तुम्हारी प्राण ऊर्जा ही ईश्वर है

शैव जीवन दर्शन के अनुसार मनुष्य की प्राण ऊर्जा ही ईश्वर है, जिस हम वृत्ति के आवेग में देख नहीं पा रहे हैं, शैव दर्शन कहता है, ईश्वर को पाने के लिए कहीं मत भटकिये, बस सबसे पहले अपने प्राण…

शैव जीवन दर्शन के अनुसार मनुष्य की प्राण ऊर्जा ही ईश्वर है, जिस हम वृत्ति के आवेग में देख नहीं पा रहे हैं, शैव दर्शन कहता है, ईश्वर को पाने के लिए कहीं मत भटकिये, बस सबसे पहले अपने प्राण…

शैव जीवन शैली भगवान शिव के आडम्बर विहीन, अपरिग्रह अर्थात न्यूनतम आवश्यकता में जीवन निर्वाह करना, प्रकृति से प्रेम मात्र ही नहीं उसका नि:स्वार्थ संरक्षण और पोषण भी करना, निरंतर आत्म-सुधार, विवेकपूर्ण आत्म अनुशासन, दूसरे के प्रति सेवा, सहयोग का…

वैष्णव षडयंत्रकारियों ने अपने दान दक्षिणा के स्वार्थ में समाज की बहुत बड़ी ऊर्जा कर्मकाण्ड में लगा कर हिन्दूओं का सर्वनाश कर दिया है ! जबकि भगवान शिव ‘शिव स्वरोदय’ में स्वयं माता पार्वती से कहते हैं :- आत्मैव देवता…

“बेरोजगारी का रोना छोड़ो, शैव ग्राम से जुड़ो” केवल सनातन जीवन दर्शन ही भारत के युवाओं की नियति बदल सकता है ! आज भारत का युवा एक गहरे भंवर में फंसे हुये हैं। शैक्षिक संस्थानों ने माता पिता की मेहनत…

पहले से ही अति लाभ में चल रही एल.आई.सी. कंपनी का बहुप्रतीक्षित आई.पी.ओ. अंतत: 4 मई 2022 को लॉन्च हो गया है ! जिसका 9 मई, 2022 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। सरकार अगले 4 दिनों में इस आईपीओ…

नकारात्मक स्वप्नों से मुक्त कैसे हैं आयुर्वेद और आधुनिक मनो विज्ञान यह मानता है कि सपने हमारी शारीरिक स्थिति और न्यूरो-केमिकल्स का परिणाम हैं, लेकिन भारतीय दर्शन और योग शास्त्र इस सत्य को एक कदम और गहराई में ले जाते…

वर्तमान शिक्षा व्यवस्था एक ऐसी ‘अनुपयोगी फैक्ट्री’ बन चुकी है, जिसका उद्देश्य बच्चों का बैद्धिक विकास नहीं बल्कि बच्चों के माता पिता के मेहनत की कमाई लूटना है ! यहाँ केवल डिग्रियों का थोक उत्पादन हो रहा है, बच्चों में…

मनुष्य इस विशाल पृथ्वी पर एकाकी जीवन व्यतीत नहीं कर सकता। हमारे अस्तित्व का आधार केवल हम स्वयं नहीं, बल्कि हमारे आस-पास मौजूद जीव-जंतु, पशु-पक्षी, नदियाँ और वनस्पतियां हैं। इसी शाश्वत सह-अस्तित्व और भगवान शिव की कल्याणकारी, प्राकृतिक जीवन शैली…

देश के माननीय प्रधानमंत्री जी का हालिया संदेश आत्मनिर्भरता, ऊर्जा संरक्षण, ‘वोकल फॉर लोकल’, प्राकृतिक खेती, आत्म निर्भर भारत आदि केवल एक राष्ट्रीय अपील नहीं, बल्कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि आप विचार कर रहे हैं कि…

शैव जीवन दर्शन के प्रवृत्ति साधना सूत्र के तहत यह सिद्धांत है कि जो व्यक्ति माया क्षेत्र में भगवान शिव की कृपा से संपन्न नहीं हो सका, वह मुक्त को भी प्राप्त नहीं कर सकता है। अत: शैव ग्राम के…