ज्योतिष में महालक्ष्मी योग

मन की निर्मलता और शरीर की प्रचंड ऊर्जा का सही दिशा में मिलन ही वह वास्तविक महालक्ष्मी योग है, जो मनुष्य को पूर्णतः स्वावलंबी और अनंत संपदा का स्वामी बनाता है। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को हमारे मन, संवेदना और…

मन की निर्मलता और शरीर की प्रचंड ऊर्जा का सही दिशा में मिलन ही वह वास्तविक महालक्ष्मी योग है, जो मनुष्य को पूर्णतः स्वावलंबी और अनंत संपदा का स्वामी बनाता है। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को हमारे मन, संवेदना और…

ज्ञान जब आचरण में ढलता है, सौंदर्य जब प्रकृति का आदर करता है और कर्म जब स्वावलंबन का सृजन करता है, तब मनुष्य सही अर्थों में एक महापुरुष कहलाता है। वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति, दैत्यगुरु शुक्र और कर्मफल दाता…

अगली पीढ़ी को नष्ट होने से बचाना होगा ! युवाओं का ‘जेन जी’ से ‘ज़ॉम्बी जनरेशन’ में तब्दील होना केवल एक कहावत नहीं, बल्कि न्यूरोलॉजिकल और मेटाबॉलिक सत्य है। पिज्जा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक और अत्यधिक कैफीन जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड आहार सीधे…

आधुनिक समाज ने सफलता को धन, पद, और भौतिक संपदा के साथ गहराई से जोड़ दिया है। हम अक्सर उस व्यक्ति को सफल मान लेते हैं जो सत्ता के शिखर पर है या जिसके पास अथाह संपत्ति है। ले किन…

जब मस्तिष्क लगातार यह योजना बनाता है कि “यदि मैं ऐसा करूँगा, तो यह काम आज हो जाएगा।” लेकिन जब बाहरी व्यवस्था (जैसे कोई सरकारी अधिकारी या नियम) आपकी योजना के अनुसार नहीं चलती, तो मस्तिष्क को अपनी ही बनाई…

कर्म और प्रज्ञा का मिलन जिस क्षण होता है, उसी क्षण आपके जीवन का सच्चा राजयोग निर्मित होता है। वैदिक ज्योतिष में कुण्डली के केंद्र भावों (1, 4, 7, 10) को भगवान विष्णु का स्थान माना गया है, जो हमारे…

“सुबह जल्दी उठने” को सफलता की एकमात्र कुंजी के रूप में महिमामंडित किया गया है। 5 बजे उठने वाले क्लबों ने और मोटिवेशनल स्पीकर्स ने एक षडयंत्र के तहत हमारे दिमाग में यह बात बैठा दी है कि जो सोता…

कब्ज की मूल वजह सच यह है कि पारंपरिक सनातन गेहूं के पौधे काफी लंबे (लगभग 4 से 5 फीट) होते थे। इस ऊंचाई के कारण तेज हवा या बारिश में पौधे अक्सर गिर जाते थे, जिससे फसल बर्बाद हो…

हम सभी अनादि गुरु शिव के शिष्य हैं ! अत: सनातन ज्ञान पीठ परिवार ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर “शैव ग्राम – ईश्वर के घर” से 10 हजार समर्पित शिव भक्तों को जोड़ने तथा शैव ग्राम में 1 लाख…

जब किसी भी लोक तंत्र में न्यायपालिका, जांच एजेंसियां, शिक्षा बोर्ड और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का स्वतंत्र, निष्पक्ष जब ईमानदार नहीं रह जाती हैं तब देश न चाहते हुये भी धीरे धीरे गृह युद्ध की तरफ बढ़ जाता है…