लेख लिखने का महत्व : Yogesh Mishra

सदैव से सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन निरंतर एक वैचारिक क्रम से होता रहा है ! चीजों का विश्लेषण करने की क्षमता एक ईश्वरीय गुण है ! इसे अध्ययन से बढ़ाया तो जा सकता है लेकिन किसी भी विषय के सार…

सदैव से सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन निरंतर एक वैचारिक क्रम से होता रहा है ! चीजों का विश्लेषण करने की क्षमता एक ईश्वरीय गुण है ! इसे अध्ययन से बढ़ाया तो जा सकता है लेकिन किसी भी विषय के सार…

चीन भारत का पड़ोसी देश है ! भारत की सभ्यता, संस्कृति, धर्म, विचारधारा सभी का चीन पर गहरा प्रभाव पड़ा है ! जिसके बदले में चीन ने सदियों से भारत को अधिक से अधिक समझने का प्रयास किया है !…

प्रश्न ही समाज की धड़कन है ! जिस समाज में प्रश्न खड़े नहीं होते हैं, वह समाज उस मरे हुए व्यक्ति की तरह है ! जिसकी धड़कन बंद हो चुकी है अर्थात दूसरे शब्दों में कहा जाये तो एक संवेदनशील…

भारत में जगह-जगह विकिरण की जांच करने वाले वैज्ञानिकों ने पाया कि जोधपुर से दस मील पश्चिम में तीन वर्ग मील क्षेत्र में रेडियोधर्मी राख की एक परत है ! जो पूर्व में वहां हुए किसी परमाणु हथियार की ओर…

भारत के पास ही एक मजबूत आई.टी. पारिस्थितिकी तंत्र है जो किसी भी तकनीक का लोकतंत्रीकरण करने की सभी क्षमताएं रखता है ! क्योंकि विश्व स्तर पर हम एक ऐसे देश के रूप में पहचाने जाते हैं ! जिसके पास…

क्या आप जानते हैं कि विश्व सत्ता इस दुनिया को कैसे नियंत्रित करती है ! यदि नहीं तो ध्यान से पढ़िये ! हमारे इंटरनेट की दुनिया में 5 लेयर होती है ! पहली लेयर सर्फिंग लेयर कहलाती है ! जिसमें…

भारत में जो कभी 1,972 तरह के ग्रामीण कुटीर उद्योग थे ! उनमें से अब कुल 96 वस्तुओं के उत्पादक ग्रामोद्योग बचे हैं ! जिन्हें खनिज आधारित उद्योग, वनाधारित उद्योग, कृषि आधारित उद्योग, चमड़ा और रसायन उद्योग, गैर परम्परागत ऊर्जा…

यह एक बहुत बड़ी भ्रांति है कि भगवान विष्णु और राजा विष्णु एक ही व्यक्ति थे ! इसको आज इस लेख में मैने स्पष्ट करने का मन बनाया है ! मनुष्य के ज्ञात इतिहास में सबसे प्राचीन संस्कृति “शैव संस्कृति”…

यह एक कटु सत्य है कि आज हमारे राष्ट्र और समाज में जो भी समस्याएं दिखाई दे रही हैं ! इन सब का सबसे अधिक दोषी समाज देश का तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग ही है ! क्योंकि यह वर्ग विलासिता का…

इजराइल के विकास और भारत के पतन का तांत्रिक कारण : Yogesh Mishra क्या आपको मालूम है कि सत्रहवीं सदी के पहले यहूदियों के झंडे में पांच कोणों वाले एक निशान का प्रयोग होता था, जिसे “किंग सोलोमन” से संबंधित…