शैवत्व एक आंदोलन है : Yogesh Mishra

विश्व की कई संस्कृतियों के मिट जाने के बाद भी सत्य सनातन धर्म आज भी अपनी संस्कृति के साथ इस धरातल पर जीवित है ! इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि समय-समय पर सनातन धर्म को शुद्ध विकसित और…
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विश्व की कई संस्कृतियों के मिट जाने के बाद भी सत्य सनातन धर्म आज भी अपनी संस्कृति के साथ इस धरातल पर जीवित है ! इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि समय-समय पर सनातन धर्म को शुद्ध विकसित और…

शैव साधना पद्धति के सात चरण हैं ! जो पूरी तरह से वैष्णव साधना पद्धति से भिन्न हैं ! शैव साधना में सबसे ज्यादा कार्य स्वयं अपने आप पर करना होता है, जबकि वैष्णव साधना पद्धति में सबसे अधिक कार्य…
शिव सहस्त्रार साधना शैव जीवन शैली के माध्यम से मुक्ति प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ साधना मार्ग है ! इस साधना विधान का तत्वज्ञान भगवान शिव द्वारा स्वयं रावण को आचार्य शिष्य परम्परा के तहत दिया गया था ! वैष्णव जीवन…

शैव साहित्यों की शृंखला ही बहुत विस्तृत है ! वैरोचन के ‘लक्षणसार समुच्चय’ में इन आगमों के विशाल वांगमय का विस्तार से वर्णन है ! शिव के शास्त्र के रूप में ‘शिवधर्म’ और ‘शिवधर्मोत्तर’ ग्रंथों को शैव साधकों द्वारा रचा…

(शोध परक लेख) प्राय: समाज में शनि की महादशा अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा बड़े भय से देखी जाती है ! साथ ही नव उदित ज्योतिष के अनुसार अब शनि की ढैया और साढ़ेसाती को भी भय से देखे जाने का…

उद्यम असफल होने के कई कारण हैं, किंतु इसमें सबसे पहला कारण यह है कि उद्यमी को यह पता ही नहीं होता है कि उसके उद्यम की दिशा सही है या गलत है ? अर्थात दूसरे शब्दों में यह कहा…

वैष्णव धर्म ग्रंथों के अनुसार भारत में जब वैष्णव जीवन शैली अपने पूर्ण प्रसार पर थी ! तब दो महायुद्ध हुए ! एक राम रावण का युद्ध और दूसरा महाभारत का धर्म युद्ध और यह दोनों ही युद्ध धर्म और…

सभी कथावाचक बतलाते हैं कि रामायण समाज के हर वर्ग को जोड़ने का दिव्य ग्रंथ है ! यह कोई भी कथावाचक नहीं बतलाता है कि रामायण ने ही व्यक्ति के स्वतन्त्र चिंतन करने और अपनी राय प्रकट करने के संदर्भ…
इसमें कोई शक नहीं है कि आज अधिकांश सनातन धर्मी वैष्णव जीवन शैली का अनुगमन करते हैं ! लेकिन यह सनातन धर्मी वैष्णव जीवन शैली का अनुगमन करने के चक्कर में खुद तो पथभ्रष्ट हो ही गये हैं ! साथ…

वैष्णव दो तरह के होते हैं ! एक अर्ध वैष्णव, दूसरे पूर्ण वैष्णव ! अर्ध वैष्णव से तात्पर्य ऐसे वैष्णव लोगों से है, जो मठ मंदिरों के मुखिया हैं ! कथावाचक हैं या महंगे कर्मकांडी ब्राह्मण हैं ! प्राय: यह…