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ब्राह्मणों का विरोध क्यों

परशुराम जयंती पर विशेष लेख जब किसी भी समाज के प्रबुद्ध चिन्तक वर्ग के तर्क, शास्त्र और वास्तविक ‘तत्व बोध’ का विरोध शुरू हो जाये तो उस राष्ट्र को नष्ट होने से कोई नहीं बचा सकता है ! जहां योजना…

फेसबुक पर मानसिक रोगियों का जमघट क्यों

आज के दौर में जब हम फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खोलते हैं, तो अक्सर ऐसा प्रतीत होता है मानो हम किसी आभासी ‘पागलखाने’ या मानसिक रोगियों के जमघट में आ गए हों। हर तरफ अकारण क्रोध, तीखी बहसें,…

प्रगति की बाधा के चक्रव्यूह को कैसे तोड़ें

युवाओं के लिये विशेष अभियान मस्तिष्क का डिफेन्स मेकनिजम या रक्षा तंत्र मूल रूप से अवचेतन मन की एक स्वचालित प्रक्रिया है। इसका मुख्य काम हमें मानसिक पीड़ा, तनाव, चिंता और आघात से बचाना है। जब भी हम जीवन में…

नौकरी एक गरीब रखने का तनाव पूर्ण षडयंत्र है

‘नौकरी’ शब्द की उत्पत्ति ही ‘नौकर’ शब्द से हुई है। यह विडंबना है कि आज का शिक्षित युवा जिस चीज के पीछे सबसे ज्यादा भाग रहा है, उसका शाब्दिक अर्थ ‘सेवादार’ या ‘गुलाम’ होना है। मैकाले की शिक्षा पद्धति ने…

नेपाल अराजकता की राह पर

वर्तमान नेपाल की नव निर्मित युवा सरकार उत्साह में जल्द ही नेपाल को अराजकता में झोंक देगी ! 2026 के चुनावों में प्रचंड जनादेश के बाद 35 वर्षीय प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व वाली नव-निर्मित सरकार सत्ता के शीर्ष पर…

देवता अपने साम्राज्य रक्षा के लिये बेटी भी दांव पर लगाते थे

आज की चर्चा से वैष्णव थोड़ा नाराज हो जाएंगे, लेकिन यह हमारा धार्मिक सत्य है, देवताओं ने अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए अपने घर की बेटियों को भी दांव पर लगाया है ! जिसका एक उदाहरण आज मैं…

दिव्य संत रहस्मय गुफाओं में क्यों रहते हैं

शोध – 3 यह गुफा हिमालय के एक अत्यंत निर्जन गुप्त स्थान पर है, जहाँ एक दिव्य सन्त रहते हैं, भगवान शिव की कृपा से मुझे उनके दर्शन करने और आशीर्वाद लेने का अवसर मिला ! उनकी मेरे बारे कही…

दरिद्रता गौरव नहीं, अभिशाप है

आज के आध्यात्मिक समाज में वैष्णव द्वारा लम्बे समय से एक बहुत बड़ा षड्यंत्र चल रहा है कि वास्तविक भक्त की पहचान ही गरीबी है ! यह है “गरीबी का निरर्थक महिमामंडन”।   हमें बचपन से सिखाया जाता है कि…

दरिद्र चीख चीख कर भगवान को क्यों पुकारता है

ईश्वर की प्रार्थना अक्सर एकांत, मौन और शांति से जुड़ी गहन प्रक्रिया है। लेकिन जब हम किसी अत्यंत अभावग्रस्त या दरिद्र व्यक्ति को ईश्वर की प्रार्थना करते देखते हैं तो उसे प्राय: चीख-चीख कर या रोते हुए भगवान को पुकारते…

तुम थके नहीं निराश हो

यही तुम्हारे जीवन में असफलता का कारण है ! मनुष्य वास्तविक अर्थों में शारीरिक श्रम से नहीं थकता, बल्कि निराशा, दिशाहीनता और असफलता के बोध से टूट जाता है। हमारे जीवन के अधिकांश कष्टों का मूल कारण शारीरिक ऊर्जा की…