धन का लक्ष्मी से कोई संबंध नहीं है : Yogesh Mishra

आज दुनिया के किसी भी संपन्न देश में कोई भी संपन्न व्यक्ति हिंदुओं को छोड़कर लक्ष्मी की पूजा नहीं करता है ! फिर भी पूरी दुनिया की संपन्नता का 80% पैसा ऐसे लोगों के पास है, जिन्होंने कभी भी लक्ष्मी…

आज दुनिया के किसी भी संपन्न देश में कोई भी संपन्न व्यक्ति हिंदुओं को छोड़कर लक्ष्मी की पूजा नहीं करता है ! फिर भी पूरी दुनिया की संपन्नता का 80% पैसा ऐसे लोगों के पास है, जिन्होंने कभी भी लक्ष्मी…

विषय बहुत सामान्य सा है, लेकिन गंभीर है ! मनुष्य जानवर के मुकाबले उत्तरोत्तर क्रमबद्ध विकास करता है ! इसीलिए आज मनुष्य ने आज हर तरह के जीव-जंतु, पशु-पक्षियों पर अपना नियंत्रण बना लिया है ! इसी नियंत्रण की इच्छा…

क्या आपने कभी विचार किया कि भारत में निर्मित सभी फिल्म और टीवी सीरियल में भारत को दिशा देने वाले गुरुकुलों के आचार्यों को सदैव घास फूस की कुटिया में जमीन पर चटाई बिछा कर बैठे हुए क्यों दिख लाया…

कोई ब्राह्मण को लाख गाली दे लेकिन राष्ट्र हित में ब्राह्मणों से अधिक रिस्क लेने वाला कोई नहीं हो सकता है ! इसका सबसे बड़ा उदहारण फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” है ! जिसके लिये पीड़ित कश्मीरी पंडितों ने कई बार…

प्रत्येक व्यक्ति के शरीर के संचालन का अपना एक निश्चित क्रम होता है ! हमारे शरीर में बहुत से ऊर्जायें प्रत्यक्ष्य और अप्रत्यक्ष्य रूप में निवास करती हैं जो शरीर संचालन के लिये विभिन्न तरह के रसायनों का निर्माण करते…

तंत्र को मूलत: भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को बतलायी गयी वह गुप्त विद्ध्य है जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी आत्मा और बुद्धि को बंधन मुक्त कर के शरीर और मन को शुद्ध कर लेता है ! शैव तंत्र की उपयोगिता…

1911 में चीन में एक राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक क्रांति हुई और किंग राजवंश को उखाड़ फेंका गया और उसके स्थान पर चीन एक गणतंत्र के रूप में जाना गया ! शिन्हाई विकास, जैसा कि इसे कहा जाता था ! चीन में…

गांधी स्वयं को कष्ट देकर दूसरे पर दबाव बने की स्त्रियोचित आन्दोलन व्यवस्था की कला के आविष्कारक नहीं थे बल्कि यह उनके गुजराती परिवार महिलाओं द्वारा सदियों से इस्तेमाल की जाने वाले संस्कार की अभिव्यक्ति मात्र थी ! गुजरात कभी…

महात्मा गांधी का बड़ा बेटा हरिलाल गाँधी 27 जून 1936 को नागपुर में इस्लाम कबूल करके मुसलमान बन गया था और 29 जून 1936 को उसने मुंबई में इसकी सार्वजनिक घोषणा की थी कि वह अब हरिलाल गांधी नहीं बल्कि…

वैश्विक तानाशाहों से निडर होकर श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा था कि भारत गरीबों का देश हो सकता है किंतु भारत स्वयं में गरीब नहीं है, क्योंकि श्रीमती इंदिरा गांधी का यह मत था कि भारत के अंदर व्याप्त सभी…