जीवन में कुण्डली के अष्टम भाव का महत्व : Yogesh Mishra

अष्टम भाव से व्यक्ति की आयु व मृत्यु के स्वरुप का विचार किया जाता है| इस दृष्टि से अष्टम भाव का महत्व किसी भी प्रकार से कम नही है| क्योंकि यदि मनुष्य दीर्घजीवी ही नही तो वह जीवन के समस्त…

अष्टम भाव से व्यक्ति की आयु व मृत्यु के स्वरुप का विचार किया जाता है| इस दृष्टि से अष्टम भाव का महत्व किसी भी प्रकार से कम नही है| क्योंकि यदि मनुष्य दीर्घजीवी ही नही तो वह जीवन के समस्त…

महूर्त विज्ञान के कुयोग या दुर्योग वह योग हैं | जिनमे आरम्भ किये गए कार्यों में असफलता और निराशा हाथ लगती है | इन योगों में आरम्भ अथवा प्रतिष्ठित किये गए कार्यों का प्रतिफल हानि, संकट और कष्ट के रूप…

फलित ज्योतिष के अनुसार किसी भी जातक के जीवन में ‘मारकेश’ ग्रह की दशा के मध्य घटने वाली घटनाओं की सर्वाधिक सटीक एवं सत्य भविष्यवाणी की जा सकती है, क्योंकि मारकेश वह ग्रह होता है जिसका प्रभाव मनुष्य के जीवन…

विश्व में कोई भी ऐसी कुंडली नहीं है जो मारकेश से मुक्त हो और मारकेश का तात्पर्य कभी भी मृत्यु हो जाना भी नहीं है | मारकेश का तात्पर्य सदैव मृत्यु तुल्य कष्ट से है | किसी व्यक्ति का इतना…

कलंक या बदनामी किसी भी इंसान के लिए सबसे बुरा वक्त कहा जा सकता है । कई बार जीवन में आप कुछ भी गलत नहीं कर रहे होते हैं फिर भी जब कालचक्र की गति विपरीत होती है तो आप…

सरकारी नौकरी के प्राप्ति के लिये ज्योतिषीय विश्लेषण के हमारे शास्त्रों मे कई सूत्र दिये गये हैं। भाव: कुंडली के पहले, दसवें तथा ग्यारहवें भाव और उनके स्वामी से सरकारी नौकरी के बारे मैं जान सकते हैं। सूर्य. चंद्रमा व…

शिक्षक का हमारे समाज में महत्वपूर्ण स्थान होता है। किसी भी छात्र को योग्य बनाने व उसको शारीरिक व मानसिक तौर पर सक्षम बनाने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। जैसा कि हमारे शास्त्रों में विदित है माता-पिता के…

सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और दैनंदिन वार और नक्षत्रों के संयोग से पड़ने वाले ज्योतिषीय योगों के अलावा भी कुछ शुभ योग होते हैं | यह योग इस प्रकार से हैं – कुमार योग – प्रतिपदा,…

लग्नाधिपति और गुरु या शुक्र का केन्द्र में स्थापित होना जातक को दीर्घ जीवी और राजनीति में सफ़ल होने के लिये अपनी युति देता है तो ऐसे जातक को जीवन भर स्वस्थ शरीर का सुख बना रहता है। जन्म राशि…

मौत के आठ प्रकार माने गये है। केवल शरीर से प्राण निकलना ही मौत की श्रेणी में नही आता है अन्य प्रकार के कारण भी मौत की श्रेणी में आते है। इन आठ प्रकार की मौत का विवरण इस प्रकार…