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ज्योतिष में संतान प्राप्ति के सात अचूक नियम

वैदिक ज्योतिष में वंश वृद्धि और संतान सुख का विचार मुख्य रूप से कुंडली के पंचम भाव, इसके स्वामी (पंचमेश) और नैसर्गिक कारक देवगुरु बृहस्पति से किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार संतान प्राप्ति के सात अचूक नियम निम्नलिखित हैं…

ज्योतिष में तलाक के प्रबल योग

ज्योतिष में विवाह और वैवाहिक जीवन का विचार मुख्य रूप से कुंडली के सप्तम भाव, सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी), और विवाह के कारक ग्रह, पुरुष के लिए शुक्र और स्त्री के लिए बृहस्पति से विचार किया जाता है। जब…

जीवन की बाधायें ही व्यक्ति को विशेष बनाती हैं

सहज परिस्थितियों में तो हर कोई बेहतर काम कर लेता है, लेकिन विपरीत परिस्थितियां ही ‘नेचुरल लीडर्स’ या असाधारण व्यक्तित्व का जन्म होता है। जब मुश्किलें सामने आती हैं, तभी इंसान में निखार आता है ! व्यक्ति के भीतर का…

जीव ही सदाशिव है

कुलार्णव तंत्र के नौवें उल्लास के आधार पर माता पार्वती भगवान शिव से कहती हैं :– “जीवः शिवः शिवो जीवः स जीवः केवलः शिवः। पाशबद्धः स्मृतो जीवः पाशमुक्तः सदाशिवः॥” आपके द्वारा उद्धृत यह पंक्तियाँ सनातन धर्म के ‘अद्वैत वेदांत’ और…

जिंदगी बहुत सरल है, लेकिन हम इसे आडम्बर से कठिन बना देते हैं

जिंदगी की बुनियादी जरूरतें बहुत कम हैं, भूख के लिए भोजन, तन के लिए कपड़ा, रहने के लिए छत और मन के लिए थोड़ा सा प्रेम, सम्मान और संतुष्टि । और क्या चाहिये जीने के लिये ! यह सब पाना…

चीन का सरोगेसी वॉर

सरोगेसी वॉर से बिना युद्ध लड़े अमेरिका पर कब्ज़ा कर लेगा चीन?” पिछले लगभग 20 वर्षों में चीन के कई अमीर परिवारों ने अमेरिका के संसाधनों पर कब्ज़ा करने के लिये एक नया प्रयास किया है ! जिसमें हजारों चीनी…

गांव से ग्लोबल का दौर ख़त्म

राहु के गोचर चक्र में गांव से ग्लोबल की यात्रा पूरी हो गई है, अब केतु का गोचर चक्र शुरू हो रहा है, अब ग्लोबल से गांव की ओर लौटना ही होगा ! तैयारी कर लीजिए वरना बहुत पछताएंगे ।…

आपका कोई शत्रु नहीं है

कोई भी आपका दुश्मन नहीं है, हम दुनिया को अपने तरह से चलाने के लिये लोगों को अपना दुश्मन बन लेते हैं ! हम अक्सर अपनी परेशानियों, असफलताओं या रिश्तों में कड़वाहट का दोष दूसरों पर मढ़ देते हैं और…

ईश्वर को जानने की शर्त

अक्सर इंसान सोचता है कि जीवन को समझने का मतलब सिर्फ खुद को, अपने करियर को, अपने परिवार को या इंसानी समाज को समझ लेना है। लेकिन शिव इस भ्रम को तोड़ते हैं। वह कहते हैं कि जब तक हमारी…

ईश्वर को अन्दर नहीं तलाश पाये, तो बाहर कैसे तलाशोगे

अंतर्यात्रा का परम सूत्र: गुरुदेव योगेश कुमार मिश्रा के दर्शन का निचोड़ गुरुदेव योगेश कुमार मिश्रा के विचार मनुष्य को भ्रम और धार्मिक मनोरंजन से मुक्त करके आत्म-केंद्रित इन्द्रियगत संकीर्णता से परे ब्रह्मांडीय चेतना और आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जाते…