मात्र संस्कृत भाषा हिंदुत्व का आधार नहीं है : Yogesh Mishra

यह एक चिंतन का विषय है कि भारत अनादि काल से विभिन्न भाषा और संस्कृतियों का देश रहा है ! फिर भी सभी धर्म ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही क्यों मिलते हैं ? जबकि भारत के संदर्भ में तो यह…
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यह एक चिंतन का विषय है कि भारत अनादि काल से विभिन्न भाषा और संस्कृतियों का देश रहा है ! फिर भी सभी धर्म ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही क्यों मिलते हैं ? जबकि भारत के संदर्भ में तो यह…

भारतीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया जो कि एक प्रबल दार्शनिक ही नहीं, अच्छे चिंतक और विचारक भी हैं ! इन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि हिंदू समाज के विनाश का कारण हिंदुओं के अवतारवाद की अवधारणा है ! ऐसा ही…

सनातन शैव संस्कृति अनादि है, अनंत है और काल से परे है ! क्योंकि इस संस्कृति के संस्थापक भगवान शिव ने स्वयं की है ! जो स्वयं काल से परे हैं ! भगवान शिव का कभी जन्म नहीं हुआ है…

जैसा कि मैंने अपनी पूर्व के अनेक लेखों में लिखा है कि वर्तमान में प्रचालन में श्रीमद्भगवद्गीता भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिये गये उपदेश से अलग है ! आज प्रचालन में यह ईसाइयों द्वारा लिखवाई गई गीता है…

भगवान के नाम पर होने वाले 6000 करोड़ से अधिक के व्यवसाय का परिचय बतलाने की जरूरत आज किसी को नहीं है ! भारत के अंदर 12 लाख से अधिक छोटे-बड़े मंदिर, गांव गांव में भगवा लपेटकर और टीका लगाकर…

प्रायः यह अवधारणा है कि जो व्यक्ति भक्त होता है वह धार्मिक भी होता है लेकिन यह अवधारणा अनादि काल से अस्वीकार्य है क्योंकि प्राचीन काल में भी यह माना गया कि जिस व्यक्ति ने धर्म के लक्षणों को स्वीकार…

आजकल हिंदू धर्म और ब्राह्मणों को पानी पी पी कर गाली देने का एक प्रचलन सा शुरू हो गया है ! इसके पीछे विदेशी इसाई संस्थाओं और बौद्ध षड्यंत्रकारियों का स्पष्ट हाथ है ! प्रशासनिक सेवाओं की कोचिंग पढ़ाने…

जैसा कि मैंने पूर्व के अपने एक लेख में बतलाया कि बौद्ध धर्म को लेकर आज तक कभी नहीं इतिहास में कोई प्रमाणिक ग्रंथ नहीं मिला है ! जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि बौद्ध धर्म के संस्थापक…

आज दुनिया का कोई भी अर्थशास्त्री आपको यह नहीं बतलायेगा कि बेरोजगारी एक भ्रम है ! जिसे जानबूझकर समाज में फैलाया गया है ! इसके पीछे संपन्न लोगों का उद्देश्य अपनी प्रतिस्पर्धा समाप्त करना है ! इसीलिए हमें दुनिया के…

यह भारत का इतिहास रहा है कि जब भी कोई सनातन धर्म की रक्षा के लिए कोई भी प्रभावशाली कदम उठाता है उसे वैश्विक षड्यंत्रकारी किसी न किसी महान संकट में जरूर डाल देते हैं ! फिर वह चाहे आसाराम…