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सनातन ज्ञान ही सभी संस्कृतियों का मूल है ! : Yogesh Mishra

कुछ लोग हिन्दू संस्कृति की शुरुआत को मात्र सिंधु घाटी की सभ्यता से जोड़कर देखते हैं ! जो गलत है ! वास्तव में संस्कृत और कई प्राचीन भाषाओं के उपलब्ध इतिहास के तथ्यों के अनुसार प्राचीन भारत में सनातन धर्म…

प्रकृति को समझने वाला व्यक्ति ही सर्वज्ञानी है : Yogesh Mishra

सनातन ग्रंथों में अनंत ज्ञान छिपा है ! सनातन ज्ञान के 1-1 ग्रंथों पर यदि अध्ययन किया जाये तो व्यक्ति का संपूर्ण जीवन ही छोटा पड़ सकता है ! लेकिन दुर्भाग्य है कि हमने सनातन ज्ञान के मार्ग को छोड़कर…

हमारे पुराण रहस्य पूर्ण एवं ज्ञानवर्धक ग्रन्थ हैं ! : Yogesh Mishra

सामान्यतया ज्ञान मार्गी खासतौर पर आर्य समाजी पुराणों के महत्त्व का वर्णन करने की जगह उसकी सदैव आलोचना ही करते रहते हैं ! मैं यह मानता हूं कि अंग्रेजों के शासन काल में एक षड्यंत्र के तहत बहुत से पुराणों…

क्या राम कृष्ण से भी चतुर राजनीतिज्ञ थे ! : Yogesh Mishra

शोध लेख प्रायः यह जनप्रवृत्ति रही है कि श्रीराम को सरल , करुणावत्सल और मर्यादारक्षक व्यक्तित्व के रूप में देखा गया जो सदैव सामाजिक और राजनैतिक मर्यादाओं की रक्षा करते हैं ! जबकि श्रीकृष्ण को एक चतुर , कूटनीतिज्ञ और…

क्या सारे सामाजिक सौहार्द की जिम्मेदारी मिडिल क्लास की ही है ! : Yogesh Mishra

आज देश कोरोना वायरस के झंझावात से देश गुजर रहा है ! हर व्यक्ति इससे बचने के लिये अपने घरों में छिपा बैठा है ! देश के सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान व कार्यालय आदि लॉक डाउन के कारण बंद हैं !…

तबलीग़ी जमात इस्लाम का हिस्सा नहीं है ! : Yogesh Mishra

विश्व की सतह पर सुन्नी इस्लामी धर्म प्रचार आंदोलन है ! जो मुसलमानों की मूल इस्लामी पद्दतियों का प्रचार प्रसार करता है ! खास तौर पर धार्मिक तरीके, वेशभूषा, खानपान, रीतिरिवाज, त्यौहार, शिक्षा तथा वैयक्तिक गति विधियां आदि का प्रचार…

देश की संप्रभुता पर डब्लू.एच.ओ. का कब्ज़ा : Yogesh Mishra

कहने को तो सम्प्रभुता का अर्थ है – ‘सम्पूर्ण और असीमित सत्ता’ ! सम्प्रभुता के अर्थ संबंधी इसी तरह के विवादों के कारण उन्नीसवीं सदी से ही इसे दो भागों में बाँट कर समझा जाता रहा है ! विधिक सम्प्रभुता…

योरोप भगवान राम के पूर्वजों ने बसाया था ! : Yogesh Mishra

श्रीराम कथा के प्रभाव की व्यापकता को देखकर अंग्रेजों की शह पर पाश्चात्य तथाकथित विद्वानों ने रामायण को ई. पू. 300 से 100 ई पू की रचना कहकर काल्पनिक पात्र घोषित करने का षड्यंत्र रचा था ! जिन्होंने रामायण को…

ध्वनि तरंगों की ऊर्जा का विज्ञानं :Yogesh Mishra

एक बार बादशाह अकबर के दरबार में तानसेन और बैजू बावरा में एक प्रतियोगिता करायी गयी ! इस प्रतियोगिता में एक संगमरमर की शिला रखी गयी ! प्रतियोगिता में शर्त यह रखी गयी कि जो अपने गायन से उस संगमरमर…

शंकराचार्य के चार मठों का इतिहास : Yogesh Mishra

जब भारत सहित सम्पूर्ण एशिया में बौद्ध का प्रभाव इतना अधिक बढ़ गया कि सनातन धर्म विलुप्त होने लगा तब प्राचीन भारतीय सनातन परम्परा के विकास और हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार के लिये आदि गुरु शंकराचार्य का महान योगदान नाकारा…