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रामायण में उत्तर कांड अलग से लिखा गया क्यों मालूम पड़ता है : Yogesh Mishra

प्रथम अध्याय के आरम्भ में ही 1/4/1 पर यह स्पष्ट लिखा है कि “भगवान् राम के राज्याभिषेक के बाद वाल्मीकि ने इन विवरणों को एक साथ 24,000 श्लोकों तथा 500 सर्गों में विभाजित कर छः कांडों में लिखा !” दूसरी…

रामदेव के विवाद का रहस्य : Yogesh Mishra

आजकल रामदेव का एक एन.जी.ओ. से हुआ विवाद सुर्ख़ियों में छाया हुआ है ! सारे अखबार, पत्र-पत्रिका, टी.वी. चैनल अब करो ना से हुई मौतों को गिनाने की जगह रामदेव के इस विवाद को तूल दे रहे हैं ! आज…

राम रावण युद्ध का अज्ञात इतिहास : Yogesh Mishra

सभी वैष्णव इतिहासकारों ने राम को मर्यादा पुरुषोत्तम और रावण को खलनायक बतलाया ! जबकि यह मात्र उस युद्ध का परिणाम था, जो इंद्र के अहंकार के कारण हुआ था ! उस समय पृथ्वी पर अनेक संस्कृतियों अपने-अपने तरीके से…

राम राज्य से भी बेहतर था भरत का शासन : Yogesh Mishra

सामान्यतया जब कभी क्षेष्ठ शासन व्यवस्था की बात चलती है तो कहा जाता है कि समाज को राम राज्य चाहिए क्योंकि भगवान श्री राम के शासन नीतियों को इतना आदर्श माना गया है कि आज तक उन नीतियों की असहजता…

राम के वनवास की असली वजह : Yogesh Mishra

कश्यप ऋषि और उनकी पत्नी दिति के पुत्र असुर राजा मय की पत्नी हेमा का इंद्र द्वारा अपहरण कर लेने के बाद असुर राजा मय के अपने बेटी मंदोदरी की इंद्र की वासना से रक्षा के लिये उसका विवाह महान…

राम की सेना में बंदरों नहीं वन नर थे : Yogesh Mishra

      वानर अर्थात “वने भवं वानम्, राति (रा आदाने) गृह्णाति ददाति वा ! वानं वन सम्बन्धिनं फलादिकं गृह णाति ददाति वा !! दूसरे शब्दों में जो वन में उत्पन्न होने वाले फलादि को खा कर जीवन निर्वाह करता है !…

राधा कामुक और छिनरे कथावाचकों की मानसिक कल्पना है : Yogesh Mishra

शास्त्र विहीन कथा वाचक बतलाते हैं कि संसार की दृष्टि में राधा की माता कीर्ति गर्भवती हुई लेकिन उनके गर्भ में राधा ने प्रवेश नहीं किया ! कीर्ति ने अपने गर्भ में वायु को धारण कर रखा था और योगमाया…

राजनीति से ब्राह्मणों का पलायन राष्ट्रहित में नहीं है : Yogesh Mishra

 शायद यह बहुत कम लोग जानते हैं कि ब्राह्मण अनादि काल से लड़ाकू नस्ल रही है इसका शस्त्र और शास्त्र दोनों पर समान अधिकार रहा है ब्राह्मणों ने ही सदैव से क्षत्रियों को शस्त्र विद्या देकर युद्ध के लिये तैयार…

लोकतंत्र में पिटोला की भूमिका : Yogesh Mishra

क्या आप जानते हैं कि पुराने ज़माने में रजवाड़ों में एक पिटोला परंपरा हुआ करती थी ! इस पिटोला परंपरा का कार्य राजा का मानसिक संतुलन ठीक बनाये रखना होता था, क्योंकि जब राज दरबार में राजा के समक्ष न्याय…

योग्य गुरु को क्रोधी क्यों होना चाहिये : Yogesh Mishra

उच्चतम आध्यात्मिक सत्य सनातन ज्ञान मात्र भौतिक ज्ञान या कुछ कर्मकाण्डीय श्लोकों को रट लेने से प्राप्त नहीं होता है ! यह एक योग्य गुरु की मानसिक कृपा से ही प्राप्त हो सकता है ! जब गुरु इतना योग्य होता…