फर्जी सेंसेक्स उछाल : Yogesh Mishra

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि देश के चौकीदार के नेतृत्व में चल रही भारत की अर्थव्यवस्था में हम भारत की कुल आय का 85% पैसा विश्व बैंक का कर्ज चुकाने में लगा देते हैं ! जिसकी चर्चा न…

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि देश के चौकीदार के नेतृत्व में चल रही भारत की अर्थव्यवस्था में हम भारत की कुल आय का 85% पैसा विश्व बैंक का कर्ज चुकाने में लगा देते हैं ! जिसकी चर्चा न…

जैसा कि मैंने 22 अप्रैल 2022 के अपने लेख में पूर्व में ही आगाह कर दिया था कि वर्तमान में भारत के सेंसेक्स का फर्जी उछाल इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के दो दिन अर्थात 21-22 अप्रैल 2022 के भारत…

गुप्त नौरात्रि पर विशेष लेख ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाऐ विच्चे यह शाब्दिक नौ अक्षरा मंत्र है ! इसका अर्थ नवार्ण नव और अर्ण के युग्म सेबना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है नौ अक्षर से बना हुआ ! इसीलिये ऊं…

सुमेरियन, बेबीलोनिया, असीरिया और सिंधु घाटी की खुदाई में भी बैल की मूर्ति पाई जाती है जिसे शिव भक्त प्राय: नंदी कह देते हैं ! जबकि नंदी बैलों में एक ब्राण्ड मात्र है ! जिसके नश्ल सुधार का काम बनारस…

ध्यान प्रक्रिया हर देश काल परिस्थिती में अलग अलग समय पर अलग अलग रहीं हैं ! आधुनिक मनुष्य का मन मस्तिष्क प्राचीन काल से अलग है ! आज का बदला हुआ चित्त एक बहुत ही नयी घटना है ! कोई…

प्राय: देखा गया है कि भारतीय भाषा के शब्द धर्म को मजहब, पंथ, मत या संप्रदाय, रिलीजन के समकक्ष माना जाता है ! जबकि धर्म का अर्थ समाज का वह नियम समूह जिसे समाज ने सामान्य स्वीकृति से धारण अर्थात…

आज दुनिया के किसी भी संपन्न देश में कोई भी संपन्न व्यक्ति हिंदुओं को छोड़कर लक्ष्मी की पूजा नहीं करता है ! फिर भी पूरी दुनिया की संपन्नता का 80% पैसा ऐसे लोगों के पास है, जिन्होंने कभी भी लक्ष्मी…

विषय बहुत सामान्य सा है, लेकिन गंभीर है ! मनुष्य जानवर के मुकाबले उत्तरोत्तर क्रमबद्ध विकास करता है ! इसीलिए आज मनुष्य ने आज हर तरह के जीव-जंतु, पशु-पक्षियों पर अपना नियंत्रण बना लिया है ! इसी नियंत्रण की इच्छा…

क्या आपने कभी विचार किया कि भारत में निर्मित सभी फिल्म और टीवी सीरियल में भारत को दिशा देने वाले गुरुकुलों के आचार्यों को सदैव घास फूस की कुटिया में जमीन पर चटाई बिछा कर बैठे हुए क्यों दिख लाया…

कोई ब्राह्मण को लाख गाली दे लेकिन राष्ट्र हित में ब्राह्मणों से अधिक रिस्क लेने वाला कोई नहीं हो सकता है ! इसका सबसे बड़ा उदहारण फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” है ! जिसके लिये पीड़ित कश्मीरी पंडितों ने कई बार…