मौन नहीं स्वस्थ्य संवाद शिविर

अक्सर कई योग गुरुओं द्वारा संचालित इन मौन शिविरों में व्यक्ति को तार्किक अभिव्यक्ति से पूरी तरह रोक दिया जाता है। जिससे प्राकृतिक शंकाओं और विचारों को बाहर आने का रास्ता नहीं मिलता, तो वह दबी हुई ऊर्जा कुंठा और…

अक्सर कई योग गुरुओं द्वारा संचालित इन मौन शिविरों में व्यक्ति को तार्किक अभिव्यक्ति से पूरी तरह रोक दिया जाता है। जिससे प्राकृतिक शंकाओं और विचारों को बाहर आने का रास्ता नहीं मिलता, तो वह दबी हुई ऊर्जा कुंठा और…

सफलता की राह पर चलते हुए अक्सर हमारा सामना ऐसे लोगों से होता है जो अपनी मीठी बातों या झूठे दावों से हमारे करीब आ जाते हैं। इन्हें ‘भ्रमित करने वाले साथी’ कहा जा सकता है। ऐसे व्यक्तियों की पहचान…

युवाओं के लिये विशेष सन्देश भटकाव से शिवत्व की ओर आध्यात्म में रूचि रखने वाले बेरोजगार युवाओं के लिये बिना किसी इन्वेस्मेंट के भगवान शिव के जीवन का अनुगमन करने वाली ब्रह्मास्मि क्रिया योग की घुमंतु फ्रेंचायाजी सनातन ज्ञान पीठ…

लक्ष्य प्राप्ति की यात्रा में सैकड़ों असफलता के पड़ाओ आते ही हैं । जो उन्हें पार कर जाता है, वहीं लक्ष्य तक पहुंच पाता है । जब हम कोई बड़ा और दूरदर्शी विजन लेकर चलते हैं, जब समाज के विकास…

साधारण सफलताएं तय रास्तों पर चलने से मिल जाती हैं, लेकिन बड़ी सफलता के लिए उस सीमा को पार करना पड़ता है, जिसे आम समाज असंभव मानता है। जब हम असंभव दिखने वाली चुनौतियों को पार करते हैं, हमारी वास्तविक…

शक्तिपात महाविज्ञान सनातन परंपरा का एक अत्यंत रहस्यमयी और प्रभावशाली अंग है। सरल शब्दों में, शक्तिपात का अर्थ है—”गुरु द्वारा शिष्य के भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा (कुंडलिनी शक्ति) का संचार करना।” यह साधना मार्ग का एक ऐसा शॉर्टकट है जहाँ साधक…

वैदिक ज्योतिष में वंश वृद्धि और संतान सुख का विचार मुख्य रूप से कुंडली के पंचम भाव, इसके स्वामी (पंचमेश) और नैसर्गिक कारक देवगुरु बृहस्पति से किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार संतान प्राप्ति के सात अचूक नियम निम्नलिखित हैं…

ज्योतिष में विवाह और वैवाहिक जीवन का विचार मुख्य रूप से कुंडली के सप्तम भाव, सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी), और विवाह के कारक ग्रह, पुरुष के लिए शुक्र और स्त्री के लिए बृहस्पति से विचार किया जाता है। जब…

सहज परिस्थितियों में तो हर कोई बेहतर काम कर लेता है, लेकिन विपरीत परिस्थितियां ही ‘नेचुरल लीडर्स’ या असाधारण व्यक्तित्व का जन्म होता है। जब मुश्किलें सामने आती हैं, तभी इंसान में निखार आता है ! व्यक्ति के भीतर का…

कुलार्णव तंत्र के नौवें उल्लास के आधार पर माता पार्वती भगवान शिव से कहती हैं :– “जीवः शिवः शिवो जीवः स जीवः केवलः शिवः। पाशबद्धः स्मृतो जीवः पाशमुक्तः सदाशिवः॥” आपके द्वारा उद्धृत यह पंक्तियाँ सनातन धर्म के ‘अद्वैत वेदांत’ और…