शैव ग्राम को अनपढ़ और असफल व्यक्ति क्यों चाहिये

यह कथन पहली नज़र में विरोधाभासी लग सकता है कि एक आदर्श समाज (शैव ग्राम) को “अनपढ़ और असफल” लोगों की आवश्यकता क्यों है। लेकिन यदि हम आधुनिक शिक्षा और सफलता के तथाकथित पैमानों (पैसा, पद, और प्रतिस्पर्धा) का विश्लेषण…









