भारत में दुर्योधन का मंदिर भी है : Yogesh Mishra

महाभारत की कथा में दुर्योधन एक खलनायक है ! लेकिन क्या आपको पता है कि दुर्योधन बहुत बड़ा शिव भक्त था और वह पूरे कुरु साम्राज्य में शैव जीवन शैली की पुनः स्थापना करना चाहता था ! जिस शुभ कार्य…

महाभारत की कथा में दुर्योधन एक खलनायक है ! लेकिन क्या आपको पता है कि दुर्योधन बहुत बड़ा शिव भक्त था और वह पूरे कुरु साम्राज्य में शैव जीवन शैली की पुनः स्थापना करना चाहता था ! जिस शुभ कार्य…

स्कन्द पुराण के अनुसार सतयुग में बद्रीनाथ क्षेत्र को “मुक्तिप्रदा” के नाम से जाना जाता था ! तब यह भगवान शिव की एक सैन्य प्रशिक्षण छावनी हुआ करती थी ! यह अलकनंदा नदी के निकट थी ! यहाँ ठण्ड बहुत…

आज इतिहास में यह बहुत बड़ा प्रश्न है कि जब रावण राक्षस था और उस जैसा विद्वान व्यक्ति यह जानता था कि राम उससे लड़ने आने के लिये रावण के साले बाली को छल से मार कर सुग्रीव की मदद…

श्रीलंका का त्रिकुट पर्वत जिसे अब सिगिरिया पर्वत कहा जाता है ! वहां पर रावण का महल था ! जिसे वामपंथी इतिहासकारों ने मिथ्या साबित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी ! आप बाल्मीकि रामायण के सुन्दर काण्ड में जैसे…

सूपनखा रावण से मात्र 12 वर्ष छोटी थी ! इसका वास्तविक नाम चंद्र सुंदरी था अर्थात जो चंद्रमा के समान सुंदर हो ! इसके पति का नाम विद्युतजिह्वा था ! जिसे रावण ने वर्तमान के अफ्रीका राज्य का प्रभारी बनाया…

उस समय राक्षस जैसी कोई प्रजाति नहीं हुआ करती थी ! रावण विद्वान होने के साथ-साथ कूटनीतिज्ञ भी था ! उसने वैष्णव संस्कृत की एक बड़ी कमजोरी पकड़ ली थी ! वह यह थी कि वैष्णव संस्कृति में जब कोई…

यह कथा उस काल की है ! जब वैष्णव जीवन शैली के पोषक देवता पूरी दुनियां में वैष्णव धर्म की स्थापना करना चाहते थे और शैव जीवन शैली के पोषक दानव के अपने अस्तित्व रक्षा के लिये विश्व व्यापी स्तर…

भगवान शिव ही शैव तंत्र विज्ञान के अविष्कारक हैं क्योंकि आज विश्व में जो मानव संस्कृति दिखाई दे रही है इसके निर्माता, संरक्षक व निर्देशक भगवान शिव ही हैं ! सतयुग में समस्त सृष्टि पर भगवान शिव का ही एकाधिकार…

रक्ष संस्कृति का स्वामी रावण महापंडित था ! उसकी अपनी विशाल सेना थी ! जिसमें दूसरे लोक के सैनिक भी थे ! उसने कई युद्ध लड़े थे ! भगवान राम ने इन्द्र के उकसाने पर 300 से अधिक वैष्णव राजाओं…

रावण ने ब्रह्मा जी से अमृत ज्ञान का वरदान मांगा था और उस ज्ञान से निर्मित उस सिद्ध अमृत को उसने अपनी नाभि में रख लिया था ताकि उसकी मृत्यु न हो सके ! इसी सिद्ध अमृत साधना से उसके…