आपके स्वत: भविष्य परीक्षण का सूत्र
प्राय: व्यक्ति अपने भविष्य को जानने के लिए बहुत बड़े-बड़े ज्योतिषियों और तांत्रिकों की तलाश करता रहता है, और अपने मेहनत से कमाये धन का लाखों रुपये इन ठगों को रत्न, रुद्राक्ष, पूजा, अनुष्ठान आदि के नाम पर देते रहते…
प्राय: व्यक्ति अपने भविष्य को जानने के लिए बहुत बड़े-बड़े ज्योतिषियों और तांत्रिकों की तलाश करता रहता है, और अपने मेहनत से कमाये धन का लाखों रुपये इन ठगों को रत्न, रुद्राक्ष, पूजा, अनुष्ठान आदि के नाम पर देते रहते…

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वैश्विकरण के बाद विश्व अनेक विषाणु युद्धों के दौर से गुजर रहा है ! फिर चाहे वह एच.आई.वी. हो, इबोला हो या फिर कोरोना ! दवाई बनाने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां इस तरह के…
हमें गरीब कौन बनाता है ? यह एक बहुत गहरा प्रश्न है ! प्राय: लोग आरोप के तौर पर अपनी गरीबी के लिए राजनेताओं, आर्थिक नीतिकारों या शासन-प्रशासन को दोषी मानते हैं ! लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है !…
हमारी वर्तमान शिक्षा नीति हमें उद्यमी नहीं बनाती बल्कि पूरी दुनिया के लिए हमें बौद्धिक मजदूर बना कर भाग्य भरोसे छोड़ देती है ! फिर वह चाहे आई.आई.टी. हो या आई. आई. एम. ! सभी जगह बड़े बड़े प्रतिष्ठानों के…

हम अपने भविष्य के निर्माण में पुनः गलती न करें, इसलिए हमारे पूर्वज इतिहास लिखा करते थे ! और हमारे गौरवशाली इतिहास ने हमें यह बतलाया है कि भारत हमारे पूर्वजों के अथक प्रयास और सूझबूझ से लगभग 600 वर्ष…

इस प्रश्न का उत्तर स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद भगवदगीता दूसरे अध्याय के श्लोक 14,15 और 16 में दिया है ! भगवान व्याकुल अर्जुन से कहते हैं कि हे अर्जुन कर्तव्य-निर्वाह करते हुए मनुष्य को सुख तथा दुःख के…

जब व्यक्ति सामाजिक जीवन जीने का निर्णय लेता है, तब उसके जीवन में निजीता जैसी कोई चीज नहीं रह जाती है ! व्यक्ति के हर कृत्य का विश्लेषण समाज करने लगता है और इस विश्लेषण के आधार पर ही समाज…

यदि आप सामान्य मनुष्य की तरह जीवन जीकर नहीं मरना चाहते हैं, बल्कि आत्म कल्याण के साथ लोक कल्याण की कामना भी रखते हैं ! तो आपके लिए सनातन ज्ञान पीठ एकदम सही जगह है ! सनातन ज्ञान पीठ एक…

समाज में संपन्नता पूर्वक जीवन निर्वहन करने के लिए कुछ व्यावहारिक युक्तियां होती हैं ! जिन्हें किसी भी शिक्षण संस्थान के किसी भी पाठ्यक्रम में नहीं पढ़ाया जाता है ! जिसकी जानकारी के अभाव में मनुष्य पूरे जीवन आर्थिक संघर्ष…

जैसे कोई व्यक्ति स्वभाव से ही लापरवाह होता है और कोई दूसरा व्यक्ति अपने कार्य के प्रति बहुत सजग होता है, इसी तरह कुछ लोग स्वभाव से ही समय बर्बाद करते हैं और कुछ लोग समय को लेकर बहुत सजग…