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जानिये कि “आन्दोलन” आपकी “आवश्यकता” है या “शौक” ! Yogesh Mishra

किसी भी वस्तु की “आवश्यकता” व्यक्ति को निरंतर उस वस्तु की तरह आकर्षित करती रहती है जैसे मनुष्य के जिंदा रहने के लिए रोटी की जरूरत है ! जिसे व्यक्ति बचपन से लेकर व्रद्धावस्था तक, जब तक जीवित रहता है…

कृपया “समाज को विकृत करने वाले कुंडली परामर्श न लें !” Yogesh Mishra

आज सायंकाल मेरे यहां एक “जयसवाल साहब” अपनी “पजेरो गाड़ी” से कुंडली परामर्श हेतु आए थे ! उन्होंने अपने बेटे की कुंडली मेरे सामने परामर्श हेतु रखी जो कि “तुला लग्न” की कुंडली थी ! उसके पंचम भाव में मंगल…

एक “भगवा व्यवसाई” का “राष्ट्रप्रेम” | Yogesh Mishra

“आज भारत की अर्थव्यवस्था पर विदेशी कंपनीयों का बहुत बड़ा कब्जा है, अब समय आ गया है कि विदेशी उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाएँ ! इस स्वतंत्रता दिवस पर स्वदेशी इस्तेमाल करने का संकल्प लें!“ ऐसा एक “भगवा व्यवसाई”…

कहाँ गये “भगवाधारी” देश के “कर्णधार” Yogesh Mishra

हर गांव में “गुरुकुल” खुलेगा ! “मैकाले” की शिक्षा नीति के तहत चलने वाले सभी शिक्षण संस्थायें स्वतः बंद हो जायेंगी ! अब हिंदुस्तान में हर व्यक्ति “आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां” खाकर के स्वस्थ हो जाएगा “एलोपैथी दवाइयां” बिकनी बंद हो…

आखिर “वैचारिक आंदोलन” करेगा कौन और किसके लिये ? Yogesh Mishra

( राष्ट्र हित में गंभीर चिंतन, कमेंट जरुर करें ) आंदोलन या तो आभाव से पैदा होता है या चिंतन से ! और इन दोनों से अलग हटकर जो आंदोलन पैदा होता है ! वह आंदोलन नहीं आंदोलन का भ्रम…

जानिये भाग्य ऊर्जा के लिये पयोधि मणि कैसे कार्य करती है Yogesh Mishra

मणि कोई हीरा, पन्ना, माणिक आदि पत्थर नहीं है । मणि में छिपे हुये सूक्ष्म शक्ति ही उसकी पहचान है ! जिसको परखना इतना सहज नहीं । हमारे ऋषियों, मुनियों, मनीषियों ने मणियों की इस दिव्य ऊर्जा को पहचान लिया…

जानिये राजनीति से अपराधीकरण ख़त्म क्यों नहीं होता है !! Yogesh Mishra

हमारे देश के सांसदों की माली हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज दोनों सदनों के सांसदों की घोषित संपत्ति दस हजार करोड़ रुपये (एक खरब) से अधिक है ! चुनाव आयोग के अनुसार, वर्तमान…

राजीव दीक्षित की विचारधारा के अनुरूप राष्ट्र खड़ा क्यों नहीं हो पा रहा है ! Yogesh Mishra

निसंदेह राजीव दीक्षित का चिंतन और उनकी विचारधारा राष्ट्र को एक सशक्त स्वरूप में खड़ा कर सकती है ! राष्ट्र के नागरिकों का आहार-विहार-विचार जो आज दूषित है, यही राष्ट्र के पतन का कारण है ! जिसे निरंतर राजीव दीक्षित…

आखिर हिंदुओं की सरेआम हत्या कब तक होगी ? Yogesh Mishra

भारत के तथाकथित “राष्ट्रवादी” सामाजिक और राजनैतिक संगठनों का पूर्व के सत्ताधीश राजनीतिक दल पर यह आरोप था कि उस राजनीतिक दल का संसदीय मुखिया “कुछ बोलता ही नहीं” और राजनैतिक मुखिया क्योंकि “विदेशी पृष्ठभूमि” का है ! अतः उसका…

आखिर इन “हिन्दू गौ रक्षकों” से खतरा किसको है ? Yogesh Mishra

देश के प्रधानमंत्री ने दो टूक निर्देश देते हुए राज्य सरकारों को यह कहा है कि “यदि गौरक्षा के नाम पर कोई भी व्यक्ति देश की कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेता है, तो उसके विरुद्ध “सख्त से सख्त कार्यवाही”…