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धर्म को नाकारता आधुनिक युवा समाज : Yogesh Mishra

 विज्ञान के प्रगति के साथ-साथ व्यक्ति के सोचने, समझने, विचार करने के तरीके में भी बहुत तेजी से परिवर्तन आया है ! आज व्यक्ति तथाकथित धर्म के मूल सिद्धांतों का विश्लेषण आज के विज्ञान के चश्मे से करना चाहता है…

धर्म के सभी प्रपंच धोखा हैं  : Yogesh Mishra

 ईश्वर ने कार्य कारण की व्यवस्था के तहत सृष्टि का निर्माण किया है ! जिसे जीव और प्रकृति मिलकर कार्य कारण की व्यवस्था के तहत चलाते हैं ! इस कार्य कारण की व्यवस्था को न तो देवता बदल सकता है…

द्रष्टा संन्यास आज की आवश्यकता है : Yogesh Mishra

शैव जीवन शैली में संन्यास का सीधा सा तात्पर्य जो भगवान के बनाये हुये संसार को में एक न्यासी के रूप में अपना जीवन यापन करता हो ! अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि ईश्वर की सृष्टि ईश्वर ही…

दीपावली के शुभ अवसर पर श्री यंत्र जागृत अनुष्ठान

दीपावली के शुभ अवसर पर प्रतिवर्ष की तरह संस्थान में शास्त्रीय विधि के अनुसार श्री यंत्र को जागृत किया जा रहा है ! साथ में मंत्र जप के लिए एक असली स्फटिक की माला भी भेंट की जायेगी !  जो…

दिव्य शास्त्रों पर शोध क्यों करें : Yogesh Mishra

प्रायः दिखाया जाता है कि भगवान राम, कृष्ण आदि जैसे महान योद्धा सामान्य तीर-कमान, चक्र, गदा, तलवार, आदि से बड़े-बड़े युद्ध किया करते थे !  जबकि दूसरी तरफ यह भी बतलाया जाता है कि जिन तीर कमानों से वह युद्ध…

तीसरे नेत्र का भोजन ध्यान है : Yogesh Mishra

तंत्र के प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है कि ध्यान ही तीसरी आँख का भोजन है ! यह तीसरा नेत्र  ध्यान के आभाव में जन्‍मों-जन्‍मों से भूखा है ! यही हमारे जीवनी ऊर्जा के पतन का कारण है ! यदि…

तर्पण मात्र अपने पूर्वजों से जुड़ी प्रक्रिया नहीं है : Yogesh Mishra

यह शास्त्रीय अवधारणा है कि तर्पण में पूर्वजों को अर्पित किया जाने वाले जल में दूध, जौ, चावल, तिल, चंदन, फूल आदि से हमारे पूर्वज तृप्त होकर हमें आशीर्वाद देते हैं ! इसके लिये कुशा के सहारे से जल की…

शैक्षिक डिग्री ज्ञान नहीं अहंकार की सूचक है : Yogesh Mishra

 पूरे विश्व में जब उपनिवेशवाद की शुरुआत हुई और लोग हथियार लेकर दुनियां को जीतने निकल पड़े ! तब दुनियां ने जल्द जीत की इच्छा से हथियारों के विज्ञान का विकास हुआ ! विज्ञान के इस विकास के साथ ही…

ज्ञान ही सभी समस्याओं का कारण है : Yogesh Mishra

 ज्ञान और अनुभूति यह दोनों ही अलग-अलग विषय हैं ! प्रायः व्यक्ति ज्ञान को ही महत्व देता है अनुभूति को नहीं क्योंकि अंग्रेजों के शासन काल में जब अंग्रेजों ने भारत पर अपना शासन जमाया, तब उन्हें अपनी शासन व्यवस्था…

जीवन में गीत का महत्व : Yogesh Mishra

मानव ही नहीं समस्त जीव चेतना के तीन आयाम हैं ! एक आयाम गणित, विज्ञान और गद्य का है ! दूसरा आयाम प्रेम, काव्य, संगीत का है और तीसरा आयाम अनिर्वचनीय है ! न उसे गद्य में कहां जा सकता,…