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भारतीय अर्थव्यवस्था अब गूगल क्लाउड की गिरफ्त में : Yogesh Mishra

डिजिटल इंडिया बनाने वाले पे.टी.एम. के शेयर डाउन हो गये हैं और दूसरी तरफ अडाणी समूह ने गूगल क्लाउड के साथ मल्टी ईयर की साझेदारी कर भारत में गूगल क्लाउड तकनीकी के सहयोग से डिजिटल इंडिया बनाने की मुहिम को…

भगवान किसी का सहायक नहीं है : Yogesh Mishra

सभी वैष्णव धर्म शास्त्र कहते हैं कि ईश्वर के भरोसे जीवन नैया सकुशल पार हो जाती है लेकिन व्यवहारिकता की कसौटी पर कसने पर ऐसा पता चलता है कि ईश्वर का भरोसा एक अलग विषय है और संसार का लोक…

भगवान का दर्शन बहुत आसान है : Yogesh Mishra

भगवान का दर्शन बहुत आसान है, बस व्यक्ति का चित्त कमजोर होना चाहिये ! इसीलिए वैष्णव भक्त लोग लंबे उपवास करके चित्त को कमजोर बना लेते हैं ! जिससे कि वह शास्त्रों के अनुरूप जो भी कल्पना कर चुके हैं…

ब्रह्मा भी शिव के आधीन कैसे हैं : Yogesh Mishra

चित् वह है जो अपने को सब आवरणों से ढककर भी सदा अनावृत बना रहता है, सब परिवर्तनों के भीतर भी सदा परिवर्तनरहित बना रहता है ! उसमें प्रमाता प्रमेय, वेदक वेद्य का द्वैत भाव नहीं रहता, क्योंकि उसके अतिरिक्त…

बुढ़ापे से मूल्यवान कुछ भी नहीं है : Yogesh Mishra

पश्चिम के विकृत जगत ने पूरी शिद्दत से हमें यह बताने की चेष्टा की है कि बूढ़ा व्यक्ति किसी योग्य नहीं होता है, लेकिन सनातन जीवन शैली में बूढ़े व्यक्ति को परिवार ही नहीं समाज और राष्ट्र का आधार माना…

बीजेपी का हिंदुत्व द्रोह : Yogesh Mishra

एक तरफ 19 जनवरी 1990 को जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों नरसंहार शुरू कर दिया था, जिससे कश्मीरी पंडितों का कश्मीर से सामूहिक पलायन शुरू हो गया था, तो दूसरी तरफ सवर्ण परिवारों के बच्चे आरक्षण के…

महर्षि बाल्मीकि का राम के प्रति आक्रोश : Yogesh Mishra

रामायण के लेखन प्रक्रिया को देख कर स्पष्ट पता चलता है कि महर्षि बाल्मीकि उत्तर कांड की रचना राम के राजनैतिक प्रभाव के कमजोर पड़ने के बाद की थी ! जिसमें तपस्वी शम्बूक की हत्या से लेकर श्रीराम द्वारा अपनी…

बाबा की कैश लैस इकनामी : Yogesh Mishra

भारत एक ऐसा देश है, जिसमें यदि आपने मात्र भगवा पहन रखा है, तो आप खुले आम हजार अपराध करके भी लोक प्रिय बने रह सकते हैं ! फिर चाहे आप देशी गाय के घी के नाम पर पामआयल बेच…

बलात्कार का मनोविज्ञान : Yogesh Mishra

बलात्कारकी घटना हमारे ही सभ्य समाज में क्यों होती है ! यह आदिवासी या तथाकथित अति पिछड़े अविकसित क्षेत्रों में क्यों नहीं होती है ! जहाँ आधुनिकता की मार अभी तक नहीं हुई है ! किसी कामुक साहित्य या कामुक…

बजट में फिर दिखी डिजिटल गुलामी की झलक : Yogesh Mishra

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए देश के क्षेत्रों शहरी के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के ठेके देने का प्रस्ताव दिया है ! जो वैश्विक गुलामी…