तांत्रिक हमले की पहचान कैसे करें ? : Yogesh Mishra

तंत्र से हमला एक बहुत ही सामान्य घटना है | इन हमलों से प्रभावित व्यक्ति पर किसी भी तरह की कोई दवा काम नहीं करती है और न ही कोई सामाजिक उपाय ही काम करते हैं | इनका उपचार बस…

तंत्र से हमला एक बहुत ही सामान्य घटना है | इन हमलों से प्रभावित व्यक्ति पर किसी भी तरह की कोई दवा काम नहीं करती है और न ही कोई सामाजिक उपाय ही काम करते हैं | इनका उपचार बस…

अश्वत्थामा राजाबलि महर्षि वेदव्यास भगवान राम के सेवक वीर हनुमान और लंका के राजा विभीषण कृपाचार्य और भगवान परशुराम यह सात महापुरुष चिरंजीवी है। सिंह लगन का गुरु शुक्र कर्क चन्द्रमा दूसरे स्थान में कन्या राशि का हो और पापग्रह…

गलत मंत्र का जप किसी भी अनुष्ठान करने या करवाने वाले व्यक्ति का सर्वनाश कर सकता है | मंत्र एक ऊर्जा का स्रोत है | ब्रम्हांड के अंदर ईशवरीय ऊर्जा विभिन्न रूप तैरती रहती है, उन ईशवरीय ऊर्जाओं को आकर्षित…

जीवन के संघर्ष को समाप्त करने के लिये ज्योतिष में अनेक विधायें हैं | जिनके द्वारा व्यक्ति अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है | उसी में एक विधा है सही नाम का चयन | अर्थात प्रत्येक अक्षर की अपनी…

राहु कब सब कुछ देता है और कब सब कुछ छीनता है | राहु-केतु छाया ग्रह हैं, परंतु उनके मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर हमारे तत्ववेत्ता ऋषि-मुनियों ने उन्हें नैसर्गिक पापी ग्रह की संज्ञा दी है।…

किसी भी व्यक्ति की कुण्डली के बारह भावों में बारह राशियों सहित नौ ग्रह विद्यमान होते हैं। सात मुख्य ग्रहों के साथ ही दो छाया ग्रहों, राहु व केतु की व्यक्ति के जीवन में महती भूमिका होती है। अलग-अलग राशि…

प्रत्येक मनुष्य ही इच्छा होती है कि वह सभी भौतिक सुख सुविधाएँ प्राप्त करें| जब इनकी इच्छित भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्त होने लगती है तो इसी स्थिति को जयोतिष की भाषा में भाग्योदय कहते हैं| दूसरे शब्दों में जब…

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार आपकी कुंडली में ग्रहों की दशा के अनुसार यह बताया जा सकता है कि आपके नसीब में प्यार है या नहीं। आइये जानते हैं कि कुंडली में ऐसे कौनसे कारक होते हैं जो प्रेम योग को दर्शाते…

महर्षि पाराशर ने प्रत्येक ग्रह को निश्चित आयु पिंड दिये है,सूर्य को 18 चन्द्रमा को 25 मंगल को 15 बुध को 12 गुरु को 15 शुक्र को 21 शनि को 20 पिंड दिये गये है उन्होने राहु केतु को स्थान…

किसी जातक विशेष के व्यवसाय इत्यादि के बारे में जानने के लिये सर्वप्रथम लग्न के सब-सब लार्ड को जानें । अगर इसका संबंध/योग/लिंकेज 6ठे भाव से, 7वें भाव से, 10वें भाव से बन रहा है तो जातक विशेष को 6ठे,…