ईश्वर किसी भक्त पर कृपा नहीं करता है

वैष्णव धर्म के कथावाचक दुकानदारों ने अपना धंधा चलाने के लिए यह एक आम अवधारणा विकसित की है, कि “भक्ति धर्म का अनिवार्य अंग है !” और भक्ति से ईश्वर तथा मोक्ष की कृपा प्राप्त होती है ! जब कि…

वैष्णव धर्म के कथावाचक दुकानदारों ने अपना धंधा चलाने के लिए यह एक आम अवधारणा विकसित की है, कि “भक्ति धर्म का अनिवार्य अंग है !” और भक्ति से ईश्वर तथा मोक्ष की कृपा प्राप्त होती है ! जब कि…

( संस्थान में पारिवारिक सदस्यों के होलाष्टक अनुष्ठान मात्र 51 ही बुक हो सकेंगे ) भगवान शिव की अदालत लग चुकी है ! जिसके कोतवाल भैरव जी महाराज हैं ! पेशकर शनि देव हैं ! जिनकी नजर से कोई नहीं…

सामान्यतः व्यक्ति एक ढर्रे में जिंदगी जीता है और जब कोई सामाजिक व्यक्ति अपना जीवन जीता है तो उसके आसपास भी उसी के बौद्धिक स्तर और आर्थिक स्तर के लोग होते हैं ! और जब कुछ विशेष व्यक्ति देश, काल,…

इतिहास गवाह है, जब-जब महापुरुषों ने अपने विचारों से समाज को बदलने की कोशिश की है, तब तब समाज ने उस विचारक को मौत के घाट उतार दिया ! फिर वह चाहे सुकरात हो, ब्रूनो हो, ओशो हो, रावण हो,…
प्राय: व्यक्ति अपने भविष्य को जानने के लिए बहुत बड़े-बड़े ज्योतिषियों और तांत्रिकों की तलाश करता रहता है, और अपने मेहनत से कमाये धन का लाखों रुपये इन ठगों को रत्न, रुद्राक्ष, पूजा, अनुष्ठान आदि के नाम पर देते रहते…

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वैश्विकरण के बाद विश्व अनेक विषाणु युद्धों के दौर से गुजर रहा है ! फिर चाहे वह एच.आई.वी. हो, इबोला हो या फिर कोरोना ! दवाई बनाने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां इस तरह के…
हमें गरीब कौन बनाता है ? यह एक बहुत गहरा प्रश्न है ! प्राय: लोग आरोप के तौर पर अपनी गरीबी के लिए राजनेताओं, आर्थिक नीतिकारों या शासन-प्रशासन को दोषी मानते हैं ! लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है !…
हमारी वर्तमान शिक्षा नीति हमें उद्यमी नहीं बनाती बल्कि पूरी दुनिया के लिए हमें बौद्धिक मजदूर बना कर भाग्य भरोसे छोड़ देती है ! फिर वह चाहे आई.आई.टी. हो या आई. आई. एम. ! सभी जगह बड़े बड़े प्रतिष्ठानों के…

हम अपने भविष्य के निर्माण में पुनः गलती न करें, इसलिए हमारे पूर्वज इतिहास लिखा करते थे ! और हमारे गौरवशाली इतिहास ने हमें यह बतलाया है कि भारत हमारे पूर्वजों के अथक प्रयास और सूझबूझ से लगभग 600 वर्ष…

इस प्रश्न का उत्तर स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद भगवदगीता दूसरे अध्याय के श्लोक 14,15 और 16 में दिया है ! भगवान व्याकुल अर्जुन से कहते हैं कि हे अर्जुन कर्तव्य-निर्वाह करते हुए मनुष्य को सुख तथा दुःख के…