समपन्नता के लिये मात्र सोच बदलीये बस ! : Yogesh Mishra

“गरीबी बहुत-सी आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है इसलिए अपनी गरीबी की समस्या को हल करने के लिए स्वयं की सोच पर सर्वाधिक कार्य करने की जरूरत है ! भारत में गरीबी सदैव से एक बड़ी चुनौती बनी रही है !…

“गरीबी बहुत-सी आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है इसलिए अपनी गरीबी की समस्या को हल करने के लिए स्वयं की सोच पर सर्वाधिक कार्य करने की जरूरत है ! भारत में गरीबी सदैव से एक बड़ी चुनौती बनी रही है !…

रामायण या रामचरित मानस के उत्तर कांड के संबंध में बहुत लोगों को इस बात का संशय है कि इसमें घटनाओं का वर्णन एक जैसा नहीं है! शायद इसीलिये शोधकर्ता यह मानते हैं इन दोनों ग्रन्थों में उत्तर कांड को…

एक सच्चा ध्यान करने वाला व्यक्ति, तभी ध्यान में स्थित कहा जा सकता है, जब उसका मन कामनाओं और वासनाओं के द्वारा विक्षुब्ध होकर, इधर- उधर न भटक रहा हो ! जब तक किसी व्यक्ति की विषयभोग की इच्छाएँ हैं,…

विचार करो आप शांति के लिये किसकी पूजा कर रहे हो ! जिन्हें वैष्णव भगवान कहकर पूजते हैं, वह सभी तो वैष्णव धर्म प्रचारक, अवसरवादी, कलह प्रिय, आक्रांता, योद्धा या कूटनीतिज्ञ थे ! जिन लोगों ने अपने संपूर्ण जीवन में…

जीवन में सत्य को खोजने के दो ही मार्ग हैं ! एक विज्ञान का मार्ग है ! आक्रमण, हिंसा, शोध, छीना-झपटी अर्थात संवेदना और भावना विहीन मार्ग और दूसरा स्वीकार्य और समर्पण का मार्ग ! सनातन धर्म के अनुसार यदि…

शिव सहस्त्रार ज्ञान साधना स्वयं में संपूर्ण साधना है ! इस साधना को करने वाले मानव साधक को अपने कल्याण के लिये किसी भी अन्य सहयोगी साधना पद्धति की आवश्यकता नहीं है ! यह ज्ञान परंपरा मनुष्य का कल्याण इस…

दैनिक ज्योतिष में राहुकाल का विशेष महत्व है ! यह इसे राहुकालम भी कहा जाता है ! यह प्रतिदिन में एक विशेष मुहूर्त लगभग 90 मिनट होता है ! यह नित्य स्थान और तिथि के अनुसार अलग अलग होता है…

मां आनंद शीला का असली नाम शीला अंबालाल पटेल है ! मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के कुर्मी समाज से ताल्लुक रखती हैं ! 18 साल की उम्र में अमेरिका पढ़ने के लिए गईं ! वहीं पर शादी भी…

आधुनिकता के नाम पर पिछले बीस सालों में अधनंगी तथाकथित अभिनेत्री जिन्हें आप “छाया वेश्या” भी कह सकते हैं ! उनके स्तन, नितम्ब कटिप्रदेश और नंगी टांगों को दिखा कर धन कमाने वाले दलाल जिन्हें आप फिल्मों के डायरेक्टर और…

आपने बहुत बार यह महसूस किया होगा कि जब आप शहर से दूर कहीं किसी बड़े पार्क में या जंगल की तरफ यात्रा करते हैं, तो आपके अंदर स्वत: ही स्फूर्ति का विकास होने लगता है अर्थात कहने का तात्पर्य…