शैव ही अपराध बोध से मुक्त हो पाता है

अपराध मनुष्य का स्वाभाविक गुण है ! अपराध या पाप का विचार प्रायः अज्ञान और अहंकार से उपजता है। इस मानसिक अवरोध से पार पाने के लिये शिव अनुगमन ही सर्वोच्च मार्ग है। शिव, जो स्वयं परम कल्याण के प्रतीक…

अपराध मनुष्य का स्वाभाविक गुण है ! अपराध या पाप का विचार प्रायः अज्ञान और अहंकार से उपजता है। इस मानसिक अवरोध से पार पाने के लिये शिव अनुगमन ही सर्वोच्च मार्ग है। शिव, जो स्वयं परम कल्याण के प्रतीक…

( कार्मिक ऊर्जा की दृष्टि से ) मेरे पास बहुत से जिज्ञासुओं का फोन आता रहता है, वह जानना चाहते हैं कि “शैव जीवन दर्शन क्या है” ! मैं आज बहुत ही सरल शब्दों में व्याख्या करता हूँ ! शैव…

पेड़ों की सेवा करना मात्र आध्यात्मिक या भावनात्मक विषय नहीं है, बल्कि यह शैव चिकित्सा में अवसाद को दूर करने का एक प्रामाणिक वैज्ञानिक तरीका है। इसे मानव हार्मोन और वनस्पति विज्ञान के आपसी तालमेल से स्पष्ट करता हूँ ।…

मनुष्य इस विशाल पृथ्वी पर एकाकी जीवन व्यतीत नहीं कर सकता। हमारे अस्तित्व का आधार केवल हम स्वयं नहीं, बल्कि हमारे आस-पास मौजूद जीव-जंतु, पशु-पक्षी, नदियाँ और वनस्पतियां हैं। इसी शाश्वत सह-अस्तित्व और भगवान शिव की कल्याणकारी, प्राकृतिक जीवन शैली…

आज वृन्दावन से एक कथा वाचक का फोन आया था ! उनकी इच्छा थी कि वह शैव ग्राम में भागवत कथा करना चाहते हैं ! मैने उन्हें जवाब दिया मित्र शैव ग्राम में साधक भगवान शिव के जीवन शैली का…

प्रश्न : – किसी जिज्ञासु ने जानना चाहा है कि शैव ग्राम में साधकों के लिये भोजन किस जाति बिरादरी वाले लोग बनाते हैं ! मेरा उत्तर :- शैव जीवन दर्शन सामाजिक समानता पर आधारित जीवन शैली है। इस मत…

वर्तमान में शैव ग्राम कार्यालय में प्रतिदिन लगभग 700 फोन कॉल्स प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें से अधिकांश लोग केवल निःशुल्क आवास और भोजन की उपलब्धता के बारे में जानना चाहते हैं। यह अत्यंत ही दुखद है ! हम अत्यंत…

शैव ग्राम कोई धार्मिक जगह नहीं है । यह जीवन प्रबंधन को सीखने और अभ्यास करने की जगह है । जहां व्यक्ति आत्मनिर्भर जीवन शैली को अपनाकर भगवान शिव द्वारा दिखाये गये मार्ग का अनुपालन करके अपने जीवन को सुखमय…

यह कथन पहली नज़र में विरोधाभासी लग सकता है कि एक आदर्श समाज (शैव ग्राम) को “अनपढ़ और असफल” लोगों की आवश्यकता क्यों है। लेकिन यदि हम आधुनिक शिक्षा और सफलता के तथाकथित पैमानों (पैसा, पद, और प्रतिस्पर्धा) का विश्लेषण…

भगवान शिव, जिन्हें देवों के देव महादेव कहा जाता है, वह सरलता, वैराग्य और असीम करुणा के प्रतीक हैं। एक सच्चा शिव भक्त केवल वह नहीं है जो मात्र कर्मकांड और पूजा-पाठ करे, बल्कि असल भक्त वह है जिसने शिव…