हिन्दुओं का धर्मान्तरण करवाने वालों का गढ़ है केरल ? Yogesh Mishra

केरल में आई बाढ़ को लेकर केंद्र की सत्ता राज्य के मदद के लिए मुंह मांगी रकम देने को तैयार है | इसके साथ ही अनेकों अनेक सामाजिक संगठन, बैंक और विभिन्न विभाग के लोग भी केरल की मदद के…

केरल में आई बाढ़ को लेकर केंद्र की सत्ता राज्य के मदद के लिए मुंह मांगी रकम देने को तैयार है | इसके साथ ही अनेकों अनेक सामाजिक संगठन, बैंक और विभिन्न विभाग के लोग भी केरल की मदद के…

सभी की उत्सुकता का केन्द्र ‘भविष्य’ का ज्ञान अर्जित करने के लिए ‘पंचांगुली साधना’ सर्वश्रेष्ठ मानी गई है, जिसके माध्यम से अपने या किसी भी व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान को आसानी से जाना जा सकता है। पंचांगुली साधना…

मत्यु एक ऐसा भयावह शब्द है, जिसका नाम सुनते ही शरीर में सिहरन दौड़ जाती है। किंतु यह भी एक शाश्वत् सत्य है कि मृत्यु एक दिन सभी को आनी है। लेकिन दुःखद स्थिति तब उत्पन्न हो जाती है जब…

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति को कभी मानवता पर हावी नहीं होने दिया। यही वजह है कि उन्होंने हमेशा गलत को गलत ही बताया और सही को सही। यही वजह है कि आज भी उनके विरोधी उनकी इसी…

‘रावण’… दुनिया में इस नाम का दूसरा कोई व्यक्ति नहीं है। कुछ विद्वानों अनुसार रावण छह दर्शन और चारों वेद का ज्ञाता था इसीलिए उसे दसकंठी भी कहा जाता था। रावण का राज्य विस्तार : रावण ने सुंबा और बालीद्वीप…

रामलीला की अभिनय परंपरा के प्रतिष्ठापक गोस्वामी तुलसीदास हैं, इन्होंने हिन्दुओं को जोड़ने के लिये हिंदी में जन मनोरंजनकारी नाटकों का अभाव पाकर राम लीला का श्रीगणेश किया था । इन्हीं की प्रेरणा से पहले काशी फिर अयोध्या के तुलसी…

1857 की शिकश्त के बाद अंग्रेजों ने यह महशूस हुआ कि यदि भारत को सदैव-सदैव के लिये गुलाम बनाना है तो भारत में ब्राह्मणों का प्रभाव ख़त्म करना होगा क्योंकि उन्होंने ही 1857 की पूरी योजना का निर्माण किया था…

हम सभी जानते हैं कि कृतिम परफ्यूम और इत्र में मूल रूप से बहुत अंतर है | कृतिम परफ्यूम केमिकल से बनाया जाता है और इसमें सुगंध के लिए अनेक तरह के केमिकल या मूल इत्र के कुछ अंश का…

अपने पूर्व जन्म के कर्मों के अनुसार जन्मकालिक विशिष्ट ग्रह स्थितियां में व्यक्ति का जन्म होता है | जिस विशिष्ठ ग्रह स्थिती के अनुसार गणना द्वारा ज्योतिष के जानकर आपके भाग्य के लाभों का निर्धारण करते हैं | किन्तु ऐसा…

प्रायः वर्णसंकर संतानों और विधर्मीयों को कहते पाया जाता है कि कुलदेवता आदि का जीवन में कोई महत्व नहीं है | दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि सनातन धर्म का परित्याग कर देने के बाद या…