Category Shaivism & Vaishnavism

क्या है सीता के त्याग का रहस्य ? : Yogesh Mishra

प्राय: भगवान श्रीराम पर यह आरोप लगाया जाता है कि उन्होंने मात्र एक धोबी के कहने पर अपनी पत्नी श्रीमती सीता मैया का गर्भाकाल में परित्याग कर दिया था ! किंतु मैं आप सभी को यह बताना चाहता हूं कि…

क्या राम कृष्ण से भी चतुर राजनीतिज्ञ थे ! : Yogesh Mishra

शोध लेख प्रायः यह जनप्रवृत्ति रही है कि श्रीराम को सरल , करुणावत्सल और मर्यादारक्षक व्यक्तित्व के रूप में देखा गया जो सदैव सामाजिक और राजनैतिक मर्यादाओं की रक्षा करते हैं ! जबकि श्रीकृष्ण को एक चतुर , कूटनीतिज्ञ और…

योरोप भगवान राम के पूर्वजों ने बसाया था ! : Yogesh Mishra

श्रीराम कथा के प्रभाव की व्यापकता को देखकर अंग्रेजों की शह पर पाश्चात्य तथाकथित विद्वानों ने रामायण को ई. पू. 300 से 100 ई पू की रचना कहकर काल्पनिक पात्र घोषित करने का षड्यंत्र रचा था ! जिन्होंने रामायण को…

जानिए शमशान के निकट शिव मन्दिर का रहस्य और ताजमहल : Yogesh Mishra

मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य है इससे कोई भी इनकार नहीं कर सकता और यह हर जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिये अनिवार्य है क्या आपने कभी विचार किया के प्राचीन शिव मंदिर के निकट प्रायर श्मशान घाट क्यों होता…

शैव नगरी काशी की विश्व प्रसिद्ध होली : Yogesh Mishra

आपने वैष्णव नगरी बरसाने की होली तो सुनी होगी आइये हम आपको शैव नगरी बनारस की होली के बारे में बतलाते हैं ! बनारस में होली की शुरूआत रंग भरी एकादशी से होती है ! ऐसी मान्यता है कि रंग…

शैवों का साहित्य निर्माण कभी रुका नहीं : Yogesh Mishra

कहा जाता है कि शैव उपासक रावण पर भगवान राम के विजय के बाद वैष्णवों के धर्म अनुयायियों में एक से एक वैष्णव उपासना पद्धति और वैष्णव साहित्यों का निर्माण किया है जबकि वैष्णव राज सत्ता का समर्थन न मिलने…

शैव तन्त्र बदनाम कैसे हुआ ? : Yogesh Mishra

जिसे आम लोग तंत्र के नाम से जानते हैं वह है जादू-टोना, जिसका कोई दार्शनिक और वैज्ञानिक आधार नहीं है और जिसकी बुनियाद में सदियों से चले आते अंधविश्वास हैं ! जबकि तंत्र वास्तव में अंधविश्वास को तोड़ता है !…

तंत्र शैव आध्यात्मिक उपचार पध्यति की एक विधा है ! Yogesh Mishra

तंत्र का नाम आते ही लोगों के ज़हन में एक कंकाल, खोपड़ी, ढेर सारी जलती हुई अगरबत्तियां, आदि दिमाग में आती हैं ! लोग इसे जादू-टोना, टोटका भी कहते हैं ! और यही वजह है कि लोग इससे दूर भागते…

कभी कैलास मानसरोवर से कैस्पियन सागर तक था शैवों का साम्राज्य !!

वैसे तो कैलास मानसरोवर से कैस्पियन सागर की दूरी लगभग 3,000 किलोमीटर है ! कैस्पियन सागर एशिया की एक झील है, जिसे अपने वृहत आकार के कारण सागर कहा जाता है ! मध्य एशिया में स्थित यह झील क्षेत्रफल के…

सभी प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति शैव उपासना से हुई है ! : Yogesh Mishra

भगवान शिव की पूजा या आराधना एक गोलाकार पत्थर के रूप में की जाती है जिसे पूजा स्थल के गर्भगृह में रखा जाता है ! सिर्फ भारत और श्रीलंका में ही नहीं, भारत के बाहर विश्व के अनेक देशों में…