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अगली पीढ़ी को नेतृत्व कैसे दें

रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति विजयपत सिंघानिया की 87 वर्ष की आयु में पुत्र से विवाद के चलते किराये के मकान में 28 मार्च 2026 की शाम मुंबई में निधन हो गया ! उन्हीं को श्रद्धांजलि स्वरूप…

अगर जिन्दा रहना है तो तत्काल AC छोड़ दो

इस चेतावनी के पीछे का मूल संदेश एकदम सही है। हालाँकि, वैज्ञानिक रूप से वैश्विक तापमान हर वर्ष .5 डिग्री बढ़ने का दावा किया है किन्तु इस जलवायु परिवर्तन के कारण जो भयंकर लू लगातार चलेगी, वह अन्तः जानलेवा होगी।…

हैप्पी हार्मोन से स्व चिकित्सा

आज संसार एकल जीवन शैली के कारण अवसाद की ओर बढ़ रहा है ! पुरानी जीवन शैली में बच्चे माता-पिता के साथ रहते थे, लेकिन पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में व्यावसायिक कारणों से अब बच्चे माता-पिता के साथ नहीं रहते…

स्वस्थ्य चित्त व्यक्ति के लक्षण

एक स्वस्थ्य चित्त व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से सक्षम होता है। उसकी शारीरिक व मानसिक ऊर्जा जीवन के अंतिम समय तक अच्छी होती है । वह स्वयं में मानसिक शांति से परिपूर्ण और आत्म संतोषी होता…

सर्वस्व को स्वीकारना एक तप है

समाज में बड़े-बड़े काम कैसे होते हैं प्राय: लोग अपने जीवन के सभी निर्णय अपनी मन:स्थिति, रुचि और स्वार्थ से लेते हैं । यह वृत्ति प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग होती है, अतः किसी एक कार्य को करने में सभी व्यक्तियों…

 “सर्वधर्म समभाव” का सत्य

विश्व के सभी धर्म अपनी अलग-अलग संस्कृतियों से उपजे हैं और यातायात की सुविधा और तकनीकी के कारण आज यह धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गए हैं । इसीलिए सभी धर्म के मध्य प्राय: नियमों का विरोधाभास पाया जाता है…

समय कभी अनुकूल नहीं होता है

( विशेष लेख ) प्राय: जीवन में असफल लोगों की यह शिकायत होती है कि मैंने जब भी कोई कार्य शुरू किया, तब वक्त ने मेरा साथ नहीं दिया ! वरना मैं भी सफल हो जाता ! ऐसे साथियों को…

सनातन सत्य क्यों है

सनातन का तात्पर्य है सृष्टि के उत्पन्न होने के पूर्व उत्पन्न वह नियमों की व्यवस्था जिससे सृष्टि की उत्पत्ति हुई है । अर्थात काल के उत्पन्न होने के पूर्व, कार्य कारण की व्यवस्था के भी उत्पन्न होने के पूर्व जो…

संस्थान के महत्वपूर्ण निर्णय

कल दिनांक 22 मई 2025 को सनातन ज्ञान पीठ की कार्यकारिणी ने गुरु पूर्णिमा अर्थात 10 जुलाई 2025 के उपरांत आगामी आध्यात्मिक वर्ष के लिए अपनी नई कार्य नीति का निर्धारण किया है ! जिसमें चार महत्वपूर्ण लिए गए हैं…

संसार में धन कमाने की कला

भारतीय परिवेश में वैष्णव जीवन दर्शन को अपनाने वाले धन प्राप्ति को प्रारब्ध का विषय मानते हैं ! जबकि विश्व के दूसरे जीवन दर्शन को मानने वाले धन प्राप्ति योजनाबद्ध भयंकर संघर्ष का विषय मानते हैं ! इसीलिए जहां भारतीय…