शिव का चंद्रमा से सम्बन्ध : Yogesh Mishra

भगवान शिव के सिर पर चंद्रमा होने की वजह से उन्हें सोम और चंद्रशेखर भी कहा जाता है, लेकिन भगवान शिव ने चंद्रमा को सिर पर धारण क्यों किया ! इस विषय में पुराणों में दर्जनों तरह की कहानी मिल…

भगवान शिव के सिर पर चंद्रमा होने की वजह से उन्हें सोम और चंद्रशेखर भी कहा जाता है, लेकिन भगवान शिव ने चंद्रमा को सिर पर धारण क्यों किया ! इस विषय में पुराणों में दर्जनों तरह की कहानी मिल…

जब पूरी दुनियां प्रथम विश्व युद्ध की तैय्यारी कर रहा था ! तब रबींद्रनाथ ने पहली बार वर्ष 1900 में अपनी पत्नी से कहा कि वह एक स्कूल खोलना चाहते हैं, तो उनकी पत्नी मृणालिनी देवी की हँसी नहीं रुकी…

यह एक ध्रुव सत्य है कि मानव मस्तिष्क से अधिक इस सृष्टि में कुछ भी शक्तिशाली नहीं है ! मानव मस्तिष्क प्रकृति के हर तरह की ऊर्जाओं को संचालित और नियंत्रित करने का सामर्थ्य रखता है ! आज विश्व में…

आज वैश्विक शिक्षा जगत में व्यवसायिक दृष्टिकोण को सर्वाधिक महत्व दिया जाने लगा है और विश्व के सभी शिक्षण संस्थान बिना किसी अकाउंटेबिलिटी के करोड़ों रुपए फीस लेकर छात्रों का जीवन बर्बाद कर रहे हैं ! आज विश्व में कोई…

आपका भविष्य कृतिम बुद्धमत्ता (AI) से भरपूर है ! आज पूरा विज्ञान जगत एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तरह अमरत्व की खोज में लगा है ! हालांकि यह प्रकृति के नियम से विरुद्ध है ! इसमें सफलता मिले की उम्मीद भी…

आपने देखा होगा कि अपने जीवन में बहुत से लोग बहुत ही अधिक प्रतिभावान होते हैं और कुछ पर ईश्वर की इतनी कृपा होती है कि उनके पास सभी तरह के संसाधन मौजूद होते हैं, लेकिन इसके बाद भी ऐसे…

विचार और वृत्ति दोनों अलग-अलग हैं ! प्राय: लोग यह मानते हैं कि विचार को बदलने से जीवन को बदला जा सकता है ! लेकिन जीवन के सूक्ष्म दर्शन में यह पाया गया है कि विचारों को बदलने से जीवन…

वास्तव में रामायण जैसा कोई ग्रंथ नहीं है ! रामायण ग्रंथ को मूल रूप से महर्षि वाल्मीकि ने “वैदेही चरित्र” के नाम से लिखा था ! इस पुस्तक को लिखने के पीछे मुख्य कारण यह था कि महर्षि वाल्मीकि राजा…

कहा जाता है किसी भी देश की रीड़ उसे देश का युवा होता है ! किन्तु गलत जीवन शैली और जीवन में विकसित होने के अवसर की कमी के कारण आज भारत का युवा अंदर तक इतना डरा हुआ है…

मेरे भविष्य की कार्य योजना के अनुसार निकट भविष्य में सनातन विधाओं के प्रचार-प्रसार, साधना एवं प्रशिक्षण के लिए शैव जीवन शैली के अनुरूप एक विशिष्ट प्रशिक्षण स्थल की स्थापना करना है ! जिसमें व्यक्ति प्राकृतिक अवस्था में जीवन निर्वाह…