Category Shaivism & Vaishnavism

शिव सहस्त्रार ग्रन्थ का महत्व : Yogesh Mishra

शिव सहस्त्रार एक तमिल भाषा में श्रुति और स्मृति के आधार पर संग्रहित किया गया ऐसा ग्रंथ है, जो राम रावण युद्ध के बाद विलुप्त हो गया ! लेकिन इसका बहुत बड़ा अंश तमिल लोकगीतों में बहुत समय तक चर्चा…

महाभारत धर्म युद्ध नहीं बल्कि पारिवारिक युद्ध था : Yogesh Mishra

यह एक बहुत बड़ी भ्रांति है कि महाभारत युद्ध में पूरे विश्व के राजा अपनी अपनी सेनाओं के साथ लड़े थे, जबकि सत्यता यह है कि महाभारत युद्ध में भाग लेने वाले राजा मात्र आर्यावर्त अर्थात प्राचीन भारत के ही…

राम को इंसान से भगवान बनाने की कोशिश : Yogesh Mishra

भगवान श्री राम न ही इंसान है और न ही भगवान हैं ! भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व एक ऐसा व्यक्तित्व है जिसे आप इंसान के दृष्टिकोण से देखें तो वह एक मर्यादा पुरुषोत्तम इंसान के रूप में नजर आते हैं…

ईश्वर की प्राप्ति के लिये किसी भक्ति की आवश्यकता नहीं है : Yogesh Mishra

वैष्णव ढोंगीयों ने ईश्वर की प्राप्ति का माध्यम भगवान की भक्ति को बतलाया है ! इसीलिए वैष्णव लोग ईश्वर की प्राप्ति के लिए भगवान भजन पर बहुत दबाव बनाते हैं ! जबकि सच्चाई यह है कि ईश्वर की प्राप्ति के…

एकलव्य का सत्य : Yogesh Mishra

प्राय: सुनने में आता है कि द्रोणाचार्य ने एक गरीब आदिवासी बालक एकलव्य का अंगूठा कटवा लिया था ! इस कथा का प्रयोग फिलहाल राजनीतिक वोट बैंक के लिए ब्राह्मणों के विरुद्ध सर्वाधिक किया जाता है ! अब यहां पर…

शिव सहस्त्रार ज्ञान क्या है : Yogesh Mishra

आत्म कल्याण की इच्छा से अपने पितामह ब्रह्मा जी का अनन्य तप करने के बाद भी जब रावण को वेदों का ज्ञान तो प्राप्त हो गया किन्तु आत्म संतुष्टि नहीं हुई ! तब रावण ने भगवान शिव की आराधना करने…

महर्षि बाल्मीकि का राम के प्रति आक्रोश : Yogesh Mishra

रामायण के लेखन प्रक्रिया को देख कर स्पष्ट पता चलता है कि महर्षि बाल्मीकि उत्तर कांड की रचना राम के राजनैतिक प्रभाव के कमजोर पड़ने के बाद की थी ! जिसमें तपस्वी शम्बूक की हत्या से लेकर श्रीराम द्वारा अपनी…

वैष्णव की शिवरात्री : Yogesh Mishra

इतिहास से अनजान डोलक मजीरा बजाने वाले वैष्णव लोग आज शिवरात्री का भी व्रत उपवास आदि रख रहे हैं ! जबकि इन्हीं के तथाकथित भगवानों ने बहुत बड़ी मात्रा में शिव भक्तों को योजना बद्ध तरीके से हत्या करवा कर…

धन का लक्ष्मी से कोई संबंध नहीं है : Yogesh Mishra

आज दुनिया के किसी भी संपन्न देश में कोई भी संपन्न व्यक्ति हिंदुओं को छोड़कर लक्ष्मी की पूजा नहीं करता है ! फिर भी पूरी दुनिया की संपन्नता का 80% पैसा ऐसे लोगों के पास है, जिन्होंने कभी भी लक्ष्मी…

स्वार्थी वैष्णव देवताओं की धूर्तता : Yogesh Mishra

मात्र 31 वर्षीय अथर्व के पुत्र महर्षि दधीचि की हड्डियों वज्र बने के लिये इंद्र महर्षि दधीचि के जीवित ही उनके शरीर से निकल लीं थी ! जिससे उनके उनकी मृत्यु के बाद उनका तपोबल से अर्जित तेज कहीं उनकी…