कलयुग में सबसे सफल है “शाबर ज्योतिष” | Yogesh Mishra

भगवान शिव से बड़ा ज्योतिष और तंत्र का जानकार इस पृथ्वी पर कभी कोई पैदा नहीं हुआ ! यहां तक मैं कह सकता हूं कि रावण ने भी भगवान शिव की कृपा से ज्योतिष और तंत्र की जानकारी प्राप्त की…

भगवान शिव से बड़ा ज्योतिष और तंत्र का जानकार इस पृथ्वी पर कभी कोई पैदा नहीं हुआ ! यहां तक मैं कह सकता हूं कि रावण ने भी भगवान शिव की कृपा से ज्योतिष और तंत्र की जानकारी प्राप्त की…

प्रायः ज्योतिष में कुण्डली दिखाते वक्त लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं अपने जीवन में कितना विकास करूँगा ! आज में इसकी गणना का सिधान्त बतला रहा हूँ ! जैमिनी ज्योतिष में राहु और केतु को छोड़कर अन्य सभी सातों…

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ज्योतिष में चंद्रमा की गति के अनुसार महादशा की गणना की जाती है | प्रत्येक ग्रह की महादशा के अंदर अंतर्दशा, अंतर्दशा के अंदर प्रत्यंतर दशा, प्रत्यंतर दशा के अंदर सूक्ष्म दशा और…

हरिवंश पुराण में लिखा है की द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने भाद्रपद की अष्टमी बुधवार रोहिणी नक्षत्र में अवतार लिया। भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत में अपने विराट स्वरूप का दर्शन कराते हुए अर्जुन को दिव्य ज्ञान देते हुए संदेश…

केरल में आई बाढ़ को लेकर केंद्र की सत्ता राज्य के मदद के लिए मुंह मांगी रकम देने को तैयार है | इसके साथ ही अनेकों अनेक सामाजिक संगठन, बैंक और विभिन्न विभाग के लोग भी केरल की मदद के…

सभी की उत्सुकता का केन्द्र ‘भविष्य’ का ज्ञान अर्जित करने के लिए ‘पंचांगुली साधना’ सर्वश्रेष्ठ मानी गई है, जिसके माध्यम से अपने या किसी भी व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान को आसानी से जाना जा सकता है। पंचांगुली साधना…

मत्यु एक ऐसा भयावह शब्द है, जिसका नाम सुनते ही शरीर में सिहरन दौड़ जाती है। किंतु यह भी एक शाश्वत् सत्य है कि मृत्यु एक दिन सभी को आनी है। लेकिन दुःखद स्थिति तब उत्पन्न हो जाती है जब…

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति को कभी मानवता पर हावी नहीं होने दिया। यही वजह है कि उन्होंने हमेशा गलत को गलत ही बताया और सही को सही। यही वजह है कि आज भी उनके विरोधी उनकी इसी…

‘रावण’… दुनिया में इस नाम का दूसरा कोई व्यक्ति नहीं है। कुछ विद्वानों अनुसार रावण छह दर्शन और चारों वेद का ज्ञाता था इसीलिए उसे दसकंठी भी कहा जाता था। रावण का राज्य विस्तार : रावण ने सुंबा और बालीद्वीप…

रामलीला की अभिनय परंपरा के प्रतिष्ठापक गोस्वामी तुलसीदास हैं, इन्होंने हिन्दुओं को जोड़ने के लिये हिंदी में जन मनोरंजनकारी नाटकों का अभाव पाकर राम लीला का श्रीगणेश किया था । इन्हीं की प्रेरणा से पहले काशी फिर अयोध्या के तुलसी…