जानिए अर्धनारीश्वर स्वरूप क्या है : Yogesh Mishra

सनातन ऋषि कहते हैं कि प्रकृति की व्यवस्था के तहत पुरुष आधा ही है और स्त्री भी समग्र नहीं है बल्कि वह भी प्रकृति के आधे अंग की ही स्वामिनी है ! यही मैथुनिक सृष्टि का आधार है ! न…

सनातन ऋषि कहते हैं कि प्रकृति की व्यवस्था के तहत पुरुष आधा ही है और स्त्री भी समग्र नहीं है बल्कि वह भी प्रकृति के आधे अंग की ही स्वामिनी है ! यही मैथुनिक सृष्टि का आधार है ! न…

2 फरवरी 1835 को ब्रिटेन की संसद में ‘थॉमस बैबिंगटन मैकाले’ के भारत के प्रति विचार और योजना ‘मैं भारत में काफी घूमा हूं ! दाएं-बाएं, इधर-उधर मैंने यह देश छान मारा और मुझे एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं दिखाई…

जैसा कि मैं पहले के लेखों में लिख चुका हूं कि प्रश्न ही समाज की धड़कन है ! जिस समाज में प्रश्न खड़े नहीं होते हैं, वह समाज उस मरे हुए व्यक्ति की तरह है ! जिसकी धड़कन बंद हो…

वैसे कहने को तो हम सभी राजा सूर्य, विवस्वान्, चंद्र, ऋषि, मुनि, मनु और कश्यप ऋषि आदि की संतानें हैं ! पर इतिहास साक्षी है हम हमेशा से मात्र अपने साम्राज्य विस्तार के लिये अपनों से ही लड़ते आये हैं…

अयोध्या वैष्णव संस्कृति के विरासत की प्रतिष्ठित नगरी रही है ! यही राजा का जन्म स्थान था तथा यह रामराज्य के यथार्थ का केंद्र भी था ! उस समय समस्त विश्व में वैष्णव सांस्कृतिक मूल्यों की प्रतिष्ठा यहीं से निर्धारित…

इस महाआपदा के काल में हजारों लोग, जिनमें पत्रकार, बुद्धिजीवी, एक्टिविस्ट, राजनेता, साधु-संत, मौलवी, उलेमा, पादरी, किसान, मजदूर, शिक्षक, नौकरशाह आदि सभी शामिल हैं ! अनेक प्रकार से संक्रमित मरीज, उनके परिवार तथा उनसे प्रभावित होने वाले लोगों की जो…

मेरी बात सुनने में आपको अटपटी लग सकती है लेकिन यह सच है कि आज सदियों से जो हम अपने अस्तित्व को बचा कर रख पाये हैं, इसका मूल कारण हमारी आत्म केन्द्रित जीवन शैली ! भारतीय सनातन संस्कृति में…

क्या आप जानते हैं कि भारत में प्रतिवर्ष इतना अनाज पैदा होता है कि भारत यदि चाहे तो पूरी दुनिया के आठ सौ करोड़ लोगों को 6 माह तक अकेले भोजन उपलब्ध करवा सकता है ! लेकिन फिर भी भारत…

सदैव से सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन निरंतर एक वैचारिक क्रम से होता रहा है ! चीजों का विश्लेषण करने की क्षमता एक ईश्वरीय गुण है ! इसे अध्ययन से बढ़ाया तो जा सकता है लेकिन किसी भी विषय के सार…

चीन भारत का पड़ोसी देश है ! भारत की सभ्यता, संस्कृति, धर्म, विचारधारा सभी का चीन पर गहरा प्रभाव पड़ा है ! जिसके बदले में चीन ने सदियों से भारत को अधिक से अधिक समझने का प्रयास किया है !…