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शैव ही मानवता के वास्तविक रक्षक कैसे हैं

पूरे विश्व में एक मात्र शैव जीवन शैली ही है, जो संपूर्ण विश्व में मानवता की रक्षा कर सकती है, अन्यथा अन्य जीवन शैलियां तो मनुष्य का सर्वनाश कर ही रही हैं ! दूसरे शब्दों में मात्र शैव जीवन शैली…

शैव साधक की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए

शैव साधक की दिनचर्या वैष्णव साधकों से एकदम अलग होती है ! वैष्णव दूसरों मनुष्यों के बनाये नियम से जीते हैं जबकि शैव साधक प्रकृति का अनुकरण करते हैं ! शैवों के अनुसार यह पिण्ड शरीर ईश्वर का दिया वरदान…

शैव सर्वश्रेष्ठ कैसे हैं

मात्र शैव ही जीवन चक्र के समस्त वर्तुल को समझ सकता है । क्योंकि उसके इष्ट शिव ही सृष्टि चक्र के सृजन, पालन और संहार चक्र को नियंत्रित करते हैं। शिव ही ज्ञान और योग के अनादि स्रोत हैं ।…

शैव ग्राम दीर्घ आयु कैसे होगा

इस विषय को एक उदाहरण से समझाता हूँ ! एक व्यक्ति के पास उसे अति प्राचीन एक पांडुलिपि मिली ! उस व्यक्ति ने जब उस पांडुलिपि का गहराई से अध्ययन किया तो उसे पता चला कि उसमें सोना बनाने का…

शिव साधनायें जल्दी सफल क्यों नहीं होती है

भगवान, देवता, दैत्य, दानव, असुर, राक्षस, भूत, प्रेत, पिशाच, जिन्न, यक्ष, किन्नर आदि सभी पिण्ड धारी या अपिण्डीय सभी ऊर्जा रूप में शिव का ही अंश हैं ! सब एक ही हैं जो अपने जन्म जन्मान्तर की वृत्ति और प्रवृत्ति…

शनि की ढ़ैया या साढ़ेसाती से घबराइए मत

इस संसार में जिसका भी जन्म होता है, उसे शनि की साढ़ेसाती और ढ़ैया के प्रभाव से गुजरना ही पड़ता है अब प्रश्न उत्पन्न होता है कि क्या शनि केवल कष्ट देते हैं ! ऐसा नहीं है ! शनि कभी…

वह शिष्य ही क्या, जो गुरु को धोखा न दे

एक भावुक गुरुजी थे । उनके बहुत सारे शिष्य थे । करोना काल में जब लॉकडाउन लगा, तब सब कुछ बंद हो गया ! लोग घरों में बैठकर उबने लगे और धीरे-धीरे समाज अवसाद की तरफ बढ़ने लगा । तब…

यह होली घातक क्यों ?

भगवान शिव की अदालत लग चुकी है ! जिसके कोतवाल भैरव जी महाराज हैं ! पेशकर शनि देव हैं ! जिनकी नजर से कोई नहीं बच सकता है और कलयुग के देवता, भ्रम और तकनीकी के प्रतिनिधि राहु जी महाराज…

मोटिवेशन घातक हथियार है

डिप्रेशन का मूल कारण मोटिवेशनल पूंजीवादियों का वह खतरनाक मनोवैज्ञानिक हथियार है, जिसे पश्चिमी जगत ने अपने उपनिवेशवाद और पूंजीवाद के लिये ईजाद किया गया ! जो आज पूरी मानवता के लिए मनोवैज्ञानिक खतरा बन चुका है ! मानवता के…

मैं मुकेश खन्ना जी को क्यों पसंद करता हूँ।

मुकेश खन्ना जी ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1981 में ‘रूही’ फिल्म से की थी और बाद में उन्होंने कई अन्य फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में भी काम किया है। वह अपने प्रोडक्शन हाउस, एम.के. फिल्म्स और भीष्म इंटरनेशनल…