारों के…

जूही चावला के 5G प्रकरण से षड्यंत्र की बू : Yogesh Mishra

प्रौढ़ावस्था प्राप्त अभिनेत्री जूही चावला जो कि मुंबई की स्थाई निवासी हैं ! उन्होंने अपने राज्य महाराष्ट्र के न्यायिक अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर मुंबई उच्च न्यायालय के स्थान पर दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष 5G टावर को स्थापित न…

चीन से इतना काल्पनिक भय क्यों : Yogesh Mishra

चीन भारत का पड़ोसी देश है ! भारत की सभ्यता, संस्कृति, धर्म, विचारधारा सभी का चीन पर गहरा प्रभाव पड़ा है ! जिसके बदले में चीन ने सदियों से भारत को अधिक से अधिक समझने का प्रयास किया है !…

चार्वाक दर्शन देवताओं द्वारा शैवों को छलने के लिये लिखा गया था : Yogesh Mishra

प्रायः लोग यह मानते हैं कि चार्वाक नाम का कोई व्यक्ति था, जिसने भौतिकवादी जीवन शैली को लेकर कोई दर्शन प्रकट किया था ! जबकि यह नितांत गलत है ! जब पूरी दुनिया पर शुक्राचार्य के मार्गदर्शन में मात्र तपोनिष्ठ…

चातुर्मास में वैष्णव के पलायनवाद का कारण : Yogesh Mishra

आषाढ़ मास शुक्ल एकादशी से कार्तिक मास शुक्ल एकादशी तक का समय लौकिक चातुर्मास का होता है ! इसका वर्णन तरह तरह से वैष्णव धर्म ग्रंथों में खूब किया जाता है और बतलाया जाता है कि इस समय भगवान विष्णु…

घोषित तानाशाह और छद्म तानाशाह

किसी भी लोकतान्त्रिक देश के शासन व्यवस्था में तीन संवैधानिक और एक अघोषित अर्थात चार स्वतन्त्र अंग होते हैं ! पहला विधायिका – यह अंग देश की जनता द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधियों द्वारा सामूहिक रूप से देश के संचालन के…

घृणा का व्यवसायी कौन : Yogesh Mishra

इस महाआपदा के काल में हजारों लोग, जिनमें पत्रकार, बुद्धिजीवी, एक्टिविस्ट, राजनेता, साधु-संत, मौलवी, उलेमा, पादरी, किसान, मजदूर, शिक्षक, नौकरशाह आदि सभी शामिल हैं ! अनेक प्रकार से संक्रमित मरीज, उनके परिवार तथा उनसे प्रभावित होने वाले लोगों की जो…