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राजनीति में तंत्र का प्रयोग क्या उचित है ? Yogesh Mishra

2019 में बनारस लोकसभा का चुनाव बड़ा दिलचस्प है ! बनारस संसदीय सीट ने नामांकन दाखिला की अंतिम तिथि को भी दो रिकार्ड बनाये हैं ! पहला वाराणसी संसदीय सीट से इस बार 102 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है…

लगता है देश में सब “समस्या” समाप्त हो गई है ! Yogesh Mishra

पिछले लोकसभा चुनाव के पहले “सोशल मीडिया”, “प्रिंट मीडिया” और “इलेक्ट्रॉनिक मीडिया” यह तीनों ही भारत की गंभीर-गंभीर समस्यायें गिनाया करते थे ! जैसे कि भारत के अंदर छह करोड़ बांग्लादेशी घुस आए हैं और पूरे भारत में स्लीपिंग सेल्स…

पाखंडी बाबा का स्वदेशी उत्पादन का सत्य | Yogesh Mishra

एक अति विकसित गांव था ! उस गांव के अंदर गांव की आवश्यकता के अनुरूप सभी चीजों का निर्माण होता था ! लोग कोल्हू से तेल निकालते थे, वैध आयुर्वेदिक दवा बनाते थे ! खाने-पीने का सामान बनाते थे !…

राजीव दीक्षित जी की मरणोपरांत “हत्या” | Yogesh Mishra

जैसा कि मेरे निजी संज्ञान में है कि राजीव दीक्षित एक ऐसे राष्ट्रवादी चिंतक, विचारक और वक्ता थे ! जिन्होंने अपना पूरा जीवन “भारत के विनाश के मूल कारणों” को खोजने में लगा दिया और इतना ही नहीं इस “विनाश…

राजीव दीक्षित जैसा बनने की कोशिश मत करो ! Yogesh Mishra

आजकल मैं देख रहा हूं कि बहुत से लोग राजीव दीक्षित जैसी शैली में वक्तव्य देकर, भगवा या सफेद कपड़े पहन कर, दाढ़ी-मूछें, बाल बढ़ाकर राजीव दीक्षित जैसा बनने की कोशिश कर रहे हैं ! लेकिन राजीव दीक्षित ने न…

राष्ट्रवादी आंदोलनों” को असफल करने की रणनीति Yogesh Mishra

आंदोलन दो मुख्य कारणों से खड़े किए जाते हैं ! पहला “भ्रम पैदा करके सत्ता को प्राप्त करने के लिए” जैसा कि प्रायः अधिकांश राजनैतिक दल करते हैं ! दूसरा “राष्ट्र की समस्याओं को समाप्त करने के लिये” जैसा कि…

जानिए क्यों लोकतंत्र किसी भी समस्या का समाधान नहीं है ! Yogesh Mishra

ब्रिटिश शासन पद्धति द्वारा गठित भारत की “संविधान निर्मात्री सभा” में जो शासन के लिए “लोकतांत्रिक पद्धति” अपनाई गई है वह वास्तव में नितांत अव्यवहारिक, निर्बल तथा राष्ट्रघाती पद्धति है ! इस पद्धति के द्वारा कभी भी कोई भी राष्ट्र…

क्या भारत का “संत समाज” मर गया है ? Yogesh Mishra

इतिहास गवाह है कि जब कभी भी “हिंदू सभ्यता और संस्कृति” पर कोई बड़ा हमला हुआ है, तो “संत समाज” ने सदैव आगे आ कर उस हमले को निष्क्रिय किया है ! पर आज हिंदू समाज पर “धर्मांतरण” के नाम…

राजसत्ता के विश्वासघात से पैदा होते हैं “गोडसे” Yogesh Mishra

विश्व में जिस तरह “एडोल्फ हिटलर” को आज एक विलेन के रुप में देखा जाता है, उसी तरह भारत की राजनीतिक में राष्ट्रभक्त “नाथूराम गोडसे” को भी एक विलयन के रुप में देखा जाता है ! प्रश्न यह है कि…

विदेशी घुसपैठियों को भारत में विशेष सुविधायें क्यों दी जा रही है ? Yogesh Mishra

पूर्व में एक आर.एस.एस. के पूर्णकालिक स्वयंसेवक जिन्होंने देश की सेवा के लिए विवाह भी नहीं किया था, वह देश की सेवा करते-करते देश के प्रधानमंत्री हो गये ! उन्होंने हिंदुस्तान के मुसलमानों पर तरस खाकर उन्हें खाड़ी मुल्कों में…