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डॉलर और कबाला तंत्र

एक डॉलर पर इल्यूमिनिटी का निशान, खूनी लाल चन्द्र ग्रहण, उसके बाद कहीं न कहीं युद्ध और युद्ध में डालर की कीमत बढ़ना इन सब का आपस में क्या सम्बन्ध है ? एक डॉलर के नोट पर ‘इलुमिनाटी’ का निशान…

जीवन में झूठ का महत्व

दुनियां में झूठ न होता, तो मैं मर जाता !! झूठ जीवन की बहुत बड़ी जरुरत है, उम्मीद झूठ के गर्भ से पनपती है ! जो व्यक्ति को जीने की उम्मीद देती है ! कल सब ठीक हो जायेगा, यह…

ज्ञान विश्वविद्यालयों में नहीं, कंदराओं में मिलता है

यह कथन एक शाश्वत सत्य है कि आधुनिक विश्वविद्यालयों से हमें केवल ‘सूचना’, डिग्रियां और आजीविका कमाने का कौशल मिलता है। लेकिन वास्तविक ‘ज्ञान’, आत्मबोध और ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों की समझ जो एकांत, मौन और गहन चिंतन से ही…

जैन धर्म के अनुसार इस ब्रह्माण्ड को किसी ईश्वर ने नहीं बनाया है

जैन ब्रह्मांड विज्ञान के अनुसार, यह लोक (ब्रह्मांड) छह शाश्वत द्रव्यों से मिलकर बना है: जीव (चेतना), पुद्गल (पदार्थ), धर्म (गति का माध्यम), अधर्म (विश्राम का माध्यम), आकाश (स्थान) और काल (समय)। जैन दर्शन का स्पष्ट नियम है कि किसी…

जीवन में संघर्ष कहीं नहीं है, बस हमें सही तरह जीना नहीं आता है !

लोग अक्सर जिसे “जीवन का संघर्ष” कहकर अपनी निराशा व्यक्त करते हैं, वह वास्तव में समाज द्वारा निर्धारित ढांचे और उसमें जीने की स्वाभाविक शर्तें हैं। जीवन है तो धोखे और धक्के तो लगे ही रहेंगे ! इसे सामाजिक दृष्टिकोण…

जीने का सही तरीका समझो

संवेदना, विश्वास और जिम्मेदारी आज के आधुनिक युग में, जहाँ मनुष्य सुख-सुविधाओं से तो घिरा है, लेकिन आंतरिक शांति से कोसों दूर है ! इसका सबसे बड़ा उदहारण शेयर बाजार के बिगबुल और स्टॉक ट्रेडर राकेश राकेश झुनझुनवाला थे जिनके…

चिड़िया को दाना डालने से भूमि दोष कैसे समाप्त होता है

पक्षियों को दाना खिलाने की परंपरा को अक्सर एक सामान्य धार्मिक कर्मकांड मान लिया जाता है, लेकिन परा-विज्ञान और सूक्ष्म ऊर्जा के सिद्धांतों के अनुसार, इसके पीछे अत्यंत गहरे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक तंत्र कारण हैं। भूमि दोष मूलतः किसी स्थान…

गुरु हमारी रक्षा कैसे करता है

आध्यात्मिक सुरक्षा कोई अंधविश्वास नहीं है, बल्कि यह सनातन ज्ञान और जीव-विज्ञान का सर्वोच्च शिखर है। एक सच्चा गुरु केवल उपदेशक नहीं होता; वह एक ‘कॉस्मिक फिजिशियन’ (ब्रह्मांडीय चिकित्सक) होता है, जो अपने प्राणों की आहुति देकर शिष्य के अंतःस्रावी…

खरमास में पंचाक्षर मंत्र का महत्व

खरमास की पूर्व संध्या पर पंचाक्षर मन्त्र जप के महत्व पर विशेष बैठक दिनांक 16 दिसंबर 2025 से खरमास शुरू हो रहा है, जो बुधवार 14 जनवरी 2026 तक चलेगा ! खरमास के महीने में भगवान शिव के ‘पंचाक्षर मंत्र’…

क्या बीजेपी तांत्रिकों के भरोसे सत्ता में है

(शोध लेख) भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी चुनाव प्रणाली है, जहाँ वैसे तो तथाकथित तौर पर प्रत्यक्ष रूप से संविधान और तार्किकता को सर्वोच्च माना जाता है। लेकिन सत्ता के गलियारों का एक गहरा, अदृश्य और मनोवैज्ञानिक सच…