विश्व सत्ता को स्वीकारिये या फिर संसार से विदा लीजिये : Yogesh Mishra

जब भारत में लोकतंत्र की बुनियाद रखी जा रही थी ! तब लोग यह मानने को तैयार नहीं थे कि भारत के अंदर राजसत्ता का कोई विकल्प कभी स्थापित हो पायेगा ! लोगों के दिमाग में यह भ्रम था कि…

जब भारत में लोकतंत्र की बुनियाद रखी जा रही थी ! तब लोग यह मानने को तैयार नहीं थे कि भारत के अंदर राजसत्ता का कोई विकल्प कभी स्थापित हो पायेगा ! लोगों के दिमाग में यह भ्रम था कि…

क्या नयी विश्व सत्ता में अब पुराने नायकों की जरुरत नहीं है ! मुहम्मद साहब की कब्र को मदीना से हटाकर उनके अवशेष को किसी अज्ञात जगह में ले जाने के प्रस्ताव से मुस्लिम जगत दो भागों में बंट गया…

विश्व के साम्राज्यवादी और पूंजीवादी व्यवस्था ने अपने विश्व सत्ता के उद्देश्य को पाने के लिये पश्चिमी शिक्षा पद्धति के माध्यम से बराबर हमें यह समझाने का प्रयास किया है कि हम और हमारे पूर्वज दोनों ही पूरी तरह से…

यह एक सामान्य मनोविज्ञान का शोध है कि यदि किसी व्यक्ति की दिनचर्या से किसी कार्य को निरंतर 40 दिन के लिये अलग कर दिया जाये, तो वह व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी नई दिनचर्या में उस कार्य को स्थाई रूप से…

आने वाले समय में अन्न पर पहला हक़ रोटी, शराब और पेट्रोल में किसका होगा ! जैसा कि फोटो से स्पष्ट है कि गोदामों में अनाज सड़ता नहीं बल्कि किसी के इशारे पर जानबूझ कर खाने का अनाज सड़वाया जाता…

क्या आप जानते हैं कि आपका दिमाग ही विश्व सत्ता का नया हथियार है ! चलिये इस पर थोड़ा विस्तार से चर्चा करते हैं ! मनुष्य की उत्पत्ति के साथ ही मनुष्य की भावनाओं ने और महत्वाकांक्षाओं ने व्यक्ति को…

कोरोना काल का सबसे ज्यादा असर भारत की वर्तमान शिक्षा नीति पर पड़ा है ! अभी तक जो बच्चे अपने घरों से बाहर रहकर दूसरे शहरों में कोचिंग या शिक्षा ग्रहण करते थे ! इसको और इनके परिवार वालों को…

भारतीय संस्कृति और विश्व की दूसरी संस्कृतियों में बहुत से मूलभूत अंतर हैं ! जिसका सबसे प्रमुख कारण यह है कि भारतीय संस्कृति का अभ्युदय अति संपन्नता से उत्सव के मध्य हुआ है और विश्व की समस्त दूसरी संस्कृतियों की…

राजनीति का नाम लेते ही मन में यह भाव पैदा होता है कि राजनीति धूर्त व्यक्तियों का विषय है ! इसमें सीधे, सच्चे, ईमानदार, राष्ट्रभक्त और समर्पित व्यक्तियों का कोई स्कोप नहीं है किन्तु निकट भविष्य में भारत ही नहीं…

आज पूरी की पूरी दुनिया के डिस्टलाइजेशन का हवाला देकर हमें यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि यदि भारत डिस्टलाइजेशन हो जायेगा ! तो भारत के अंदर से भ्रष्टाचार, गरीबी, बेईमानी, चोरी, मुफतखोरी, हरामखोरी आदि सब कुछ…